सत्र में नौ विधेयक पर सरकार की मोहर

0
172

देहरादून(संवाददाता)। मुख्मयंत्री ने लम्बे समय से धर्मांतरण कराने वाले शैतानों को लेकर अपना कडा रूख कर रखा है और उन्होंने साफ संदेश दिया हुआ है कि राज्य के अन्दर कोई भी भोली भाली जनता को धर्मांतरण के जाल में फसाने का कुचक्र रचेगा उसकी नाक में नकेल डाल दी जायेगी। मुख्यमंत्री ने आवाम से किये वायदे को निभाने के लिए गैरसैंण के सत्र में नौ दमदार विधेयक पटल पर रखे जिन्हें हरी झंडी मिल गई और अब धर्मांतरण और अल्पसंख्यक विधेयक भी पास हो गया और इससे उन शैतानों पर सीएम का बडा वार माना जा रहा है जो राज्य के अन्दर एक लम्बे समय से धर्मांतरण कराने की साजिश को अंजाम देते आ रहे हैं।
विधानसभा में आज उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड समाप्त करने का विधेयक पास हो गया। विपक्ष के भारी शोरगुल के बीच सख्त धर्मांतरण विधेयक को भी मंजूरी दे दी गई। कानून व्यवस्था को लेकर सदन में शोर मचा रहे विपक्ष के विधायकों के बीच धर्मांतरण विधेयक को पारित करने के प्रस्ताव को धर्मस्य मंत्री सतपाल महाराज ने सदन के सम्मुख रखा जिसपर सत्ता पक्ष के विधायकों ने अपने बहुमत के आधार पर पारित करवा लिया। उत्तराखंड में अगले साल मदरसा बोर्ड खत्म करने के विधेयक को मंजूरी दिए जाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री की ओर से संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने रखा ,जिसे सत्तापक्ष के विधायकों ने ‘हांÓ कह कर पारित कर दिया। विपक्ष के विधायक इस दौरान शोर शराबा करते रहे। सरकार की तरफ से अनुपूरक बजट और अन्य विधेयक भी सदन में चर्चा के लिए रखते हुए एक के बाद एक पास करवा लिए।
धर्मांतरण संशोधन विधेयक में इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता (संशोधन अधिनियम 2०25) है। इसमें प्रलोभन की भाषा भी परिभाषित की गई है और कहा गया है कि प्रलोभन का अर्थ है और इसमें किसी प्रलोभन की पेशकश जैसे कोई उपहार, परितोषण, आसान धन या भौतिक लाभ, चाहे नकद या वस्तु के रूप में रोजगार, किसी धार्मिक संस्था द्वारा संचालित स्कूल कालेज में निशुल्क शिक्षा या विवाह करने का वचन देना, या बेहतर जीवन शैली, दैवीय अप्रसन्नता, या किसी धर्म की प्रथाओं, अनुष्ठानों और समारोह या किसी अप्रिय अंग को किसी अन्य धर्म के सम्बन्ध में हानिकारक तरीके से चित्रित करना, या एक धर्म को दूसरे धर्म के विरूद्व महामंडित करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन के अन्दर आज उत्तराखण्ड निधि विद्यालय संशोधन विधेयक 2०25, उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण निरसन विधेयक 2०25, समान नागरिक संहिता उत्तराखण्ड संशोधन विधेयक 2०25, उत्तराखण्ड पंचायती राज संशोधन 2०25 उत्तराखण्ड लोकतंत्र सैनानी विधेयक 2०25, उत्तराखण्ड उत्तर प्रदेश बद्रीनाथ तथा केदारनाथ मन्दिर अधिनियम 1939 संशोधन विधेयक 2०25 पारित कराकर जनता के बीच एक बार फिर अपनी बडी धमक दिखा दी।

LEAVE A REPLY