सरकारः यह क्या हो रहा है…

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शिक्षा निदेशालय बना जंग का मैदान
विधायक के सामने निदेशक पर हुआ हमला
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। राजधानी का शिक्षा निदेशालय उस समय जंग का मैदान बन गया जब भाजपा विधायक की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने निदेशक से राजकीय प्राथमिक विद्यालय अस्थल रायपुर में स्वर्गीय पदम सिंह रावत के नाम की शिलापट लगाये जाने को लेकर अपनी बात रखी तो निदेशक ने उन्हें दो टूक कहा कि ऐसा करने का अधिकार शासन के पास है और उसके बाद वहां माहौल तनावपूर्ण हुआ जिसके बाद निदेशक का कमरा जंग का मैदान बन गया और वहां तोडफोड का जो दौर चला उसमें निदेशक पर भी हमला हुआ और उसमें उनको चोट भी आई जिससे सवाल खडा हो गया कि सरकार यह क्या हो रहा है…। सरकार में शामिल विधायक की मौजूदगी मे ही उनके समर्थकों ने निदेशक पर हमला कर एक नये विवाद को जन्म दे दिया है और इस हमले के विरोध में निदेशालय के कर्मचारियों ने अपना आक्रोश दिखाते हुए दो टूक चेतावनी दी कि जब तक हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती तब तक वह काम नहीं करेंगे। अब यह मामला तूल पकड सकता है और सवाल यह भी खडे हो रहे हैं कि आखिरकार निदेशालय जंग का मैदान क्यों बना जिसके चलते निदेशक को भी चोट आई।
सरकार ने सरकारी महकमों की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और वहां काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को हमेशा सुरक्षित रखने का वचन दे रखा है। आज सुबह भाजपा विधायक उमेश काऊ के नेतृत्व में काफी संख्या में लोग ननूरखेडा मे स्थित निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मंे पहुंचे जहां उन्हांेने निदेशक अजय कुमार नौडियाल से राजकीय प्राथमिक विद्यालय अस्थल रायपुर में स्वर्गीय पदम सिंह रावत के नाम की शिलापट लगाये जाने को लेकर अपनी बात कही जिस पर निदेशक ने उन्हें दो टूक कहा कि उनके पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है और यह शासन ही कर सकता है। निदेशक अपनी बात रख ही रहे थे कि विधायक के साथ आये उनके समर्थकों में गुस्सा दिखा और वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया जिसके बाद निदेशक का कमरा जंग का मैदान बन गया और वहां रखी कुर्सियां और सामान इधर-उधर पटकना शुरू कर दिया और यह सब जंग विधायक की मौजूदगी में हो रही थी। बताया जा रहा है कि घटना में निदेशक के सिर और चेहरे पर चोटे आई जिन्हें उपचार के लिए कोरेनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिक्षा निदेशक के माथे पर कई टाके लगाये गये। शिक्षक निदेशक अजय नौडियाल ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि विद्यालय के नाम परिवर्तन के मुद्दे पर विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों ने उन पर दबाव डाला।
निदेशक ने कहा कि उन्होंने विधायक और उनके साथ आये लोगों को बताया कि इस मुद्दे पर शासन स्तर पर निर्णय होगा यह निदेशालय के स्तर की बात नहीं है। शिक्षा विभाग के कर्मियों के अलावा संगठन से जुडे नेताओं ने भाजपा विधायक उमेश काऊ और उनके समर्थकों द्वारा किये गये हमले की निंदा की और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग रखी। सवाल खडे हो रहे हैं कि अगर भाजपा के ही विधायक की मौजूदगी में ऐसा हमला निदेशक पर हो रहा है तो उससे सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों के मन में एक भय का माहौल होना लाजमी है?

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