त्रिवेन्द्र रावत पर दर्ज हो देशद्रोहःउविपा

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कोटद्वार(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया तो उससे उत्तराखण्ड की राजनीति में भूचाल आ गया और कांग्रेस ने जहां पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ प्रदर्शन और उनके पुतले फूंककर अपनी नाराजगी दर्ज करनी शुरू की है तो वहीं उविपा ने त्रिवेन्द्र रावत पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाकर भाजपा के माथे पर शिंकन ला दी है।
उत्तराखण्ड विकास पार्टी के अध्यक्ष मुजीब नैथानी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत के द्वारा नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताए जाने पर त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग भाजपा सरकार से की है।
मुजीब नैथानी ने कहा कि महात्मा गांधी इस देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। किसी भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पर हमला इस देश पर हमला है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार समेत इस विश्व के अनेकानेक देश महात्मा गाँधी को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का सेनानी ही नहीं वरन दुनिया में अहिंसा का संदेश देने वाले महात्मा के रूप में सम्मान देते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी विदेशों में महात्मा गाँधी के द्वारा स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई का उदाहरण देते हुए भारत के महान देश होने का गर्व महसूस कराते हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जापान में महात्मा गाँधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया। मुजीब नैथानी ने कहा कि महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता की उपाधि भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने दी थी। तब से ही पूरा देश सुभाष चंद्र बोस की दी गई उपाधि को मानते हुए उन्हें राष्ट्रपिता मानता है।
उन्होंने कहा कि कुछ देशद्रोही तत्व सुभाष चंद्र बोस के नाम का सहारा चुनाव के समय तो लेते हैं मगर उनके द्वारा दी गई शिक्षा का पालन नहीं करते हैं । उन्होंने कहा कि अगर नाथूराम गोडसे इतने बड़े देशभक्त थे , तो उनका देश की आजादी में योगदान का स्मरण क्यों नहीं किया जाता है। यदि नाथूराम गोडसे को यह विश्वास था कि हिंसा से ही किसी उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है, तो फिर उन्होंने आजादी प्राप्त करने के लिए अंग्रेजों पर गोली क्यों नहीं चलाई। स्पष्ट है कि नाथूराम गोडसे भारत को अस्थिर करना चाहते थे जिसमें महात्मा गाँधी ने एकीकृत भारत को बनाने के लिए पाकिस्तान जाने की बात कही थी, इससे उनको खतरा पैदा हो गया था कि कहीं पाकिस्तान का फिर से भारत में विलय ना हो जाए।
ऐसे में नाथूराम गोडसे के नापाक उद्देश्यों की पूर्ति कभी नहीं हो पाती, इसलिए अखंड भारत की अवधारणा वास्तविक रूप में धरातल पर न उतर सके इसलिए गाँधी जी की हत्या नाथूराम गोडसे द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए क्योंकि अब भाजपा के गिरिराज सिंह जैसे लोग नाथूराम को देश का सपूत भी बताने लगे हैं , ऐसे तो कल को देश के गद्दारों को भी देश का सपूत बताया जाने लगेगा । कल को कोई दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील,छोटा राजन,अरुण गवली, वीरप्पन ,रोशन, मनमोहन सिंह नेगी आदि को देश का सपूत बताने लगेगा।

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