जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष की दहाड़

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उत्तराखण्ड में बदमाशों का साम्राज्य
राज्य में कानून व्यवस्था हुई तार-तार
माफियाओं- अवैध कारोबारियों का हब बना उत्तराखण्ड
विकासनगर। उत्तराखण्ड में पिछले लम्बे समय से राज्य के कुछ जिलों में जिस तेजी के साथ अपराध का ग्राफ बढता जा रहा है उससे आम जनमानस के मन में एक बडा डर देखने को मिल रहा है। आम जनमानस के मन में शंका का दौर है कि जिस तरह से अपराधी और माफिया एक बार फिर सिर उठा रहे हैं उससे क्या कभी उत्तराखण्ड अपराधमुक्त हो पायेगा? जन संघर्ष मोर्चा ने राज्य में तार-तार होती कानून व्यवस्था के खिलाफ अपनी बडी दहाड़ लगाई है और यहां तक आरोप लगा दिया है कि राज्य में बदमाशों का साम्राज्य हो गया है। मोर्चा अध्यक्ष ने आरोप की झडी लगाते हुए कहा कि उत्तराखण्ड माफियाओं एवं अवैध कारोबारियों का हब बन चुका है और जनता पुलिसिया लूट से बेहाल हो गई है। उत्तराखण्ड में बदमाशों एवं माफियाओं की आमद बढ गई है जिसके चलते दिन दहाडे बदमाश अपनी वारदात को अंजाम देने में तिनकाभर भी नहीं डर रहे हैं। जन संघर्ष मोर्चा ने राज्य की कानून व्यवस्था को जिस तरह से कटघरे में लाकर खडा कर दिया है उससे अब देखना होगा कि क्या सरकार राज्य के अन्दर ध्वस्त हो रही कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कोई बडा एक्शन करने के लिए आगे आयेगी?
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश में एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर मुरुगेशन की कार्यशैली एवं लापरवाही की वजह से प्रदेश में माफियाओं एवं अवैध कारोबारियों का साम्राज्य स्थापित हो गया है। आज जिस तरह से अधिकांश जगहों पर पुलिसिया लूट- खसोट होने लगी है, उसके चलते बदमाशों से ज्यादा, लोग पुलिस से डरने लगे हैं ! लोग पुलिस की कार्यशैली से तंग आकर आत्महत्या तक करने लगे हैं तथा कई लोग डर के साए में जी रहे हैं, लेकिन एडीजी ऑफिस की शोभा बढ़ा रहे हैं।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश भर में बदमाशों एवं माफियाओं की आमद बढ़ चुकी है, जिसके चलते दिन- दहाड़े बदमाश अपनी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी का पुलिस पर नियंत्रण न होना,इसका सबसे बड़ा कारण है। हाल ही में एक किसान आत्महत्या के मामले में निलंबित एक दरोगा की एसीआर लीक हुई, जो कि सोशल मीडिया पर बहुत ज्यादा वायरल हो रही है, इसका जिम्मेदार कौन है। जिम्मेदार अधिकारी का कर्तव्य है कि समय-समय पर आम जन से सीधा संवाद करे, जिससे पुलिसिया कार्यशैली का पता लग सके एवं आमजन अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके। आज अधिकांश जनपदों में जानलेवा चाइनीस मांझा बिक रहा है तथा नशे का कारोबार दिन- प्रतिदिन बढ़ रहा है, लेकिन इस और इनका ध्यान नहीं जा रहा है। कई कर्मठ व ईमानदार अधिकारी अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन इनको पूछने वाला कोई नहीं है। मोर्चा शीघ्र ही इस मामले में सरकार से वार्ता कर ऐसे गैर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कराकर ही दम लेगा। नेगी ने तंज कसते हुए कहा कि इनको एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर के बजाय एडीजी, वीआईपी ट्रीटमेंट बनाया जाना चाहिए। पत्रकार वार्ता में हाजी असद एवं प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद थे।

बाक्स
फिर सर उठाने लगे अपराधी

अपराधियों के मन में खाकी का डर नहीं
उत्तराखण्ड में पिछले कुछ महीनों से अपराधियों के मन में खाकी का खौफ खत्म होता जा रहा है और उसी के चलते आम जनमानस के मन में अब अपराधियों और माफियाओं को लेकर फिर वही डर देखने को मिल रहा है जो डर उन्हें पूर्व सरकारों में सताया करता था? उत्तराखण्ड के अन्दर पहली बार ऐसा देखने को मिला जब बेखौफ बदमाशों ने पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय की चौखट पर जा रहे एक अपराधी को गोलियों से भूनकर सरेआम मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना ने उत्तराखण्ड ही नहीं बल्कि देशभर के लोगों को झंझोर कर रख दिया था। हाल ही में काशीपुर से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड के पार्षद पुत्र सौरभ बेहड़ पर तीन बदमाशों ने शाम ढलते ही जानलेवा हमला कर पुलिस महकमे को खुली चुनौती दी उसने यह सवाल आवाम के मन मे तो खडे कर ही दिये कि आखिरकार राज्य में कानून व्यवस्था है तो है कहां?

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