पुष्कर के मिशन 2०22 पर ग्रहण लगाते ‘अपनेÓ

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री मिशन 2०22 के तहत रात-दिन राज्य के सभी जिलों की ओर अपने कदम आगे बढा रहे हैं और राज्य की जनता के मन में एक विश्वास पैदा कर रहे हैं कि सरकार उनके साथ है और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक को वह विश्वास दिला रहे हैं कि उत्तराखण्ड को ऐसी ऊंचाई पर ले जायेंगे जिसका सपना राज्य के शहीद हुये आंदोलनकारियों ने देखा था लेकिन अजीब बात है कि पुष्कर सिंह धामी के मिशन 2०22 पर पार्टी के ही चंद विधायक ग्रहण लगाने में आगे आ रखे हैं और चंद विधायक आपस में ऐसे एक दूसरे के खिलाफ आग उगल रहे हैं मानो वह विपक्ष के विधायक के साथ अपना आमना-सामना कर रहे हों ऐसे में राज्य के मुख्यमंत्री को उन सभी विधायकों पर लगाम लगाने के लिए आगे आना चाहिए जो सरेआम आपस में वाक युद्ध कर रहे हैं और उनका यह वाक युद्ध सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिससे भाजपा सरकार की किरकिरी हो रही है। अब मुख्यमंत्री के पाले में गेंद है कि वह अपने उन विधायकों पर नकेल कसे जो सरेआम अपने ही विधायक के खिलाफ कुछ भी बोलने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में दुबारा सत्ता पर काबिज होने का टास्क दे रखा है और मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने के लिए पुष्कर ंिसह धामी रात-दिन एक किये हुये हैं और इस कार्यकाल में वह सभी जिलों के अफसरों पर पैनी निगाह भी रखें हुए है कि किसी के जनपद में आवाम परेशान व भ्रष्टाचार का शिकार न हो पाये। पुष्कर सिंह धामी ने 2०22 के चुनाव को बडे बहुमत से जीतने के लिए अपनी टीम के साथ जिस तरह से अपने कदम आगे बढा रखे हैं उसने विपक्षी दलों के माथे पर चिंता की लकीरें डाल दी हैं और उन्हें इस बात का भय दिख रहा है कि कहीं पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के अन्दर एक बडे मिथक को तोडने में कहीं सफल न हो जायें? पुष्कर सिंह धामी के सौ दिन के कार्यकाल में विपक्ष सरकार को किसी भी मुद्दे पर नहंी घेर पाया है लेकिन भाजपा के ही चंद विधायक सरेआम अपने विधायकों से जोर अजमाइस करने से पीछे नहीं हट रहे हैं जिसका संदेश राज्य की जनता के सामने सही नहीं जा रहा है। बार-बार खानपुर से भाजपा विधायक कुंवर प्रणव चैम्पियन का अपने ही दो विधायकों पर धावा बोलना पुष्कर सिंह धामी के लिए एक चिंता का विषय होना चाहिए। आवाम का भी मानना है कि अगर इसी तरह से भाजपा के चंद विधायक आपस में लडते रहे तो पुष्कर ंिसह धामी के 2०22 में बडे बहुमत से जीतने का मिशन खटाई में पड सकता है?

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