भ्रष्टाचार से आजादी दिलाते धामी

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के अन्दर भ्रष्टाचार बाइस सालों से नासूर बन गया है और इस भ्रष्टतंत्र को कुचलने के लिए कभी अधिकांश सरकारों के मुखिया ने कोई जज्बा नहीं दिखाया था जिसके चलते भ्रष्टाचारियों के हौसले इतने बुलंद होतें चले गये कि वह भ्रष्टाचार करते हुए यह समझ चुके थे कि उन पर नकेल लगाना किसी के बस में नहीं है? उत्तराखण्ड के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियो के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का शोर देशभर में सुनाई देता था और सैकडों बार ऐसे भ्रष्टाचार की गूंज नैनीताल उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में भी गूंजी थी यह भी किसी से छिपा नहीं रहा? उत्तराखण्ड की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचारमुक्त बनाने का जो वचन राज्यवासियों को दिया था उसको देखते हुए शुरूआती दौर में तो उन्हें यह एक शिगुफा ही नजर आ रहा था लेकिन जैसे-जैसे समय आगे बढता गया तो उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचारियों पर प्रहार होने का जो दौर चला उससे भ्रष्टाचारियों में डर का एक माहौल बनता चला गया और उसी के चलते राज्यवासियों को यह इल्म हो चुका है कि अब उनका यह उत्तराखण्ड भ्रष्टाचारियों से आजाद होने के लिए तेजी के साथ आगे बढ चुका है और मुख्यमंत्री ही छोटे से लेकर बडे भ्रष्टाचारी की नाक में नकेल डालकर उसे जेल की सलाखो के पीछे पहुंचायेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक ऐसे राजनेता बन गये हैं जो कोई भी संकल्प लेते हैं तो उसे पूरा करने तक वह खामोश नहीं बैठते और उसी के चलते अब राज्य के अन्दर भ्रष्टाचारियों व घोटालेबाजों का दौर खत्म होने की दिशा मे तेजी के साथ आगे बढता जा रहा है। मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचारमुक्त विजन को राज्य के अन्दर शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने के लिए रात-दिन एक किये हुये हैं और उन्होंने साफ संदेश दे रखा है कि भ्रष्टाचार करने वाला चाहे कोई कितना भी बडा क्यों न हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी। मुख्यमंत्री ने एक बार फिर दहाड लगाई है कि वह उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार से आजाद करेंगे और इस आजादी मे जो भ्रष्टाचारी दखल देने का दुसाहस करेगा उसे किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जायेगा। मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचारमुक्त उत्तराखण्ड के विजन से काफी सफेदपोश और धंधेबाज धबराये और सहमे हुये हैं और उन्हें यह इल्म हो चुका है कि अगर उन्होंने किसी सरकारी विभाग मे किसी अफसर के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का खेल खेलने का इरादा भी दिखाया तो यह उसके लिए जीवन का सबसे बडा धातक फैसला होगा। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारी व कर्मचारियों को शपथ दिलाई थी कि सब ईमानदारी से काम करेंगे और अपने काम के प्रति निष्ठा दिखाते हुए किसी के साथ भी भ्रष्टाचार नहीं करेंगे। मुख्यमंत्री ने अपने इरादे साफ करते हुए दहाड लगाई थी कि उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार से आजाद करने के लिए वह हर दिन आगे बढते जायेंगे और राज्य के किसी भी व्यक्ति को भ्रष्टाचार की भेंट नहीं चढना पडेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुफिया विभाग के चीफ अभिनव कुमार को भी राज्य मे हर भ्रष्टाचारी पर नजर रखने के लिए साफ संदेश दे रखे हैं जिससे कि राज्य के किसी भी व्यक्ति को सरकारी विभाग मे अपना काम कराने के लिए भ्रष्टाचार से रूबरू न होना पडे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ कहना है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराखण्ड से बेहद लगाव है और वह उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने का जिम्मा उन्हें दिये हुये हैं और उसी के चलते वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रष्टाचारमुक्त भारत के संकल्प को उत्तराखण्ड मे धरातल पर उतारने के लिए आगे आ रखे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के कार्यकाल मे भ्रष्टाचारियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाने का जो बडा ऑपरेशन चला हुआ है वह यह बता रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचारियों की नाक मे किस तरह से नकेल डाल रखी है। सैनिक पुत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को गुलजार करने के लिए रात-दिन एक किये हुये हैं और उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में उनके उत्तराखण्ड के अन्दर न कोई भ्रष्टाचारी रहेगा और न ही अपराध का कोई दानव। मुख्यमंत्री ने मात्र चार साल के भीतर भ्रष्टाचारियों की रीढ की हड्डी पर जो प्रहार किया है उससे आज उत्तराखण्ड भ्रष्टाचार से आजाद होने के लिए अब आगे बढ निकला है।

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