उत्तरकाशी(चिरंजीव सेमवाल)। बहुचर्चित उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले में शामिल लोगों गिरफ्तारियां प्याज की प परतें की भांती निकल रही हैं। लंबे समय से उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की रडार पर रहे उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के एक इंटर कॉलेज में हाल ही में तैनात हुए शिक्षक को भी पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने गिरफ्तार कर दिया है। आरोपी शिक्षक रायपुर देहरादून का निवासी बताया जा रहा है। वहीं, आरोपी शिक्षक ने भी नकल मामले में कई और राज्य एसटीएफ को बताए हैं। जल्द ही इलाके से नकल कर पास हुए कई और अभ्यर्थियों और उन्हें पेपर लीक करवाने वाले पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना जताई जा रही है। एसटीएफ कड़ी से कड़ी जोडऩे की कोशिश कर रही है। पेपर लीक मामले में यह 17वीं गिरफ्तारी हो चुकी है।
स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग पेपर लीक मामले में लगातार नकल करने वाले अभ्यर्थियों और पेपर लीक करने वाले नकल माफिया पर नकेल कस रही है। 2०21 में हुई उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्थापना की भर्ती परीक्षा का पेपर मामला लगातार चर्चाओं में है। उत्तराखंड एसटीएफ ने उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के नैटवाड़ राजकीय इंटर कॉलेज में तैनात एक शिक्षक तनुज शर्मा निवासी रायपुर चौक देहरादून उत्तराखंड को भी अरेस्ट किया है। अब तक 17 लोग आरोपियों को एसटीएफ इस मामले में अरेस्ट कर चुकी है। एसटीएफ ने गिरफ्तार करने के बाद पुख्ता सबूतों के साथ आरोपी से पूछताछ की तो उसने कई राज उगले हैं। नकल माफिया के तार अब उत्तर प्रदेश से जुड़े बताए जा रहे हैं। जल्द ही एसटीएफ की एक और टीम उत्तर प्रदेश के लिए रवाना होने वाली है। उत्तरकाशी के सीमांत मोरी ब्लॉक में इस भर्ती परीक्षा से करीब 8० युवाओं का चयन होना भी अपने आप में सवाल खड़े कर रहा है। इस मामले में एक भाजपा नेता और एक भाजपा नेत्री का नाम लंबे समय से चर्चाओं में है। जल्द ही एसटीएफ नकल माफिया के और अभ्यर्थियों और गुर्गों तक पहुंच सकती है। यूपी के कई जिलों में एसटीएफ अपनी टीम रवाना कर रही है।
वहीं, जिस मोरी ब्लॉक से शिक्षक को अरेस्ट किया गया है, वह पहले से ही इस पेपर लीक मामले में चर्चाओं में रहा है। अकेले इस इलाके से 8० लोगों का भर्ती परीक्षा में चयन होना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। एक भाजपा नेता जो जिला पंचायत सदस्य भी है, इस मामले में सवालों के घेरे में बताए जा रहे हैं। इससे पहले हुई फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा में भी इस भाजपा नेता का नाम आया था। एसटीएफ ने मुकदमे में भी इसका हाथ होने का भी खुलासा किया था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री का करीबी होने के कारण इस नेता का नाम मामले से हटा दिया गया। फिलहाल यह नेता थाईलैंड में टूरिस्ट वीजा पर गया है। पहले एसटीएफ भी इस खबर को गलत करार देती रही, लेकिन जब थाईलैंड से आरोपी भाजपा नेता खुद एक यू-ट्यूब चौनल पर आनलाइन वर्चुअल माध्यम से जुड़े तो इसका खुलासा हुआ। वहीं, इस नेता ने 1० अगस्त को इंडिया लौटने की बात कही थी, लेकिन आज 13 अगस्त तक भी यह भाजपा नेता कहां, शायद किसी को भी खबर नहीं है।
वहीं, दूसरी विदेश गए इस भाजपा नेता का नंबर भी बंद है। इस जिला पंचायत सदस्य को उत्तरकाशी जिला पंचायत में हुई अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में एसआईटी को बयान दर्ज करवाने थे, लेकिन एसटीएफ और एसआईटी उसका इंतजार करती रही, वह नहीं पहुंचे। अब देखना हो कि यह भाजपा नेता कब तक मीडिया से लेकर पुलिस के समक्ष पहुंचकर अपने बयान दर्ज करवाएगा। इसी नेता के इलाके से यह गिरफ्तारी भी कई राज खोल सकती है। इसके एवज में अभ्यर्थियों से 18-18 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था। इसमें तीन-तीन लाख रुपये परीक्षा से पूर्व और 15-15 लाख रुपये परीक्षा के बाद देना तय हुआ था। यह लेनदेन जसपुर स्थित आवास पर हुआ था। उन्होंने बताया कि पूछताछ उपलब्ध साक्ष्य व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
