बीज बचाओ आंदोलन एवं सर्वोदय मंडल ने निकाली अस्कोट से आराकोट तक अध्ययन यात्रा

0
107

देहरादून(संवाददाता)। बीज बचाओ आंदोलन एवं सर्वोदय मंडल टिहरी गढ़वाल के मार्गदर्शन में अस्कोट पिथौरागढ से उत्तरकाशी आराकोट यात्रा दल खेती बचाओ, खानपान बचाओ, गांव बचाओ जैव विविधता बचाओ अध्ययन यात्रा निकाली गई और इसमें जो सीखा उसे सरकार तक पहुंचाने का काम किया गया है। यहां परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से रूबरू होते हुए दल के सदस्य विजय जडधारी एवं अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि इससे पूर्व 1974 उपं 1998 में भी यह लंबी निकाली गई पदयात्रा के साथ भी इसमें शामिल रहे। उन्होंने कहा कि किसानों कह लहलहाती फसलों को दिन में बंदरों की एवं रात को सुअरो की टोलियां नष्ट कर रही है और जिससे किसान लगातार निराश और हताशा की ओर बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि बुआई से लेकर फसल कटाई तक जंगली जानवरों, का आतंक है और कभी कभी सुअर हिंसक भी जोते जा रहे है और वह पलायन करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि गौधन गाय माता को आज सड़कों पर मरने के लिए छोड दिया गया और पहाड में कोई ळाी ऐसी सडक नहीं है जहां गाय को लोगों ने छोडा है।ा इस पर रोक लगाये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहाडों पर विविधतायुक्त बारहनाजा की खेती उच्च एवं मध्य हिमालय में लहलहा रही है और मुंडुआ, मारसा, रामदाना, ओगल, तिल, भंगजीर गहथ, भटा्ट, नारंगी, उडद, झंगोरा, कौणीं जो प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाली है ओर लोक परम्परा से चली आ रही पद्धति को अपना रहे है और 8० से 9० साल के बुजुर्ग खेतों में काम करते हुए नजर आये है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान अवैध शराब की बिक्री, सार्वजनिक वाहनों में शराब पीकर हुडदंग मचाते लोग दिखाई दिये ओर इस पर सख्ती से कानून का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अनेकों समस्यायें देखी गई और जिसका सरकार की ओर से समाधान किये जाने की आवश्यकता है और सरकार को एक ज्ञापन प्रेषित किया गया है। इस अवसर पर वार्ता में रघुभाई जडधारी, शक्ति प्रसाद जोशी, शशि भूषण भटट आदि शामिल रहे।

LEAVE A REPLY