भाजपा के त्रिदेव की कदमताल से मचा हडकम्प

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पूर्व सीएम त्रिवेंद्र, सांसद बलूनी और विधायक अरविंद पांडे की त्रिवेणी ने बनाये नये समीकरण
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में इन दिनों भाजपा के अन्दर कोई न कोई राजनीतिक खिचडी पक रही है ऐसी आशंकायें राजनीतिक गलियारों में तेजी के साथ उभर रही हैं? भाजपा के कुछ नेताओं ने जिस तरह से आपसी वॉकयुद्ध शुरू कर रखा है उससे उत्तराखण्ड की राजनीति में एक नई हलचल मचती हुई साफतौर पर दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा के त्रिदेव की कदमताल से उत्तराखण्ड की राजनीति में एक बडा हडकम्प मचा हुआ है और यह त्रिदेव उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक एक साथ तस्वीरों में जिस तरह से नजर आ रहे हैं उसने उत्तराखण्ड के अन्दर राजनीतिक पंडितों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिरकार यह त्रिदेव किस मिशन पर एक साथ आगे बढ़ रहे हैं?
उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव का समय जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे भाजपा और कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता एक दूसरे पर राजनीतिक प्रहार करते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चार साल से सरकार चला रहे हैं और इस कार्यकाल में सरकार और संगठन एक साथ खडा हुआ हमेशा नजर आता रहा है। वहीं पिछले काफी समय से हरिद्वार से भाजपा सांसद व राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखण्ड सरकार को बार-बार एक बडे भाई के नाते नसीहत देने के लिए आगे आ रहे हैं और उनकी नसीहत से कहीं न कहीं भाजपा के ही कुछ नेता अपने आपको असहज महसूस कर रहे होंगे? त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कुछ अर्से पूर्व लोकसभा में उत्तराखण्ड के अन्दर हो रहे अवैध खनन को लेकर जिस तरह से अपनी बात रखकर सरकार और सिस्टम को कटघरे मे खडा किया था उससे उत्तराखण्ड के अन्दर एक बडी हलचल मची थी। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अवैध खनन पर नकेल लगाने के लिए राज्य के अन्दर टास्क फोर्स का गठन करने की भी सलाह दी थी लेकिन राज्य के अन्दर आज तक अवैध खनन रोकने के लिए कोई टास्क फोर्स नहीं बनी जिसके चलते अकसर राज्य के कुछ जिलों में अवैध खनन को लेकर बडा शोर मचता आ रहा है? त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जहां कई मामलों में अपनी स्पष्ट बात रखी वह भाजपा के अन्दर एक नई हलचल पैदा करती रही। वहीं गदरपुर से पांच बार के विधायक अरविंद पांडे के खिलाफ पार्टी के ही कुछ नेताओं ने जब सीधा मोर्चा खोला और जिला प्रशासन ने अरंविद पांडे द्वारा किये गये कथित कब्जे को लेकर उनके घर पर नोटिस लेकर दस्तक दी थी तो उससे भाजपा के अन्दर एक बडा संग्राम मच गया? अरविंद पांडे के परिजनों के खिलाफ जब अपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ तो उन्होंने देहरादून पुलिस मुख्यालय आकर डीजीपी से मुलाकात की थी और उनसे शिकायतकर्ता और अपने परिजनों का नार्को टेस्ट कराने की मांग को लेकर अपना पत्र देकर एक बडा भूचाल मचा दिया था। अरविंद पांडे से उनके आवास पर मुलाकात करने के लिए जब सांसद अनिल बलूनी व त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गदरपुर जाने के लिए ऐलान किया तो अरविंद पांडे ने उन्हें वहां आने से रोक दिया था लेकिन दोनो सांसदों ने अपने विधायक के साथ खडे होने का जो दम भरा था उसने पार्टी के अन्दर एक बडी हलचल मचा दी थी?
उत्तराखण्ड के अन्दर मौजूदा दौर में भाजपा के त्रिदेव त्रिवेंद्र सिंह रावत, अनिल बलूनी और भाजपा विधायक अरविंद पांडे कदमताल मिलाकर जिस अंदाज में चल रहे हैं उससे भाजपा के अन्दर कहीं न कहीं एक हडकम्प मचा हुआ है? चंद दिन पूर्व ही सांसद अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र रावत और अरविंद पांडे दिल्ली में रेल मंत्री से एक साथ मुलाकात करने पहुंचे और इस त्रिवेणी ने जो एक नया समीकरण बनाया है उससे उत्तराखण्ड के अन्दर चर्चाओं का दौर शुरू हो रखा है कि आखिरकार भाजपा के यह त्रिदेव जिस रूप में कदमताल कर रहे हैं उससे उत्तराखण्ड के अन्दर सियासत का तापमान चरम पर दिखाई दे रहा है?

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