केन्द्रीय मंत्री से मिलने पंहुचे सांसद बलूनी-टीएसआर
खफा-खफा से रहने वाले विधायक पांडे भी थे साथ
देहरादून। उत्तराखण्ड की राजनीति में कभी स्थिरता देखने को नहीं मिलती। यहा हमेशा उठापठक की स्थिति बनी ही रहती है। सत्ता किसी भी राजनीतिक दल की क्यों न हो, हमेशा सत्ताधारी दल के ही कुछ बड़े राजनेता अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करते आए हैं। यही कार्य पिछली कांग्रेस की सरकार में भी होता था और अब भाजपा की सरकार के दौरान भी ऐसा ही काम हो रहा है जोकि कई मायनों में न्याय संगत भी नजर आता है। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में हरिद्वार से विधायक त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अपनी चिंता जताई है। उनका साफ कहना है कि कानून व्यवस्था खराब होनेे से प्रदेश के विकास पर असर होता है। उन्होंने हरेक मोर्चें पर अपनी ही सरकार को बार-बार इस मुद्दे को लेकर चेताया भी है। वहीं दूसरी तरफ पिछले कुछ समय से खफा-खफा से रहने वाले सरकार के विधायक अरविंद पांडे भी प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी सरकार से लेकर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के समक्ष भी बयां कर चुके है। अब संभवतः इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का दरवाजा खटखटाया है और उनकी इस दस्तक में उनका साथ दिया है पौड़ी जनपद से सांसद अनिल बलूनी ने, जिन्हें उत्तराखण्ड की जनता वास्तव में विकास पुरूष मान चुकी है क्योंकि उन्होंने अपने राज्यसभा के कार्यकाल से लेकर लोकसभा के कार्यकाल तक में हमेशा से ही पहाड़ के विकास को ही प्राथमिकता दी है। मोटा-माटी बात यहीं जो समझ आ रही है वह यह है कि उत्तराखण्ड के सांसदों को यदि कुछ चाहिए तो वो है सिर्फ विकास और शायद इसी मुद्दे को लेकर ही उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के द्वार पर दस्तक दी है और अपनी इस मुलाकात के दौरान सांसदों ने केंद्रीय मंत्री को गुलदस्ता भी भेंट किया है।
उत्तराखण्ड के अन्दर अब भाजपा के सांसद से लेकर कुछ विधायक विकास को एक नई उडान पर ले जाने के लिए आगे बढ़ गये हैं और उसी के चलते दिल्ली में केन्द्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से गढवाल के सासंद अनिल बलूनी, त्रिवेंद्र सिंह रावत और गदरपुर से पांच बार के विधायक अरविंद पांडे ने मुलाकात की। सभी ने एक स्वर में रेल मंत्री से कहा कि महकमे ने कारोबारी और दुकानदारों पर जो किराया बढाया है उसे शीघ्र रोका जाये और इसकी पुनः समीक्षा की जाये। रेल मंत्री से यह भी आग्रह किया गया कि जो पुराने किराये की दर है उस पर पांच से दस प्रतिशत तक ही वृद्धि की जाये। जनहित में और क्षेत्र के समग्र विकास के आग्रह को देखते हुए रेल मंत्री ने इसे स्वीकार किया और उधमसिंहनगर की जनता ने भी रेल मंत्री के इस उदारवादी रवैये पर उन्हें अपना थैक्स कहा है। उत्तराखण्ड के दिग्गज राजनेताओं ने एक ही संकल्प लिया है कि वह अब उत्तराखण्ड को एक नई उडान पर ले जाने के लिए राज्य के समग्र विकास के लिए संकल्पबद्ध हैं और उसी के चलते गढवाल और हरिद्वार के सांसद ने गदरपुर के तेज तर्रार भाजपा विधायक के साथ जाकर रेल मंत्री से अपने मन की बात कहते हुए राज्य के विकास में उनका हमेशा साथ मांगा जिस पर रेल मंत्री ने भी उन्हें हर संभव मद्द का भरोसा दिलाया। सांसदों और विधायक की इस जुगलबंदी से उत्तराखण्ड के अन्दर विकास का एक नया खाका खिंचने की उम्मीद प्रबल हो गई है। देखने में आ रहा है कि पौडी और हरिद्वार से सांसद अनिल बलूनी और त्रिवेंद्र सिंह रावत उत्तराखण्ड के विकास के लिए एक नये विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
