हरक ने सरकार पर साधा निशाना

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मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में बड़ा घोटाला
भाजपाईयों को ही मिल रहा कोष का लाभ
गरीबों को दो से पांच हजार की सहायता
नगर संवाददाता
देहरादून। कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का लंबे समय से भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं व उनके परिवारों को लाखों रूपए बांटकर कोष की बंदरबांट की जा रही है जो एक बड़ा घोटाला है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इस कोष का लगातार दुरूपयोग किया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देशभर में गैस की किल्लत बनी हुई है और केवल 17 प्रतिशत ही आपूर्ति की जा रही है जबकि देश 83 प्रतिशत आपूर्ति नहीं हो रही है।
यहां कांग्रेस मुख्यालय राजपुर रोड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की चंपावत व ऊधम सिंह नगर में बंदरबांट की जा रही है और सूचना के अधिकार से मांगी गई सूचना पर यह खुलासा सामने आया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से कांता रानी को वर्ष 2023-24 में दो लाख, वर्ष 2024-25 में फिर से दो लाख रूपए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए गए। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से गोदावरी को वर्ष 2023-24 में एक लाख रूपए और 2024-25 में भी एक लाख रूपए दिए गए है और आने वाले समय में भी इसी प्रकार से इन भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ही पदाधिकारियों को कोष के माध्यम से धनराशि बांटी जा रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों व कुछ लोगों और उनके परिवारों को हर साल कोष से पैसा दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह खेल खेला जा रहा है।
उन्होंने चिंता जताई है कि गरीबों को दो से तीन व चार से पांच हजार की सहायता बांटी जा रही है जबकि चहेतों को लाखों रुपए बांटे जा रहे है जो एक बड़ा घोटाला है। उन्होंने कहा कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए विवेकाधीन कोष की बंदरबांट चल रही है जिसे सहन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सूचना के अधिकार में सूचना मांगने पर आधी अधूरी जानकारी दी जा रही है और एक व्यक्ति को तीन लाख रूपए कोष से दिए गए जब सूचना मांगी गई तो जानकारी दी गई है कि यह व्यक्तिगत है इसलिए सूचना नहीं दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि गरीबों को दी जा रही सहायता राशि लेने के लिए लोगों का उससे ज्यादा खर्च हो रहा है। इस दौरान गैस के दामों में बढ़ोत्तरी पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में तेल की भी किल्लत होने वाली है। उन्होंने कहा कि रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं। रावत ने कहा है कि यहां चाय तक नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गैस बुकिंग के अलग-अलग नियम बना दिए गए है जबकि नगर निगम में शामिल गांवों को भी शहरी क्षेत्र में लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसके लिए देश की विदेश नीति पूरी तरह से जिम्मेदार है और विदेश नीति फेल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले गैस 44 प्रतिशत आयात होती थी जो अब बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि लोग ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि दाम बढ़ने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे है। उन्होंने चिंता जताई है कि आने वाले समय में केंद्र सरकार का यही रवैया रहा तो पेट्रोलियम पदार्थों की भी किल्लत हो सकती है। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में गरिमा दसौनी, शीशपाल सिंह बिष्ट, लालचंद शर्मा, विनोद चौहान, दिनेश कौशल, विजय चौहान आदि मौजूद रहे।

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