शाह के दौरे पर ‘निगाहें’

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गंगा किनारे सरकार और संगठन का तापमान मापेंगे अमित शाह
हरिद्वार। देश के गृहमंत्री का हरिद्वार में आगमन इन दिनों राजनीति में एक नई हलचल मचाये हुये है। शाह के इस दौरे पर उत्तराखण्ड की नजरें लगी हुई हैं क्योंकि कुछ समय पूर्व आरएसएस प्रमुख भी देहरादून आये थे जहां वह सरकार और संगठन से दूरी बनाये रहे और उनकी इस दूरी के कई मायने राजनीतिक गलियारों में निकाले गये? अमित शाह गंगा किनारे सरकार और संगठन का तापमान मापेंगे क्योंकि 2027 के चुनावी रण को लेकर कहीं न कहीं दिल्ली में भाजपा के सभी दिग्गज नेताओं ने जीत का रास्ता तय करने के लिए मंथन शुरू कर रखा है? सात मार्च को हरिद्वार में गृहमंत्री कई पहलुओं को बारीकी से परखेंगे और वह कहीं न कहीं सरकार व संगठन का रिपोर्ट कार्ड भी भापेंगे जिससे कि 2027 के चुनावी रण में एक बार फिर बडी जीत हासिल की जा सके।
उत्तराखण्ड में होली के रंगों में काफी नेता गीतों के थाप पर खूब नाचे और उन्होंने होली के इस त्यौहार को जिस अंदाज में मनाया उसे देखकर साफ नजर आ रहा था कि उन्हें अब 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में विजय हासिल करने के लिए आवाम को अपनी ओर खींचना है। होली के रंगों में रंगे भाजपा नेता व संगठन के पदाधिकारी सात मार्च को हरिद्वार आ रहे गृहमंत्री अमित शाह की रैली की तैयारियों को लेकर अलर्ट मोड में दिखाई दे रहे हैं और सभी इस रैली को अभूतपूर्व रैली बनाने के लिए आगे बढे़ हुये हैं। वहीं गैरसैंण के नौ मार्च के बजट सत्र से 48 घण्टे पहले अमित शाह के धर्मनगरी हरिद्वार के तूफानी दौरे ने राजनीतिक हलकों की बेचौनी बढ़ाई हुई है। बीते एक हफ्ते में सीएम धामी तीन बार हरिद्वार जाकर जारी तैयारियों को परख चुके हैं। चंद दिन पूर्व पूरे लाव लश्कर के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कार्यक्रम से जुड़े बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा का अफसरों को दो टूक संदेश दे चुके हैं कि कार्यक्रम की सारी तैयारियां बेहतर तरीके से पूरी कर ली जायें। वहीं राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखण्ड की धामी सरकार के चार साल के कार्यों का रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा करेंगे? वहीं इस दौरान विभिन्न मंत्रियों से जुड़े विभागों के कार्यों की भी समीक्षा करने के लिए गृहमंत्री आगे आ सकते हैं?
होली की व्यस्तता के बीच सरकार, शासन व संगठन मिलकर विभागों का रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रहे हैं। सात मार्च को हरिद्वार के बैरागी कैम्प में भाजपा की प्रदेश सरकार गृह मंत्री के समक्ष विकास योजनाओं और उपलब्धियों का खाका पेश करेगी। गौरतलब है कि 14 फरवरी को जॉलीग्रांट में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में शिरकत कर हाईकमान को फीडबैक दे चुके हैं।
इस बीच, पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत व भाजपा विधायक अरविंद पांडे के विभिन्न ‘मूव’ व बयान को कांग्रेस पार्टी प्रमुखता से हथियार बनाती रही है। कांग्रेस के 16 फरवरी के सफल राजभवन कूच के बाद 2027 चुनाव की जंग भी तेज हो गयी है। कांग्रेस ने सड़क पर प्रदर्शन के अलावा बूथ लेवल एजेंट बनाने में भी भाजपा को पीछे छोड़ ठोस चुनावी तैयारी की झलक भी दिखा दी है। इन बिंदुओं पर भाजपा संगठन का ढीलापन भी चिंता का विषय बना हुआ है। चुनाव जीतने के लिए शाह का मुख्य फोकस बूथ लेवल एजेंट पर ही रहता है।
इधर, सीएम धामी के पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ दौरे जारी है। जन-जन के द्वार कार्यक्रम के साथ विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास की रफ्तार भी बराबर बनी हुई है। जबकि कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल सड़कों पर उतरे हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह सरकार के विभिन्न विभागों के रिपोर्ट कार्ड के आंकलन के अलावा संगठन को दिए गए कार्यकमों की प्रगति का भी लेखा जोखा लेंगे। चर्चा है कि हरिद्वार प्रवास के दौरान अमित शाह विभिन्न बिंदुओं का फीड बैक लेने के बाद दिल्ली लौट जाएंगे। शाह के बाद पीएम मोदी धामी सरकार के चार साल के मौके पर देहरादून आ कर 2027 का चुनावी बिगुल फूंकेंगे। सात मार्च को गृहमंत्री अमित शाह हरिद्वार में आकर सरकार व संगठन के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी गोपनीय रूप से भाप सकते हैं और यही कारण है कि सबकी निगाहें अमित शाह के दौरे पर टिकी हुई हैं।

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