कप्तान ने बेनकाब की ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री

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पति ने ही पत्नी का कत्ल कर जंगल में फेंकी थी लाश
जनपद में नहीं पनपने दूंगा एक भी अपराधियों कोः प्रमेंद्र
प्रेमनगर। जनपद के पुलिस कप्तान ने अपराधियों को दो टूक अल्टीमेटम दे रखा है कि वह अपने जनपद में एक भी अपराधी को पनपने नहीं देंगे और अगर किसी ने अपराध करने का दुसाहस किया तो उसे वह पताल से भी खोज निकालेंगे। प्रेमनगर के सुद्दोवाला के जंगल में एक महिला की लाश मिलने के बाद से ही पुलिस कप्तान ने हत्याकांड से पर्दा हटाने के खुद मोर्चा संभाल रखा था और इस ब्लाइंड मर्डर की मिस्ट्री को उन्होंने आखिरकार बेनकाब कर दिया। हत्याकांड को अंजाम देने वाला और कोई नहीं बल्कि महिला का पति ही निकला।
पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि विगत आठ मार्च को रंजीत शर्मा द्वारा अपनी पत्नी व बच्ची को बिहार वापस भेजने की बात कहते हुए उससे मोटर साइकिल व पन्द्रह सौ रूपये मांगे तथा नौ मार्च को उसकी मोटर साइकिल वापस करते हुए उसे बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा बिहार चली गई है तथा दूसरी पत्नी सुशीला बिहार से उसके पास आ गई है। कप्तान ने बताया कि उसके बाद रंजीत अपनी दूसरी पत्नी व पहली पत्नी की बच्ची के साथ कुछ दिन उक्त साइट पर ही रहा तथा वर्तमान में भाटोवाला में रह रहा है। उक्त सूचना पर पुलिस टीम तत्काल भाटोवाला पहुंची जहां पुलिस टीम को देखकर उक्त संदिग्ध व्यक्ति रजींत भागने का प्रयास करने लगा, पर पुलिस टीम द्वारा उसे मौके पर दबोच लिया। जिससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त अज्ञात महिला की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा के रूप में करते हुए उसका गला दबाकर उसकी हत्या करना तथा शव को कट्टे में डालकर शीतला माता मन्दिर के पास जंगल में फेंकने की बात स्वीकार की गयी जिस पर पर पुलिस टीम द्वारा रंजीत शर्मा को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
गौरतलब है कि ग्यारह मार्च को प्रेमनगर क्षेत्रान्तर्गत मॉडूवाला रोड, बालासुदरी मंदिर परिसर मे एक अज्ञात महिला का शव एक सफेद प्लास्टिक के कटटे मे बरामद हुई थी। पुलिस कप्तान प्रमेंद्र डोभाल ने महिला की शिनाख्त करने और हत्यारे को जल्द से जल्द दबोचने का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद मौके पर मृतक महिला की शिनाख्त हेतु आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई पर महिला का शव चार से पांच दिन पुराना होने तथा शव का चेहरा पूरी तरह खराब हो जाने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस कप्तान ने हत्याकांड के खुलासे के लिए आठ अलग-अलग टीमों का गठन किया था और इस टीम ने ढाई हजार सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। महिला की शिनाख्त के लिए मलिन बस्तियों में भी लगभग आठ हजार लोगों से पूछताछ की थी लेकिन कुछ पता नहीं चला था।
पुलिस द्वारा शव की शिनाख्त हेतु लगातार किये जा रहे प्रयासों के दौरान के दौरान 19 मार्च को पुलिस टीम अज्ञात महिला की शिनाख्त हेतु कॉसवाली कोठरी पहुंची तो पुलिस टीम को जानकारी मिली कि कॉसवाली कोठरी मे एक नव निर्मित मकान मे काम करने वाला बिहार का एक मजदूर अपनी बीवी व छोटे बच्चे के साथ उसी साईट पर रहकर मजदूरी कर रहा था। पर होली के आस-पास से उसके साथ रहने वाली महिला दिखाई नहीं दे रही है। पर उसका बच्चा किसी अन्य महिला के साथ उक्त मजदूर के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने संदिग्ध रजींत ने जब भागने का प्रयास किया तो पुलिस ने उसे दबोच लिया। उससे जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने कबूला कि अज्ञात महिला की पहचान अपनी पहली पत्नी रूपा के रूप में करते हुए उसका गला दबाकर उसकी हत्या करना तथा शव को कट्टे में डालकर शीतला माता मन्दिर के पास जंगल में फेंकने की बात स्वीकारी।

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