डीएम बोले एन एच 31 मार्च तक मलवा युक्त करें हाईवे
उत्तरकाशी(चिरंजीव सेमवाल)। चारधाम यात्रा शुरू होने में दिन दो महीने शेष बचे हैं और जबकि मार्ग पर तैयारियां अभी आधा-अधूरी हैं। हालत इतने खराब है कि गंगोत्री- यमुनोत्री हाईवे पर बीते मानसून सीजन में विभिन्न स्थानों पर आपदा से आया मलवा अभी तक भी यूं ही पसरा हुआ है। हालांकि बीते सप्ताह उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर यात्रा तैयारियों का जायजा लिया है।
यमुनोत्री हाईवे की बात करें तो धरासू यमुनोत्री हाईवे पर ,कल्याण आगे, स्यालना ,तलोग समेत दर्जनों स्थानों में अभी भी पिछली आपदा का नहीं हटाया गया यमुनोत्री हाईवे पर मलवा पसरा हुआ है जो यात्रा सीजन में जाम और दुर्घनाओं का न्यौता दे रहा है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यात्रा से जुड़े निर्माण विभागों को आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने एन एच और बीआरओ को 31 मार्च तक हाईवे से मलवा हटाने की डेट लाईन दी है। भले ही यात्रा से जुड़े विभागों की काम करने की गति बेहद ही धीमी है और 19 अप्रैल से पहले यात्रा तैयारियों को दुरुस्त करना जिला प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है।
गौरतलब है कि 2026 की चारधाम यात्रा (अप्रैल में शुरुआत) के लिए सात जिलों से 44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव के बावजूद, बुनियादी ढांचा विकास कार्य अभी भी सुस्त गति से चल रहे हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) समेत गंगोत्री -यमुनोत्री समिति द्वारा गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने के प्रस्ताव के साथ-साथ, पिछले वर्ष की अव्यवस्थाओं (ट्रैफिक जाम, लंबी लाइनें) से सबक लेकर भी, धरातल पर पर्याप्त शौचालय, रैन बसेरे और सड़क मरम्मत का काम अधूरा है।
