‘अहंकार’ में स्वामी

0
104

दावाः मैने खोला था अंकिता भंडारी हत्याकांड
मैं न होता तो आज भी गुमशुदा होती अंकिता: दर्शन भारती
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की सियासत में आज तक किसी भी साधू या स्वामी ने आवाम के सामने अपने बडबोलेपन का आईना नहीं दिखाया लेकिन अचानक अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर राजनीति में एक बडा भूचाल मचाने वाली उर्मिला सनावर को अपने साथ चंडीगढ से देहरादून लाने वाले एक स्वामी का अहंकार सिर चढकर बोल रहा है और उसने मीडिया के सामने यहां तक दावा कर दिया कि मैने खोला था अंकिता भंडारी हत्याकांड। स्वामी का अहंकार इससे बढकर भी देखने को मिला जब उन्होंने कहा कि मै न होता तो आज भी अंकिता गुमशुदा होती। सवाल यह कि आखिरकार एक स्वामी के अन्दर इतना अहंकार कहां से आ गया कि वह यहां तक दहाडने लग गया कि उसने ही अंकिता भंडारी हत्याकांड खोला था?
उत्तराखण्ड की सियासत में इन दिनों अंकिता भंडारी हत्याकांड की गूंज एक बार फिर पहाड से लेकर मैदान तक गूंज रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिन्न उस समय बाहर आया जब भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो क्लिप वायरल करके इस मामले में कथित वीआईपी के नाम का शोर मचा दिया था? उर्मिला सनावर अचानक सोशल मीडिया पर प्रकट हुई और अचानक वह काफी दिन तक गायब भी रही जिसके बाद उत्तराखण्ड की सियासत में एक बडा बवंडर मच गया था। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ देहरादून और हरिद्वार में कुछ मुकदमे भी कायम हुये और उसके बाद उन्हें खोजने का पुलिस और एसआईटी ने ऑपरेशन भी शुरू कर रखा था।
वहीं अंकिता भंडारी हत्याकांड में सुप्रीम कोई के सिटिंग जज की देखरेख में इस मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने के लिए कांग्रेस से लेकर तमाम संगठन संगठनों पर आंदोलन और प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास घेराव में आम जनमानस के अन्दर सीबीआई जांच कराने को लेकर जो उबाल देखने को मिला था उसने कहीं न कहीं उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में एक बडी हलचल मचा दी थी। सीबीआई जांच की मांग पूरी न होने पर अब ग्यारह जनवरी को उत्तराखण्ड बंद करने का बडा ऐलान हो रखा है। सबसे अजीब बात यह है कि जिस उर्मिला सनावर को पुलिस व एसआईटी नहीं खोज पाई उस तक कैसे स्वामी दर्शन भारती पहुंच गया यह राज्यवासियों के मन में एक बडी शंका पैदा कर रहा है? उर्मिला सनावर को दर्शन भारती अपने साथ कार में देहरादून लाये और उसके बाद उर्मिला एसआईटी के सामने अपने साथ लाई सबूत देने का दावा कर रही हैं। वहीं उर्मिला को देहरादून लाने वाले स्वामी दर्शन भारती भी इस प्रकरण में मीडिया के सामने कूद पडे और उन्हांेने जिस तरह से पंचायत लगाते हुए दहाड लगाई कि इस हत्याकांड में नये वीआईपी का नाम सातवे नम्बर पर है और उन्होंने यहां तक दम भर दिया कि देश के इतिहास में कभी भी किसी ऑडियो क्लिप को लेकर कोई सीबीआई जांच हुई हो ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने खुद अपने आपको जज की तरह हुंकार लगाते हुए कहा कि अगर सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट कराये जाये और उसे जेल भेजा जाये। हैरानी वाली बात है कि स्वामी दर्शन भारती ने अहंकार दिखाते हुए यहां तक दम भर दिया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मैने खोला था और यहां तक दहाड़ लगा दी कि मैं न होता तो आज भी अंकिता गुमशुदा होती। दर्शन भारती यहां तक कह गये कि वंतरा रिजॉट को उसी दिन खत्म हो जाना चाहिए था क्योंकि आज भी उस रिजॉट की सुरक्षा पीएससी के कुछ जवान कर रहे हैं। दर्शन भारती ने इस मामले में अपने आपको जिस तरह से हीरो साबित करने के लिए मीडिया के सामने दम भरा है उससे उनका अहंकारपन साफ झलक गया?

LEAVE A REPLY