आखिर एमडीडीए को क्यों नजर नहीं आया कब्जे का खेल?
सीएम पोर्टल पर शिकायत से ही जागा महकमा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सरकार के मुखिया राजधानी के शहर में नई-नई पार्किंग बनाने के लिए अफसरों को दो टूक संदेश दे रहे हैं क्योंकि शहर में पार्किंग का जो आकाल आवाम को दिख रहा है उसके चलते मुख्यमंत्री ने बजट में प्रदेश में सैकडो नई पार्किंग विकसित करने पर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिस शहर में कॉम्पलैक्सों की पार्किंग में हो रखे अवैध निर्माण को जिला प्रशासन और एमडीडीए ने तुड़वाकर वहां पार्किंग की व्यवस्था करवाई तो फिर एमडीडीए को शहर के दिल कहे जाने वाले घंटाघर के समीप स्थित विंडलास शॉपिंग कॉम्पलैक्स की पार्किंग में हो रहा अवैध निर्माण आखिर क्यों नजर नहीं आया यह एमडीडीए की कार्यशैली पर एक बडा सवाल खडा कर गया? हैरानी वाली बात है कि पार्किंग में धडल्ले से अवैध निर्माण होता रहा और एमडीडीए के अफसर और उनकी टीम तब तक सोती रही जब तक इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर नहीं कर दी गई।
हैरान करने वाली बात है कि शहर में जो एमडीडीए बिना नक्शे के कहीं पर भी निर्माण नहीं होने देने का संकल्प देकर आगे बढ़ी हुई है वहीं अगर शहर के दिल कहे जाने वाले घंटाघर में विंडलास शॉपिंग कॉम्पलैक्स में पार्किंग के बेसमेंट में पिछले काफी दिनों से अवैध निर्माण करने का जो खेल चल रहा था वह एमडीडीए के अफसरों और उसकी टीम को क्यों नजर नहीं आया यह हैरान करने जैसा ही नजर आया। सबसे अहम बात यह है कि अवैध निर्माण रोकने का काम एमडीडीए का है और उसके बाद उस निर्माण पर एक्शन करना सीधेतौर पर उसकी जिम्मेदारी है लेकिन एमडीडीए कुछ अफसर क्या अवैध निर्माण को लेकर भाई-भतीजावाद का खेल, खेल रहे हैं यह एक दिलचस्प पहेली बना हुआ है। सवाल यह है कि अगर कोई व्यक्ति अवैध निर्माण की शिकायत जब तक मुख्यमंत्री पोर्टल पर नहीं करेगा तब तक क्या एमडीडीए उस अवैध निर्माण पर एक्शन लेने के लिए आगे नहीं आयेगी जहां सरेआम अवैध निर्माण का खेल सबकी आंखों के सामने है।
शहर के अन्दर पार्किंग का आकाल सरकार से लेकर सिस्टम को हमेशा दिखाई देता आ रहा है और उसी के चलते पार्किंग की व्यवस्था करने के लिए सरकार ने एक बडी रणनीति के तहत बजट सत्र में भी प्रावधान रखा है जिससे आशा बंधी है कि पार्किंग की समस्या जल्द खत्म होगी। वहीं शहर के बीचो बीच विंडलास शॉपिंग कॉम्पलेक्स की खुली पार्किंग और बेसमेंट में पार्किंग के काफी स्थल पर अवैध निर्माण करने का कॉम्पलैक्स संचालक द्वारा दुसाहस करना कई सवालों को जन्म दे गया है। मुख्यमंत्री पोर्टल पर जब इस अवैध निर्माण को लेकर शिकायत हुई तो एमडीडीए चिर निंद्रा से जागा और उसके बाद एमडीडीए के एक अधिकारी ने मौके पर आकर वहां हो रहे अवैध निर्माण के काले खेल को अपने कैमरे में कैद किया और पाया कि नियमों की धज्जियां उडाते हुए अवैध निर्माण हो रहा है। मौके पर जांच पडताल के लिए आये एमडीडीए के अफसर ने इस बात की पुष्टि की कि कॉम्पलैक्स की पार्किंग में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर उन्होंने कॉम्पलैक्स संचालक के नाम नोटिस काटा है और अब इस मामले की सुनवाई एमडीडीए में होगी। गजब की बात तो यह है कि एमडीडीए द्वारा कॉम्पलैक्स संचालक के नाम नोटिस काटे जाने के बावजूद आज भी कॉम्पलैक्स संचालक द्वारा दुसाहस करके फिर अवैध निर्माण करने का जो सिलसिला शुरू किया उसको लेकर यह आशंकायें और प्रबल हो गई कि आखिरकार किसकी शह पर कॉम्पलैक्स संचालक एमडीडीए के मना करने के बावजूद भी फिर अवैध निर्माण करने के लिए आगे आ गया। अब देखने वाली बात है कि क्या एमडीडीए के अफसर धड़ल्ले से हो रहे इस अवैध निर्माण को लेकर कोई एक्शन लेंगे या फिर नोटिस-नोटिस का खेल खेलकर अवैध निर्माण को अंजाम तक पहुंचा दिया जायेगा।
