अंकिता भंडारी प्रकरण में स्वामी के बोलबचन से मचा घमासान

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सोशल मीडिया पर दर्शन भारती पर सवालों की बौछार
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीन गुनाहगारों को आजीवन कारावास की सजा होने के बाद से ही मामला खामोश हो गया था। हालांकि अकसर इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठती रहती थी कि आखिरकार इस हत्याकांड में वो वीआईपी कौन था जिसका चेहरा कभी बेनकाब ही नहीं हो पाया? सर्द हवाओं के बीच राजनीति में एक बडी तपिश लाने के लिए उर्मिला सनावर की सोशल मीडिया पर एंट्री और उनके द्वारा कथित वीआईपी के नाम का खुलासा किये जाने के बाद मानो पहाड़ से लेकर मैदान तक सुलग उठा कि वीआईपी का नाम बेनकाब हो गया है तो फिर सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए क्यों अभी तक खामोश है? अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर की ऑडियो के बाद मचे तूफान के बाद एक स्वामी की एंट्री और उनके द्वारा मीडिया के सामने जो बोलबचन हुये उसे सुनकर इस लडाई को लड़ रहे संगठनों में एक बडा उबाल देखने को मिला और कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर आकर जिस अंदाज में स्वामी को कटघरे में खडा करते हुए उन पर सवालों की बौछार की उसने अचानक प्रकट हुये स्वामी के सारे दावों को हवा मे उडाकर रख दिया है क्योंकि स्वामी अपने आपको जज की भूमिका में रखकर दावे कर रहे थे लेकिन हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने को लेकर वह खामोश रहे उसी से उन पर हर तरफ प्रहार हो रहा है?
उत्तराखण्ड के अन्दर स्वामी दर्शन भारती का कोई जनाधार कभी भी रहा हो ऐसा देखने को नहीं मिला जिससे कि कोई भी यह समझ सकता है कि धर्म के क्षेत्र में वह आवाम के लिए तो एक अंजान चेहरा ही हैं? अंकिता भंडारी हत्याकांड में अचानक प्रकट हुई उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर आकर कथित वीआईपी के नाम को लेकर जो बवाल मचाया था वह उत्तराखण्ड में एक बडा तूफान ले आया। उर्मिला सनावर का कथित वीआईपी को लेकर बार-बार सोशल मीडिया पर आकर शोर मचाना और उसके बाद कुछ दिन तक उसका रहस्यमय ढंग से गायब हो जाना राज्य की फिजाओं में कई सवालों को जन्म दे गया था? सरकार ने दावा किया था कि उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर को एसआईटी खोज रही है लेकिन अचानक उर्मिला सनावर का स्वामी दर्शन भारती के साथ देहरादून में प्रकट होने से आशंकाओं का अम्बार लग गया था। इतना तक तो ठीक था लेकिन दर्शन भारती ने मीडिया के सामने आकर जिस तरह से इस प्रकरण में पंचायत लगाकर दावा किया कि सुरेश राठौर और दुष्यंत गौतम के बीच आपसी टकराव था जिसके चलते उर्मिला सनावर ने राठौर के दबाव में कथित वीआईपी के नाम का खुलासा किया था। दर्शन भारती ने इस मामले में जिस तरह से अपने आपको राजनीतिक हीरो बनने के लिए बडे-बडे दावे किये और उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर चुप्पी साधी उससे राज्य की फिजाओं में एक बार फिर उबाल आता हुआ नजर आ गया?
दर्शन भारती ने मीडिया के सामने जिस अंदाज में अपने बोलबचन किये उसे सुनकर उक्रांद से लेकर कुछ संगठनों के नेताओ ने दर्शन भारती को लेकर जो सवालों की बौछार की और उसे कटघरे मे खडा करते हुए कहा कि दर्शन भारती क्या एसआईटी का इंचार्ज है जो दावा कर गया कि वह उर्मिला सनावर को लोकेट कर रहा था और उसके बाद वह उसे चंडीगढ़ से अपने साथ ले आया। दर्शन भारती ने किस हैसियत के साथ उर्मिला सनावर को खोजने का ऑपरेशन चला रखा था यह दर्शन भारती को कटघरे में खडा कर रहा है। उक्रांद नेता आशुतोष नेगी, युवा नेता बॉबी पंवार, माकपा के नेता इंद्रेश मैखुरी से लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया में आकर दर्शन भारती को अंकिता भंडारी हत्याकांड में उसके बोलबचन को लेकर जो तीखे प्रहार किये हैं उसने कहीं न कहीं एक बार फिर इस मामले में एक बडा तूफान लाकर खडा कर दिया है?

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