सोशल मीडिया पर छाया अंकिता हत्याकांड

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तो क्या सुप्रंीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में हो पायेगी सीबीआई जांच?
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में कुछ वर्ष पूर्व पौडी में अंकिता भंडारी हत्याकांड की चिंगारी देशभर में सुलगी थी और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखण्ड के चप्पे-चप्पे पर एक बडा संग्राम मचा था जिसके बाद इस हत्याकांड की जांच मुख्यमंत्री ने डीआईजी की देखरेख में एसआईटी बनाकर करवाई थी। एसआईटी ने इस हत्याकांड में गुनाहगारों को सलाखों के पीछे पहुंचाकर उनके खिलाफ पुख्ता सबूत एकत्र करने के बाद न्यायालय में बडी पैरवी करके उन्हें जहां जमानत पर नहीं छूटने दिया था वहीं आजीवन कारावास का भी उन्हें दंड दिलवाया था। एक लम्बे अर्से के बाद अचानक अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर भाजपा के पूर्व विधायक की कथित पत्नी ने सोशल मीडिया पर आकर एक बडा बवाल मचा दिया था जिससे उत्तराखण्ड के पहाड और मैदान भी अचानक सुलग गये। जनदबाव में मुख्यमंत्री ने इस हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर सीबीआई जांच के आदेश कर दिये लेकिन यह मामला देशभर के बडे-बडे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर छाया हुआ है और इस हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर जिस तरह से एक तूफान मचा हुआ है उससे सरकार के सामने भी अभी तक संकट के बादल मंडराये हुये नजर आ रहे हैं?
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम की एंट्री होते ही उत्तराखण्ड की सियासत में एकाएक भूचाल मचा हुआ है और हर तरफ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग सडकों पर दिखाई देने लगी है। कांग्रेस, उक्रांद और कुछ संगठन अंकिता भंडारी हत्याकांड मंे कथित वीआईपी की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से कराने की मांग पर अडे हुये हैं। सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति तो कर दी लेकिन इस आंदोलन को लेकर सडकों पर लडाई लडने वालों का दो टूक कहना है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराने का आदेश नहीं होता तब तक उनका आंदंोलन जारी रहेगा। देशभर के कई बडे-बडे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की जांच सीबीआई से कराने और सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में कराये जाने को लेकर एक बडा तूफान मच रखा है। बडे-बडे राजनीतिक विशेषज्ञ अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर जो सवालों की बौछार कर रहे हैं उससे उत्तराखण्ड के सिस्टम पर भी कई सवालिया निशान लग रहे हैं? अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब ऐलान कर चुके थे कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सरकार हमेशा उनके परिवार के साथ खडी है तो फिर सरकार के आसपास ऐसे कौन से सलाहकार हैं जिन्हांेने उर्मिला सनावर के साथ राजधानी के अन्दर स्वामी दर्शन भारती की रहस्यमय एंट्री कराकर एक बडा भूचाल मचाकर रखा हुआ है?
सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर एक बडी तपिश देखने को मिल रही है और हर तरफ एक ही आवाज कहीं न कहीं उठ रही है कि अंकिता को न्याय दिलाने के लिए उस वीआईपी को भी खोजना होगा जिसे स्पेशल सर्विस देने से जब अंकिता ने मना किया था तो फिर वंतरा के मालिक के बेटे ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम का शोर जिस तरह से उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में मचा हुआ है वहीं देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को खोज निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराने की बडी हुंकार भी लग चुकी है। सरकार ने सीबीआई जांच के आदेश कर दिये लेकिन सोशल मीडिया पर यही बहस चल रही है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच नहीं होती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा। अब हर तरफ सोशल मीडिया पर यही बहस चल रही है कि क्या अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को खोज निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की देखरेख में सीबीआई जांच कराने के लिए सरकार राजी हो पायेगी?

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