दस प्रतिशत से अधिक का बजट पेश कर दिखाई बादशाहत
गैरसैंण सत्र से सीएम ने फूंक दिया ‘मिशन 2027’ का बिगुल
पीएम मोदी-सीएम धामी के एक ही सपना- विकसित उत्तराखण्ड
प्रमुख संवाददाता
गैरसैंणध्देहरादून। उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करना, नकल विरोधी कानून बनाना, अवैध मदरसों-इमारतों पर बुलडोजर चलाना, और न जाने ऐसे कितने कीर्तिमानों को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थापित करके सबको यह संदेश दिया है कि उत्तराखण्ड के विकास के लिए वह हर वह संभव कार्य करेंगें जो उनके और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के सपने को साकार करने के लिए जरूरी होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली का कायल तो वैसे ही भाजपा हाईकमान है कि और कुछ दिन पूर्व हरिद्वार में गृहमंत्री अमित शाह की हुंकार ने इस पर मुहर भी लगा दी थी। उत्तराखण्ड के प्रत्येक तबके से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कितना प्रेम है इसकी झलक तो पूर्व में दिखती ही रही है और नए उदाहरण के तौर पर वह तब दिखी जब उन्होंने कल भराड़ीसैंण विधानसभा में अपने इस कार्यकाल संभवतः अंतिम बजट पेश किया। ‘‘सीएम धामी ने इस बजट अपने ही स्टाइल में ऐतिहासिक बना दिया’’। ऐसा इसलिए क्योंकि उत्तराखंड के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने राज्यपाल अभिभाषण के दिन ही सदन में बजट पेश किया। यह पहला मौका था जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया और ऐसा करके वे एक और रिकार्ड के बादशाह बन गए। सीएम धामी दस प्रतिशत से अधिक का बजट पेश करके एक बार फिर अपनी बादशाहत का नमूना पेश किया। बजट में उत्तराखण्ड की जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी लगाने के साथ उन्होंने ‘मिशन 2027’ का बिगुल भी फूंक दिया है।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घनिष्ठ मित्रता किसी से छिपी नहीं है। दोनों मित्रों ने उत्तराखण्ड को विकसित राज्य बनाने का सपना संजो रखा है और इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री केंद्र से मुख्यमंत्री राज्य से युद्धस्तर पर कार्य करने में लगे हुए हैं। इसी दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए कल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। मौजूदा वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बजट को बढ़ाकर 10.41 प्रतिशत किया गया है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। अपने इस बजट में धामी सरकार ने आत्मनिर्भर व विकसित उत्तराखंड के संकल्प को पूरा करने के लिए ज्ञान व संतुलन का मंत्र दिया है। बता दें कि यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का बजट पेश किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे बजट को उत्तराखंड के भविष्य का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि राज्य के समग्र विकास की दिशा तय करने वाला बजट है। उनका कहना था कि यह बजट विकास, विरासत, संस्कृति और आधुनिकता के संतुलन को दर्शाता है और विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य गठन के समय लेकर आज तक उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में 26 गुना से अधिक वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में कई नई योजनाओं की शुरुआत भी की जा रही है। सरकार नवाचार को भी बढ़ावा दे रही है। इसके तहत कीवी और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, ट्राउट मछली पालन, सेब नर्सरी विकास, मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना और महक क्रांति जैसी योजनाएं शुरू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट वास्तव में विकल्प रहित संकल्प से विकसित उत्तराखंड तक की यात्रा का दस्तावेज है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो कल बजट पेश किया है उसने उनके उत्तराखण्ड के विकास को लेकर उनका क्या विजन है, उसको भी साफ कर दिया है। उनका इस बजट को लेकर यह कहना कि यह बजट उत्तराखण्ड के भविष्य का रोडमैप है, साफ दर्शा रहा है कि वह विकसित उत्तराखण्ड बनाने को लेकर कितने उत्सुक हैं। राज्य की जनता ने भी धामी सरकार के इस बजट को सराहा है और इसे उम्मीदों से भरा बजट बताया है। आर्थिक रूप से मजबूत बजट को देखकर जनता भी प्रफ्फुलित नजर आ रही है। वहीं कांग्रेस ने इस बजट को दिशाहीन बताते हुए विकास विरोधी बजट बताया है जोकि कांग्रेस की हताशा को ही बयां कर रहा है। जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इसी नाकारत्मक सोच का ही नतीजा है जिसके चलते वह पिछले 9 सालों से उत्तराखण्ड की सत्ता से बाहर है। हालांकि यह बात तो माननी पड़ेगी कि आर्थिक रूप से दस प्रतिशत से अधिक बजट पेश कर पुष्कर ने अपनी बादशाहत जरूर पेश की है और साथ ही साथ 2027 के विधानसभा का बिगुल भी फूंक दिया है।
