उत्तराखण्ड में खिलाडियों का भाग्य होगा उदय

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में इक्कीस सालों से खेल की दुनिया में उत्तराखण्ड का नाम कभी भी उस जज्बे के साथ नहीं लिया जा सका जैसे उत्तराखण्ड के युवाओं द्वारा सैन्य क्षेत्र में जाकर दुश्मनों को अपनी ताकत और शौर्य का इकबाल दिखाते आ रहे हैं। उत्तराखण्ड में खेल की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन सरकार की नीति के चलते उत्तराखण्ड के खिलाडी अपने आपको राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए कभी तैयार नहीं कर पाये जिसके चलते उत्तराखण्ड की युवा पीढी के मन में हमेशा सरकार की नीति से आहत होना पडा। अब जबसे उत्तराखण्ड की कमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हाथों में ली है तो उन्होने खेलों की दुनिया में उत्तराखण्ड का नाम चमकाने के लिए अपने विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार को खेल महकमें की भी बडी जिम्मेदारी सौंपी है जिसके चलते उत्तराखण्ड की युवा पीढी को देश-विदेश में खेलों की दुनिया में नाम रौशन करते हुए देखा जा सके। धामी और अभिनव कुमार के खेल प्रेम से युवा पीढी में एक नया जोश उभरता हुआ दिखाई दे रहा है और यही कारण है कि राज्य के सैकडों खिलाडियों को लगने लगा है कि अब उनका सपना मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव अभिनव कुमार जरूर पूरा करेंगे क्योंकि उनमें जिस तरह से युवा पीढी को खेल की दुनिया में ऊचा देखने का एक जज्बा है उसी के चलते वह अब तक खेल रणनीति को लेकर कुछ राज्यों में वहां की सरकार के साथ बडी रणनीति बनाकर खेलों को पहले पायदान पर लाने के मिशन में आगे बढने लगे हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड राज्य ऐसा राज्य है जहां हर दूसरा युवा देश की रक्षा के लिए सेना में भर्ती होकर दुश्मनों को अपना शौर्य दिखाने की चाहत रखता है और सैकडों युवा ऐसे हैं जो उत्तराखण्ड का नाम खेल की दुनिया में बडा करने का जज्बा रखते हैं लेकिन आज तक की सरकारों में खेल प्रेम को लेकर कोई विजन देखने को नहीं मिला और यही कारण था कि उत्तराखण्ड की युवा पीढी सरकार की खेल नीति के चलते अपने आपको कभी भी उस पायदान पर लाकर खडा नहीं कर पाई जहां पहुंचने की वह उम्मीद में आगे बढने का साहस रखते हैं। उत्तराखण्ड के युवाओं को खेल की दुनिया में तराशने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने विशेष प्रमुख सचिव अभिवन कुमार को एक बडा टास्क सौंपा है। अभिनव कुमार एक ऐसे अफसर हैं जिनमें एक काम करने का बडा जुनून हमेशा देखने को मिला जहां उनका जुनून पुलिस महकमें के अन्दर उत्तराखण्ड से लेकर देश के लोगों ने देखा है वहीं वह श्रीनगर में बीएसएफ में रहते हुए आतंकवादियों को भी अपने जुनून का रूप दिखा चुके हैं इसलिए राज्य की युवा पीढी को इस बात का इल्म है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से अभिनव कुमार को खेल विभाग की जिम्मेदारी दी है उससे साफ नजर आ रहा है कि वह युवा पीढी को खेल की दुनिया में इतनी ऊंचाई तक पहुंचा देंगे जिसे देखकर साफ नजर आयेगा कि उत्तराखण्ड खेल की दुनिया में किस तरह से एकाएक चमकते हुए उभरने लगा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभिनव कुमार को खेल का जिम्मा देकर उत्तराखण्ड को देश में एक बडी ऊंचाई तक पहुंचाने का जो मिशन सौंपा है उस मिशन पर अभिनव कुमार सफलता के साथ आगे बढते जा रहे हैं और वह जिस तरह से अपनी ईमानदारी के लिए उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में पहचाने जाते हैं उसी के चलते अब खेल विभाग में वो खेल नहीं हो पायेगा कि सिफारिश के बल पर कोई अपने आपको खिलाडी के रूप में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगे बढ सके। अभिनव कुमार ऐसे अफसर हैं जो कभी भी सत्य की राह से नहीं डिगे और उन्हें जो सही लगा वह उस काम को करने के लिए हमेशा आगे रहे और उनके होते हुए कोई भी अयोग्य खिलाडी किसी भी योग्य खिलाडी का हक नहीं छीन पायेगा ऐसी उम्मीद अब उत्तराखण्ड की युवा पीढी को खेल महकमें से तो जरूर नजर आने लगी है।

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