एक-एक भ्रष्टाचारी जायेगा जेल
अब एक भ्रष्ट जेई विजिलेंस ने दबोचा
चार साल में सैकडो रिश्वतखोर गये सलाखों के पीछे
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरो का फन कुचलने का जो सिलसिला शुरू कर रखा है उससे रिश्वतखोरों के बीच एक डर बनता जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री चार साल से भ्रष्टाचारियों का फन कुचलने के मिशन में आगे बढ़े हुये हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक चेतावनी दे रखी है कि एक-एक भ्रष्टाचारी जेल की सलाखों के पीछे होगा चाहे वह कितना बडा अधिकारी ही क्यों न हो। बिजली विभाग के एक जेई ने जब बिजली का कनैक्शन कराने व विद्युत भार बढ़ाने की एवज में हजारों रूपये की रिश्वत मांगी तो इसकी शिकायत सीधी विजिलेंस से की गई और उसके बाद विजिलेंस ने मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचारमुक्त उत्तराखण्ड के विजन को धरातल पर उतारने के लिए इस भ्रष्ट जेई को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस भ्रष्ट जेई की गिरफ्तारी से यह बात तो साफ हो गई कि उत्तराखण्ड के अन्दर जो रिश्वतखोर और भ्रष्टाचारी भ्रष्ट तंत्र का खेल खेलने का खतरनाक काम कर रहे हैं उनका फन तेजी से मुख्यमंत्री ने कुचलना शुरू कर रखा है।
मिली जानकारी के अनुसार विजिलेंस विभाग को एक अवर अभियंता अतुल कुमार के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह एक व्यक्ति की पत्नी के नाम से खरीदे गये अपार्टमेंट में पत्नी के नाम से बिजली का कनेक्शन और विद्युत भार बढाने के लिए मिला था तो उससे इस काम के एवज में अस्सी हजार रूपये की मांग की गई थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत न देकर इस रिश्वतखोर अवर अभियंता के खिलाफ विजिलेंस को शिकायत दी कि वह रिश्वत के रूप में अस्सी हजार रूपये की मांग कर रहा है। शिकायतकर्ता को इस बात का इल्म था कि राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रष्टाचार के खिलाफ एक खुली जंग लड रहे हैं और वह रिश्वतखोरों को सबक सिखाने के लिए हमेशा आगे रहते हैं। विजिलेंस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच की तो उन्हें मामला सही मिला इस पर विजिलेंस की टीम ने अवर अभियंता को रंगे हाथो पकडने के लिए जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि जब शिकायतकर्ता ने बिजली का कनेक्शन कराने एवं विद्युत भार बढाने के लिए रिश्वतखोर अवर अभियंता अतुल कुमार को रिश्वत के रूप में अस्सी हजार रूपये दिये तो विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथो उसे दबोच लिया। विजिलेंस की इस कार्यवाही से भ्रष्ट और रिश्वतखोरों में खलबली मच गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कहा है कि राज्य के अन्दर जो भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार करेगा उसे जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया जायेगा। मुख्यमंत्री ने जिस विजन के साथ भ्रष्टाचारियों की नाक में नकेल डालकर उनके रिश्वतखोरी का फन चार साल से कुचलने का दौर शुरू कर रखा है उससे आम जनमानस को विश्वास है कि जल्द उत्तराखण्ड रिश्वतखोरो और भ्रष्टाचारियों से आजाद हो जायेगा।
