ऑपरेशन कालनेमि से बेनकाब होते धर्मांतरण गिरोह

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देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के अन्दर ऑपरेशन कालनेमि चलाने का जैसे ही हुक्म दिया था उसके कुछ घंटे बाद ही राजधानी के पुलिस कप्तान ने एक बांग्लादेशी समेत पच्चीस कालनेमि के चेहरे बेनकाब कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया था। कप्तान ने ऑपरेशन कालनेमि का कमान संभालते हुए अब तक सवा सौ से ज्यादा कालनेमि सलाखों के पीछे पहुंचाये और उन्होंने एक बडी रणनीति के चलते राजधानी की दो युवतियों को पाकिस्तान और दुबई में बैठे उन शैतानों का चक्रव्यूह तोड दिया था जो सोशल मीडिया पर युवतियों को अपना समुदाय के युवकों के साथ फसाकर उनका निकाह कराने के बाद उन्हें विदेशों में ले जाने का खेल खेलने में जुटे हुये थे। अन्तर्राष्ट्रीय कालनेमि गैंग युवतियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें अपने धर्म को अपनाने के लिए जो शातिराना खेल खेलने में जुटे हुये थे उसे बेनकाब कर पुलिस कप्तान ने राजधानी की दो युवतियों को बचाकर उन्हें धर्मांतरण के चक्रव्यूह से बाहर निकाल लिया। अब मुख्यमंत्री धर्मांतरण को लेकर सख्त रूख में नजर आ रहे हैं और उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि की निगरानी के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर एसआईटी गठित करने का हुक्म दिया है और उनकी रडार पर अब अन्तर्राष्ट्रीय धर्मांतरण गैंग होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाते हुए, जरूरी कदम भी उठाने के निर्देश दिए हैं। आज सचिवालय में उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश होने के साथ ही सनातन की पुण्य भूमि भी है। इसलिए यहां डेमोग्राफी में बदलाव की किसी भी कोशिश को सख्ती से रोका जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे। धर्मांतरण कराने वाले तत्वों के जाल में फंसे लोगों को उचित परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को देखते हुए, धर्मांतरण कानून को और सख्त बनाए जाने की दिशा में तत्काल कदम उठाएं जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऑपरेशन कालनेमी भी ऐसे तत्वों पर लगाम लगाने में सफल रहा है। इस मुहिम को आगे भी चलाए जाने की जरूरत है, इसलिए पुलिस मुख्यालय के स्तर पर, इसकी निगरानी के लिए एसआईटी का गठन किया जाए।

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