विधायक बेहड़ की हुंकार

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कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उबाल, बेटे के हमलावर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
रुद्रपुर(राजीव चावला)। कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ के पार्षद बेटे सौरभ बेहड़ पर हुए हमले के मामले में 40 घंटे से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। हमलावरों की गिरफ्तारी न होने से न सिर्फ विधायक के समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है, बल्कि आम जनता भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।
लोगों का कहना है कि जब एक विधायक के बेटे पर हुए हमले के आरोपियों को पुलिस अब तक नहीं पकड़ पाई है, तो आम आदमी के मामलों में पुलिस की कार्रवाई का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इसी आक्रोश के बीच रविवार दोपहर ठीक 2 बजे विधायक तिलकराज बेहड़ के आवास पर भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।

जनआक्रोश की बैठक, आंदोलन की रूपरेखा पर मंथन
विधायक के आवास पर आयोजित इस अहम बैठक में कांग्रेस के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में जयपुर से कांग्रेस विधायक आदेश चौहान, खटीमा विधायक व नेता प्रतिपक्ष के उप नेता भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन सहित शहर के कई वरिष्ठ नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक का उद्देश्य स्पष्ट थाकृयदि पुलिस ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो सामूहिक रूप से एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। कार्यकर्ताओं का गुस्सा इस कदर था कि बार-बार पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी सुनाई देती रही।

राजकुमार ठुकराल की दो टूक चुनौती
बैठक के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने हमलावरों को सीधे शब्दों में चुनौती देते हुए कहा, “अगर मां का दूध पिया है तो सामने से आकर लड़ो। पीठ पीछे वार करने वाला कायर होता है।” उनके इस बयान पर कार्यकर्ताओं ने जमकर तालियां बजाईं और समर्थन जताया।

भुवन कापड़ी ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल
खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि विधायक के बेटे पर हमला सीधे तौर पर जनता पर हमला है। उन्होंने कहा कि पुलिस का अब तक आरोपियों को न पकड़ पाना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
भुवन कापड़ी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस दबाव में काम कर रही है, जिससे जनता का भरोसा लगातार टूट रहा है।

बैठक के बीच पहुंचे पुलिस अधिकारी, मांगा 24 घंटे का समय
जब बैठक अपने अंतिम चरण में थी, तभी एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी, रुद्रपुर कोतवाल मनोज रतूड़ी और ट्रांजिट कैंप कोतवाल मोहन पांडेय अचानक विधायक बेहड़ के आवास पर पहुंचे। अधिकारियों ने विधायक और उपस्थित नेताओं से बातचीत करते हुए 24 घंटे का समय मांगा और आश्वासन दिया कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा तथा हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

विधायक बेहड़ की खुली चेतावनी
पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बावजूद विधायक तिलकराज बेहड़ का तेवर पूरी तरह सख्त नजर आया। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा,
“मुझे मत जगाओ३ हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। मुझे मेरे पुराने रूप में आने के लिए मजबूर मत करो।” विधायक बेहड़ ने कहा कि यदि पुलिस ने ढुलमुल रवैया अपनाया और सही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरना और आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से इस संघर्ष में सहयोग करने की अपील भी की।

इलाके में तनाव, सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई पर
फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस के लिए यह मामला अब सिर्फ एक हमले की जांच नहीं, बल्कि अपनी साख बचाने की चुनौती बन चुका है। आने वाले 24 घंटे पुलिस के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि अगर तय समय में हमलावर गिरफ्तार नहीं हुए तो रुद्रपुर में बड़ा राजनीतिक और जन आंदोलन खड़ा हो सकता है।

मुझे मत जगाओष् हमने चूड़ियां नहीं पहनी हैष् मुझे पुराने रूप में आने के लिए मजबूर मत करोरू बेहड़

मां का दूध पिया है तो पीछे से हमला क्यों? सामने आकर लड़ोरू राजकुमार ठुकराल

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