प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का घेराव

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कांग्रेस-उक्रांद ने काले झंडे दिखाकर किया विरोध
पहाड़ों में भाजपा नेताओं के खिलाफ बगावत
चमोली। उत्तराखण्ड के अन्दर अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने को लेकर कांग्रेस, उक्रांद और अंकिता भंडारी न्याय संयुक्त संघर्ष समिति मंच ने आंदोलन की राह पकड ली है और उन्हांेने दो टूक अल्टीमेेटम देना शुरू कर दिया है कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाती तब तक उनका आंदोलन रूकने वाला नहीं है। सरकार के मुखिया ने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच कराने की संस्तुति का दावा जरूर किया है लेकिन अंादोलन कर रहे संगठन इस बात पर अडे हुये हैं कि मुख्यमंत्री ने संस्तुति पत्र सीबीआई को भेजा है उसे वह सार्वजनिक करें जिससे इस बात का पता चल सके कि उन्होंने जांच किस बिन्दु पर कराने का आग्रह किया है। सरकार की इस मामले में दिखाई दे रही चुप्पी सेे पहाडों में कांग्रेस और उक्रांद आक्रोश मे हैं और जब भी भाजपा का कोई बडा नेता किसी जनपद में आने के लिए अपने कदम आगे बढा रहा है तो कांग्रेस व उक्रांद उसका खुलकर विरोध करने के लिए आगे बढ रहे हैं जिसने सरकार के माथे पर कहीं न कहीं चिंता की लकीरें जरूर डाल दी होंगी। उत्तरकाशी में एक दिन पूर्व कैबिनेट मंत्री के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे और उन्हें काले झंडे दिखाकर कांग्रेसियों ने अपना बडा विरोध दिखाया तो वहीं आज गोपेश्वर डिग्री कॉलेज गेट पर भाजपा राज्य सभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यख का कांग्रेस व उक्रांद कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव किया जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने में एक बडी मशक्कत करनी पडी।
राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को आज गोपेश्वर में कांग्रेस और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर जोरदार विरोध किया। महेंद्र भट्ट सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के शुभारम्भ के लिए जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचे थे। इसी दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड, मनरेगा सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की। सांसद खेल महाकुंभ कार्यक्रम के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम जाते समय गोपेश्वर डिग्री कॉलेज गेट पर कांग्रेस व उक्रांद कार्यकर्ताओं ने उनका घेराव किया। विरोध के चलते मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भाजपा कार्यकर्ताओं व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। हालात नियंत्रित करने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बदहाल है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक न होने पर नाराजगी जताई। कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, हालांकि पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को डिटेन कर हालात संभाले।
इधर, कार्यक्रम के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करती हैं और उनकी प्रतिभा निखारती हैं। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले उत्तरकाशी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का काफिला काले झंडे दिखाकर रोका था। गंगोरी क्षेत्र में “जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से लौटते समय गंगोत्री नेशनल हाईवे पर विरोध के कारण कुछ देर अफरा-तफरी रही, हालांकि प्रशासन व पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर काफिले को सुरक्षित रवाना कराया।

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