सोशल मीडिया पर हीरो बनने की चाहत में बन गये जीरो!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के संत समाज में कभी भी दर्शन भारती को एक स्वामी के रूप में कोई पहचान मिली हो ऐसा देखा नहीं गया लेकिन दर्शन भारती अपने आपको स्वामी मानकर जिस तरह से उर्मिला सनावर फाइल्स में अपनी रहस्यमय एंट्री कराने के लिए आगे आये और उन्होंने अपने आपको जिस अंदाज में पॉवरफुल दिखाने का बखान किया और दम भरा कि उन्होंने ही अंकिता भंडारी हत्याकांड खेला है तो उसके बाद वह सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रहे हैं और वह इस प्रकरण में हीरो की भूमिका निभाने के लिए भले ही अपने आपको आगे रखते हुए नजर आये लेकिन आवाम की नजरों में वह जीरो बन गये क्योंकि उनको लेकर जो सवालों की बौछार की जा रही है उससे स्वामी अपने ही चक्रव्यूह में फसते हुए नजर आ रहे हैं?
उत्तराखण्ड के अन्दर स्वामी दर्शन भारती उस समय चर्चा में आये थे जब उन्हें निशंक कार्यकाल में जल विद्युत परियोजनाओं को लेकर अपनी दहाड़ लगाई थी? एक लम्बे समय से वह कहीं नजर आये हों ऐसा देखने को नहीं मिला लेकिन कुछ वर्षों से वह उत्तराखण्ड की वादियों में हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे बढ़ते हुए जरूर नजर आ रहे हैं। पहाड़ों मे वह उस हिन्दुओं के बीच अलख जगाने और पहाडों मे अपनी पहचान छुपाकर वहां रहने वालों के खिलाफ वह दहाडते हुए कभी-कभी नजर आ रहे हैं और उन्हें स्वामी के नाम से पुकारा जा रहा है। उत्तराखण्ड के अन्दर अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद मचे तूफान से उत्तराखण्ड की सियासत में एकाएक हलचल मची हुई है और इस हलचल को मचाने वाली कोई और महिला नहीं बल्कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी बताया जा रहा हैै। उर्मिला सनावर नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर जिस विश्वास के साथ कथित वीआईपी के नाम का दबंगता के साथ शोर मचाया उसने उत्तराखण्ड की सियासत में एक बडा तृफान लाकर खडा कर दिया था।
अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी के नाम का शोर मचाने वाली उर्मिला सनावर के खिलाफ जब हरिद्वार से लेकर देहरादून तक मुकदमें दर्ज हुये तो उसके बाद वह रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी और जब उसे खोज पाने में पुलिस और एसआईटी फेल हो गई थी तो अचानक स्वामी दर्शन भारती उर्मिला सनावर को अपने साथ लेकर दून आ गये और उन्होंने उसके बाद अपने आवास पर मीडिया के लोगों के साथ जो पंचायत लगाई वह सबने देखी और सुनी। स्वामी दर्शन भारती ने यहां तक दम भर दिया था कि अंकिता हत्याकांड उन्होंने ही खोला है और अगर उन्होंने ऐसा न किया होता तो अंकिता आज तक गुमशुदा ही रहती। दर्शन भारती ने जिस अंदाज में इस मामले के अन्दर अपने आपको सियासत के अन्दर एक हीरो के रूप में दिखाने का भले ही दम भरा हो लेकिन सोशल मीडिया में वह हीरो से उस समय जीरो होते चले गये जब उन पर सवालों की बौछार होने का दौर शुरू हुआ? सवाल उठे कि आखिरकार वो कौन लोग हैं जिन्होंने इस मामले में स्वामी दर्शन भारती की एंट्री कराकर कहीं न कहीं सरकार की फजीहत भी करवा दी? सवाल यह भी तैरे कि जब समूचा उत्तराखण्ड उर्मिला सनावर के बयान को लेकर कथित वीआईपी का चेहरा उजागर करने के लिए सड़कों पर उतर आया तो फिर इस मामले में दर्शन भारती कैसे अपने आपको स्पाइडर मैन समझकर यह दावा करने लगा कि मैने ही उर्मिला सनावर को ट्रैक किया है और उसके बाद उसे चंडीगढ़ से मैं ही साथ लाया। दर्शन भारती आखिर किस मठ के स्वामी हैं यह भी आज तक शायद किसी को इल्म नहीं है इसलिए उर्मिला सनावर प्रकरण में दर्शन भारती की एंट्री से वह खुद अपने ही चक्रव्यूह में फंस गये?
