आईजी के एक्शन से महकमे में खलबली

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अनिल कुमार भोटिया पड़ाव प्रभारी सस्पेंड
रेंज के हाथों में अब भूमि मामलों की कमान
हल्द्वानी(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कुमाऊँ परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी और पुलिसिया लापरवाही के मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं कुमॉऊ आईजी ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अभियुक्त को लाभ पहुँचाने, कर्तव्य में लापरवाही तथा विवेचना में शिथिलता पाए जाने के बाद की गई, जिससे पुलिस महकमे और भू-माफिया नेटवर्क में खलबली मच गई है। वहीं अब रेंज ने भूमि मामलों की कमान अपने हाथों में ले ली है।
कुमांऊ रेंज की आईजी रिधिम अग्रवाल ने दो टूक संदेश दिया है कि रेंज में भूमाफियाओं के नेटवर्क को नेस्तनाबूत करना उनका पहला मिशन है क्योंकि मुख्यमंत्री का विजन है कि किसी भी व्यक्ति की जमीन पर कोई भूमाफिया कब्जा न कर पाये। रेंज में जमीनों के मामलों निष्पक्षता के साथ जांच कराने का उन्होंने संकल्प लिया हुआ है लेकिन अब भूमि सम्बन्धी मामलों की जांच आईजी रेंज के हाथों में है और उनकी एसआईटी जमीनों के मामलों की जांच निष्पक्षता के साथ करके हर उस पीडित को न्याय दिलायेगी जिसकी जमीन पर भूमाफियाओं ने कब्जा करने का दुसाहस किया था।
बता दें कि पिछले दो माह के दौरान अभियुक्त धनंजय गिरी से जुड़े कई पीड़ितों ने पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ परिक्षेत्र कार्यालय में लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं, जबकि अनेक पीड़ित स्वयं उपस्थित होकर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराते रहे। मामलों की गंभीरता को देखते हुए परिक्षेत्र कार्यालय स्तर पर अभियुक्त के विरुद्ध प्राप्त समस्त शिकायतों, पंजीकृत एफआईआर तथा शिकायतकर्ताओं की विस्तृत सूची तैयार की गई। इसके साथ ही अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित चल-अचल संपत्तियों का संपूर्ण विवरण भी संकलित किया गया। विवेचना के दौरान विवेचक उपनिरीक्षक अनिल कुमार को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि प्रकरण में शीघ्र, प्रभावी और कठोर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को उनका धन वापस दिलाया जा सके और उन्हें न्याय मिल सके। इसके बावजूद विवेचक द्वारा मामलों में लापरवाही और शिथिलता बरती गई, जिसके कारण अभियुक्त को न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्थगन प्राप्त करने का अवसर मिला। हालांकि बाद में न्यायालय द्वारा अभियुक्त का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया गया, लेकिन विवेचक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्त धनंजय गिरी ने भूमि और निवेश से संबंधित आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से दस करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। कई परिवारों की वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा-पूंजी को सुनियोजित तरीके से हड़प लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है तथा कुर्की और जब्ती की कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भूमि से संबंधित प्रकरणों की निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शासन स्तर पर लैंड फ्रॉड समिति का गठन किया गया है, जो गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के आयुक्तों की निगरानी में कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, कुमाऊँ परिक्षेत्र में भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ के निर्देशन में परिक्षेत्रीय विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। पूर्व में जनपदों द्वारा अपने स्तर पर गठित ैप्ज् को अनुचित पाए जाने और उनमें पुलिस कर्मियों की संलिप्तता संबंधी शिकायतें प्राप्त होने के बाद जिला स्तर पर गठित सभी ैप्ज् को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।
अब इस प्रकार का कोई भी मामला सामने आने पर उसकी प्रारंभिक जांच संबंधित क्षेत्राधिकारी द्वारा की जाएगी, जिसके उपरांत प्रकरण को विधिक कार्यवाही के लिए परिक्षेत्रीय एसआईटी को प्रेषित किया जाएगा। परिक्षेत्रीय एसआईटी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अभियुक्त द्वारा धोखाधड़ी से अर्जित धन को नए कानून बीएनएसएस की धारा 107 के अंतर्गत न्यायालय के माध्यम से पीड़ितों को उनके निर्धारित अनुपात में वापस दिलाया जा सके। पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊँ की ओर से आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति, निजी फंड या योजना में धन निवेश करने से पहले यह अवश्य जांच लें कि वह सरकार द्वारा अधिकृत है या नहीं। साथ ही जिन पीड़ितों की शिकायतें अभी तक दर्ज नहीं हो पाई हैं अथवा जिनके साथ अभियुक्त धनंजय गिरी या उसके सहयोगियों द्वारा धोखाधड़ी की गई है, वे परिक्षेत्रीय पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि उन्हें उनका धन वापस दिलाने की प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और आईजी रिद्धिम अग्रवाल की सख्त कार्यशैली में की जा रही यह कार्रवाई कुमाऊँ परिक्षेत्र में कानून के राज को मजबूत करने, भूमि माफिया पर शिकंजा कसने और आम नागरिकों के विश्वास को कायम रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है।

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