आक्रामक रूख में नजर आती उक्रांद

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पहाड़ों में राजनीतिक ताकत बढ़ा रहे नेता
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में एक लम्बे दशक से उक्रांद का राजनैतिक अस्तित्व हवा-हवाई हो गया था जिसके चलते उक्रांद के काफी नेता हाशिये पर जाने लगे थे और उन्हें यह दिखने लगा था कि अब उनका दल कांग्रेस व भाजपा को राजनीतिक पिच पर क्लीन बोल्ड नहीं कर पायेगा? हालांकि जबसे राज्य के अन्दर अंकिता भंडारी हत्याकांड हुआ तबसे उक्रांद ने अंकिता को न्याय दिलाने के लिए जिस आक्रामकता से सड़कों पर आंदोलन कर सरकार को ललकारने की हुंकार लगाई तबसे गढवाल के पहाडी जनपदों में उक्रांद का राजनीतिक इकबाल बुलंद होता दिखाई दे रहा है। उक्रांद ने अब राज्य में भ्रष्टाचार, घोटालों और माफियागिरी को लेकर सरकार को सड़कों पर जिस आक्रामकता के साथ ललकारना शुरू किया है उससे यह साफ नजर आ रहा है कि उक्रांद 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी ताकत को बढाने मे लग गई है। पहाड से लेकर देहरादून में उक्रांद समय-समय पर सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन कर उसे यह अल्टीमेटम देने में लगी हुई है कि वह अब राज्य के अन्दर भ्रष्टाचार और घोटालेबाजों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेंगे?
उत्तराखण्ड के पौडी जनपद में रहने वाली अंकिता भंडारी का जब कत्ल हुआ तो उसके बाद से ही उक्रांद के काफी नेता अंकिता को न्याय दिलाने की लडाई लडने के लिए आगे बढ़ गये। उक्रांद के नेता आशुतोष नेगी ने अंकिता को सडक से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय दिलाने की लडाई लडने के लिए अपने कदम आगे बढ़ा रखे हैं। अब उक्रांद ने अपनी ताकत बढाने के लिए युवा टीम को अपने साथ जोडने का जो दौर शुरू किया है उससे कहीं न कहीं भाजपा व कांग्रेस में कहीं न कहीं बेचैनी जरूर होगी? उक्रांद के काफी नेता गढवाल के पहाडी जनपदों में अपनी राजनीतिक ताकत को एकत्र करने की दिशा में आगे बढे़ हुये हैं। उक्रांद के कुछ नेता अपने आक्रामक रूख के चलते सरकार की आंखों में खूब खटक रहे हैं और उसी के चलते कुछ नेता जेल की सलाखों के पीछे भी गये लेकिन जेल से छुटने के बाद उनका जज्बा कम दिखता हुआ नजर नहीं आया। उक्रांद की युवा टीम सरकार को हर मोर्चे पर ललकारने के लिए आगे बढ़ती हुई नजर आ रही है और उनका साफ कहना है कि राज्य में पनप रहे भ्रष्टाचार और घोटालों को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जायेगा। उक्रांद के नेताओं ने छोटे-छोटे दलों को दो टूक संदेश दे रखा है कि वह अपना विलय उक्रांद में करके अपनी ताकत को बढायें और राज्य में कांग्रेस व भाजपा को आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार से बाहर निकालने के लिए सभी एकजुट हो जायें। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से सीबीआई जांच कराने की मांग को लेकर उक्रांद लगातार आक्रामक रूख में दिखाई दे रहा है और उसका आज भी मानना है कि जिस तरह से सिर्फ सीबीआई जांच हो रही है वह उन्हें मंजूर नहीं और जब तक सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी जांच सीबीआई से नहीं होती तब तक वह इस जांच को मानने को तैयार नहीं है।
राजनीतिक हल्कों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि जिस तरह से उक्रांद अब युवा टीम के हाथों में आ गई है तबसे उसने अपनी राजनीतिक ताकत को गढवाल के पहाडी जनपदों में बढाने के लिए घर-घर दस्तक देनी शुरू कर रखी है और यह भी साफ दिखाई दे रहा है कि उक्रांद का पहाडी जनपदों में राजनीतिक रूतबा तेजी के साथ बुलंद हो रहा है और यह सबकुछ देखकर उक्रांद के नेताओं की बांछे खिली हुई हैं। उक्रांद के नेताओं का दो टूक कहना है कि अगर 2027 में राज्य के अन्दर उक्रांद की सरकार बनी तो राज्य में भ्रष्टाचार व घोटाले करने वाले सभी भ्रष्टाचारियों को वह जेल की सलाखों के पीछे डाल देगी।

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