देहरादून(संवाददाता)। राजधानी में बीते दिनों लूट की घटनाओं को अंजाम देने वाले फौजी गिरोह के सदस्यों को देहरादून पुलिस ने अरेस्ट किया है। आरोपी बेहद शातिर है और कई थानों में लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं मामले में नवनियुक्त एसएसपी देहरादून दिलीप सिंह कुँवर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना का खुलासा किया है। फौजी गिरोह के सदस्यों से लूटी हुई ज्वेलरी राजधानी पुलिस ने बरामद की है। आरोपियों से पाजेब, चेन नगदी और घटना में इस्तेमाल होने वाला पेचकस पुलिस ने बरामद किया। दूंन एसएसपी ने बताया आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। बताते चलें कि बीते दिनों बड़े ही शातिराना अंदाज में फौजी गिरोह के सदस्यों ने देहरादून के कई थाना क्षेत्रों में लूट की वारदातों को अंजाम दिया। पूछताछ में गिरोह के सरगना फौजी नाथ ने बताया की वह लोग सपेरा बस्ती जनजाति से आते है रुड़की पथरी पास के क्षेत्रों में रहते हैं। सांपों का काम बंद हो जाने के कारण उनके पास धंधा नहीं रहा और इसी कारण उन्होंने गिरोह बनाकर लूट की वारदात की। आरोपी पहले बाबाओं के भेष में घरों की रेकी करते थे और बड़े शायराना अंदाज में अपने घर वापस रवाना हो जाते थे। फिर बस से आईएसबीटी पहुंचकर लूट की जगह के आउटर एरिया तक जाते थे और रात होने का इंतजार करते थे और वहां जंगलों में छिपकर रात होने का इंतजार करते और रात को गिरोह लूट कर फरार हो जाता।
खौफ दिखाने के लिए पेंचकस को बताते थे पिस्तौल
आरोपी बड़े ही शातिर है और पेचकस के पीछे कपड़ा लपेटकर पिस्तौल होने का एहसास लूट करने के दौरान करवाते थे जिससे परिवार खौफ में आ जाता था। पुलिस से बचने के लिए घटना करते वक्त गैंग के सदस्य मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते थे गिरोह के सदस्य पूरी रेकी कर घटना को अंजाम देते थे और सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए भी आरोपियों ने खास तैयारियां की हुई थी और इसी लूट की वारदातों को अंजाम देकर देहरादून से भी सभी आरोपी बच निकले।
बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में था गिरोह
सूत्र वही बड़ी घटना को अंजाम देने की आरोपी फिराक में थे जिस से पहले ही मुखबिर की सूचना पर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी और चारों आरोपियों को घटना से पहले ही पुलिस ने लूटी हुई ज्वेलरी के साथ टी स्टेट के बीच के बने खंडडरो से धर-दबोचा। एसएसपी देहरादून ने बताया कि सभी आरोपियों का अपराधिक इतिहास है और कहीं ऐसी संगीन वारदातों को आरोपी अंजाम दे चुके हैं। बताते चलें कि आरोपी फौजी नाथ रायवाला में हुई न कब जाने की घटनाओं में फरार था और कोटद्वार से चोरी के मुकदमे में जेल जा चुका है।
पतेलनगर पुलिस ने हत्या के आरोपियो को किया गिरफ्तार
देहरादून पुलिस ने पटेलनगर कोतवाली में हुई हत्या का भी खुलासा किया है। महज 3000 रुपये के लेनदेन के चलते आरोपी अंकित और विक्रम ने पवन को मौत के घाट उतार दिया। दून एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया की पवन का अंकित और विक्रम के साथ 3000 रुपये का लेनदेन था ।9 जुलाई को शराब पीने के दौरान पवन और अंकित का पैसों को लेकर विवाद हुआ और गुस्से में अंकित और विक्रम ने कारबारी के जंगल में पवन की हत्या कर शव को गड्ढे में दबा दिया। मामले में पवन के चचेरे भाई नया गांव की चौकी में आकर पवन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके बाद देहरादून पुलिस की जांच पड़ताल शुरू हुई और पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को अरेस्ट किया और मृतक पवन शव जंगलों से बरामद किया। पुलिस आरोपियों के अपराधिक इतिहास की जानकारी खंगाल रही है। दून पुलिस के शानदार कार्य के लिए एसएसपी देहरादून ने लूट का खुलासा करने वाली पुलिस फोर्स को 10 हजार और पटेल नगर में हुए मर्डर का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को रूपये 5000 रुपये इनाम दिए जाने की घोषणा की।
