सीएम पर अभेद विश्वास दिखाती मातृशक्ति

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देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री हमेशा मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बडे विजन के साथ दस साल से काम करते आ रहे हैं और यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने भी प्रधानमंत्री के इस विजन को राज्य के अन्दर धरातल पर उतारने के लिए जबसे मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपने कदम आगे बढाये हैं उसके चलते आज वह मातृशक्ति के लॉडले बन चुके हैं और उन्हें यह विश्वास हो चला है कि मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड में मातृशक्ति को एक नई पहचान दिलाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उत्तराखण्ड की कमान सम्भाल रहे मुख्यमंत्री चार साल से बेदाग सत्ता चला रहे हैं और उन्होंने राज्य की मातृशक्ति के दिलों में अपनी जो एक नई पहचान बनाई है उसी के चलते आज हर तरफ मुख्यमंत्री पर महिलाओं व बुजुर्गों के आशीर्वाद की जो बारिश बरस रही है उसे देखकर हर कोई यही मान रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री ने अपनी सादगी से सबका दिल जीतने मे जो ऊंची उडान भरी है उसने कहीं न कहीं भाजपा के ही कुछ बडे राजनेताओं की नींद उडाकर रख दी है। देश मे कभी भी किसी राज्य के मुख्यमंत्री को बुजुर्ग महिलाओं द्वारा आशीर्वाद दिये जाने की तस्वीरें देखने को नहीं मिलती हैं लेकिन उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री जहां पर भी कार्यक्रम मे हिस्सा लेने के लिए पहुंचते हैं वहां मातृशक्ति उन्हें लम्बी आयु और अभेद सत्ता मे बने रहने का खुला आशीर्वाद देते हुए दिखाई दे रही हैं और उनके इस आशीर्वाद की तस्वीरें देखकर साफ झलकता है कि मुख्यमंत्री अपने आपको जनसेवक समझकर ही आवाम के बीच जाकर उनसे मुलाकात करते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार चलाने के लिए सादगी और अपने सरल स्वभाव को पैमाना बना रखा है यही कारण है कि राज्य के अन्दर आवाम उनकी सादगी का पिछले तीन सालों से कायल हो रखा है। मुख्यमंत्री को भाजपा के दिग्गज राजनेता फ्लावर और फायर के रूप मे भी देखते आ रहे हैं और उनका साफ कहना है कि आम इंसान के लिए मुख्यमंत्री फ्लावर हैं तो वहीं अपराधियों, माफियाओं, भ्रष्टाचारियों और घोटालेबाजों के लिए वह हमेशा फायर की मुद्रा मे रहते हैं। मुख्यमंत्री ने अपने तीन साल के कार्यकाल में आंदोलनकारियों को यह संदेश दिया कि वह हमेशा उनके साथ खडे हैं और राज्य का निर्माण ही उनके आंदोलन से हुआ है जिसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। उत्तराखण्ड का निर्माण करने मे मातृशक्ति का सबसे अह्म रोल है और यही कारण है कि मुख्यमंत्री गढवाल से लेकर कुमांऊ तक मातृशक्ति को स्वरोजगार से जोडकर उन्हें तेजी के साथ आत्मनिर्भर बनाने के मिशन में आगे बढे हुये हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों मे स्वरोजगार के मेले लगाकर वहां मातृशक्तियों के द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों का आवाम के सामने चित्रण कर रखा है जिससे उनके द्वारा बनाये जा रहे उत्पादों की उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में खूब धूम मच रही है और वह रोजगार के क्षेत्र में अपने आपको अब आत्मनिर्भर की कतार मे खडे हुये पा रही हैं।
उत्तराखण्ड के अन्दर सत्ता चलाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कभी भी अहंकार रूपी रूप धारण नहीं किया और वह सबके साथ एक जैसा व्यवहार बनाकर सबके दिलों पर राज करने मे सफलता की सीढी तेजी के साथ चढते हुए ही नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बच्चों के बीच काफी प्रसिद्ध हो चुके हैं और बच्चे उन्हें अंकल मामा पुकार रहे हैं तो वहीं किसी भी कार्यक्रम मे शामिल हो रहे मुख्यमंत्री के साथ युवा पीढी और मातृशक्ति खूब सैल्फी लेते हुए दिखाई दे रहे हैं और मुख्यमंत्री ने कभी भी सैल्फी लेने वालों को अपने आपसे दूर नहीं किया। युवा पीढी और मातृशक्ति मुख्यमंत्री के साथ सैल्फी लेकर अपने आपको एक अनोखा अनुभव महसूस करते हुए नजर आ रहे हैं और उन्हें यह दिखाई दे रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तो अपने आपको कभी भी ऐसा प्रस्तुत नहीं करते कि वह राज्य के मुखिया हैं। मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देने के लिए हमेशा मातृशक्ति और बुजुर्ग महिलायें जिस तरह से आगे आती हैं उससे साफ झलक चुका है कि मातृशक्ति मुख्यमंत्री को उत्तराखण्ड का रक्षक मानकर उनके हाथों मे ही सत्ता की बागडोर रखने का संकल्प लिये हुये हैं।

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