आखिर कहां रह गई दायित्वों की सूची?

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होली पर गिफ्ट का सपना फिर ‘धड़ाम’
दायित्व न मिलने से बेचैन दिखते राजनेता!
मंत्री बनने की चाहत में बेचैन दिख रहे विधायक!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में पुष्कर सरकार चंद दिन बाद अपने चार साल पूरे करने जा रही है और वह आम जनमानस को यह संदेश दे रही है कि राज्य के अन्दर सरकार ने एक बडे विजन के साथ विकास की गंगा बहाई है। वहीं कल देश के गृहमंत्री हरिद्वार आ रहे हैं और वह सरकार और संगठन का रिपोर्ट कार्ड परखने के लिए भी जरूर आगे आयेंगे ऐसी सम्भावनायें राजनीतिक हल्कों में जताई जा रही हैं? वहीं एक बार फिर दायित्व पाने का जिन दर्जनों राजनेताओं ने सपना देखा था कि होली पर उन्हें दायित्व का गिफ्ट जरूर मिलेगा लेकिन होली पर भी दायित्वधारियों की सूची जारी न होने पर एक बार फिर उनका सपना धड़ाम हो गया? उत्तराखण्ड के राजनीतिक हल्कों में यह सवाल तैरने लगे हैं कि आखिर वो दायित्वधारियों की सूची कहां रह गई जिसे होली में जारी होने की चर्चाएं उठ रही थी? भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी दायित्व बांटे जाने का दम भरा था लेकिन होली पर भी दायित्वधारियों की सूची जारी न होने से उत्तराखण्ड की सियासत में आशंकाओं का दौर चल रहा है कि आखिर क्या कारण है कि दायित्वधारियों की सूची को बार-बार सरकार और संगठन की ओर से हरी झंडी नहीं मिल पा रही है?
उत्तराखण्ड में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार है तो वहीं सरकार में एक लम्बे दशक से पांच मंत्रियों के पद रिक्त चल रहे हैं और बार-बार यही सम्भावनायें प्रबल होती हैं कि सरकार कभी भी मंत्री पद भरने के लिए आगे आ सकती है। यही कारण है कि भाजपा के काफी विधायक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अकसर उनके आवास पर मुलाकात करते आ रहे हैं और उन्हें यह भरोसा होता रहा है कि शायद सरकार के मुखिया की कृपा से उन्हें मंत्री पद मिल जाये? सरकार के अन्दर पांच मंत्री पद रिक्त चल रहे हैं और भाजपा में काफी विधायक ऐसे हैं जो काफी वरिष्ठ हैं तथा उनको मंत्री बनाये जाने के लिए अकसर उनके कार्यकर्ता सरकार की ओर टकटकी लगाये देख रहे हैं लेकिन सरकार और संगठन पांच मंत्री पद भरवाये जाने के लिए आज तक भाजपा हाईकमान से इसके लिए हरी झंडी नहीं करा पाये हैं?
वहीं कुछ समय पूर्व जब भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व मौजूदा समय में कैबिनेट मंत्री जेपी नड्डा डोईवाला में एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आये थे तो वहां कोर कमेटी की बैठक भी हुई थी। इस बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी यह दावा किया था कि सरकार जल्द दायित्वधारियों की सूची को जारी करेगी। सम्भावना व्यक्त की जा रही थी कि सरकार ने बांटे जाने वाले दायित्वों को अपना होमवर्क कर लिया है और होली से पहले वह अपने राजनेताओं को दायित्व का गिफ्ट देकर उनकी होली में एक नया रंग भर देगी। दायित्व की चाहत रखने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को आस थी कि होली पर उन्हें दायित्व का सम्भवतः गिफ्ट जरूर मिलेगा क्योंकि कुछ दिनों बाद ही सरकार अपने चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही है। होली से पहले तक भाजपा के काफी नेताओं के चेहरे खिले हुये थे कि सरकार उन पर मेहरबान होकर उन्हें दायित्व का गिफ्ट देगी लेकिन ऐसा सपना देखने वाले राजनेताओं का सपना फिर धड़ाम हो गया और वह होली में जिस गिफ्ट का इंतजार कर रहे थे वहां उन्हें एक बडी निराशा मिली। सवाल एक बार फिर उत्तराखण्ड की सियासत में गंूजने लगे हैं कि आखिरकार सरकार न तो अपने पांच मंत्री पद भर पा रही है और न ही वह दायित्वधारियों की सूची को हरी झंडी दिलवाने में कामयाब हो रही है जिसने सियासत के अन्दर कई शंकाओं को जन्म दे रखा है?

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