देहरादून(संवाददाता)। किसी भी समाज को जोडऩे में उस समाज के युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होती है यह बात पूर्व गृह मंत्री और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोधकांत सहाय ने कही । वह आज देहरादून स्थित एक स्कूल में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे ।
उन्होंने पूर्व सांसद आर के सिन्हा के विषय में कहा कि आज हमे गर्व होता है जब आर के जैसे शक्सियत हम सब के मार्गदर्शन के लिए अपनी सहमति प्रदान की और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर मनोनीत किए गए। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण यहाँ दिख रहा है उससे लगता है की अब कायस्थ अपनी पुरानी ताकत की ओर चल निकला है । इस अवसर पर आर के सिन्हा ने पूरे देश से आए लोगो का धन्यवाद देते हुए कहा कि वह बहुत अभिभूत है कि आज पूरे देश के कायस्थ समाज के लोग मनाने यहां आए है। इस अवसर पर अखिल भारतीय कायस्थ महासभा द्वारा आर के सिन्हा को वरिष्ठ कायस्थ रत्न से भी सम्मानित किया गया ।आज की बैठक में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुबोध कांत सहाय ने एजेंडा पर चर्चा की।
इस अवसर पर कार्यक्रम में आज अखिल भारतीय कायस्थ रिसर्च सेंटर,कायस्थ बैंक ,कायस्थ चेम्बर आफ कामर्स के स्थापना पर सहमति बनी । वही कायस्थ को ओबीसी में लाने को लेकर बैठक मे ओबीसी मुद्दों से पूरे भारत से आए कायस्थ प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से कायस्थ को ओबीसी में लाने की सहमति जताई । इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव विश्विमोहन कुलश्रेष्ठ ने कायस्थ समाज के लोगो के मदद को एक राष्ट्रीय स्तर पर कोष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे पूरा सदन एक साथ सहमति प्रदान की । इस अवसर पर आज के कार्यक्रम में साउथ से राजा राम मोहन, ए चंद्रशेखर ,तरुण सहाय , सुनील शास्त्री,स्वप्निल बरुआ ,उत्तर प्रदेश से इंद्रसेन श्रीवास्तव , टी पी सिंह , उदय सहाय ,पूर्व विधायक सतीश निगम, अनिल श्रीवास्तव ,बिहार से विनोद श्रीवास्तव ,रमेश श्रीवास्तव, मुकेश कुमार,कुलदीप माथुर सहित उत्तराखंड अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में आसाम , महाराष्ट्र , उड़ीसा ,मध्य प्रदेश , राजस्थान , उत्तरप्रदेश , उत्तराखंड, बिहार , झारखंड , बंगाल ,आंध्र प्रदेश , तमिलनाडु ,कर्नाटक ,हिमाचल ,दिल्ली, हरियाणा सहित दो दर्जन से ज्यादा प्रदेश के लोगो ने शिरकत किया।
