एसटीएफ के कप्तान ने छेड़ी वन तस्करों के खिलाफ जंग

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सीएम ने वन माफियाओं पर एक्शन का दे रखा अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के अन्दर वन माफियाओं और तस्करों के नेटवर्क को भेदने के लिए बडी रणनीति के तहत ऑपरेशन चलवा रखा है और उन्हें इस बात का इल्म है कि उत्तराखण्ड का अधिकांश क्षेत्र वनों में है। वन तस्करों का एक दशक से उत्तराखण्ड के कई इलाकों में बडा नेटवर्क रहा है और अकसर पुलिस और एसटीएफ मिलकर इनका नेटवर्क भेदने के लिए हमेशा आगे रहती है जिससे कि वन तस्करों की नाक में नकेल डाली जा सके। उत्तराखण्ड के कुछ जनपदों में पिछले लम्बे समय से पुलिस, वन महकमे और वन तस्करों के बीच आमने-सामने मुठभेड होती रही है और उसमें काफी वन तस्करों को गोलियां भी लगी हैं लेकिन उसके बावजूद भी वन तस्करों का आतंक खत्म नहीं हो पा रहा। चंद दिन पूर्व जब एसटीएफ और वन महकमे की टीम जंगल में एक बडा ऑपरेशन चलाने के लिए आगे बढ रही थी तो कुछ वन तस्करों ने उस टीम पर फायर कर दिया था जिसमें एसटीएफ के एक चालक के सीने और जबडे में छर्रा लगा था और उसके प्राणों पर बडा संकट आया था जिसके बाद उसका ऑपरेशन हुआ और उसे बचा लिया गया लेकिन एसटीएफ ने इन वन तस्करों के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाकर उन्हें दबोचने के लिए अपने कदम आगे बढाये और एसटीएफ पुलिस कप्तान भी खुद नैनीताल में ऑपरेशन की लीड करते रहे और कुछ वन तस्कर गिरफ्तार हुये और मुख्य वन तस्कर पुलिस की मुठभेड में घायल हो गया था। मुख्यमंत्री का साफ अल्टीमेटम है कि वन तस्करों को किसी भी कीमत पर जंगलों से खदेडने का हमेशा ऑपरेशन चलता रहेगा।
देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री ने राज्य को अपराधमुक्त करने का संकल्प लिया हुआ है तो वहीं उन्होंने लम्बे समय से वन माफियाओं पर बडा एक्शन करने के लिए सभी जनपदो ंके पुलिस कप्तानों और एसटीएफ कप्तान को अल्टीमेटम दे रखा है कि राज्य में वन माफियाओं की नाक में नकेल डाली जाये जिससे कि कोई भी राज्य के वनों में तस्करी करने का तांडव न कर पाये और न ही वह वनों में जीव-जंतुओं की हत्या कर उनके अंगों की तस्करी कर पाये। एसटीएफ के पुलिस कप्तान को एक बडी टीप मिली कि विकासनगर क्षेत्र में दो वन तस्कर जंगली जानवरों के अंग और नाखून बेचने की फिराक मे है। खबर मिलते ही पुलिस कप्तान ने उन्हें दबोचने के लिए अपनी टीम को मैदान में उतारा और जब चैकिंग के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोकने की कोशिश की गई तो उस पर सवार लोग भाग खडे हुये लेकिन एसटीएफ ने उन्हें दबोच लिया और जब उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से जंगली जानवर के अंग बरामद हुये।
देश में वन्य जीव अंगो की अवैध तस्करी में लिप्त तस्करों की अवैध गतिविधियों की रोकथाम व धरपकड़ के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जनपदों के पुलिस कप्तान और एसटीएफ के पुलिस कप्तान को बडा एक्शन करने के लिए साफ संदेश दे रखा है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश के चलते एसटीएफ के पुलिस कप्तान नवनीत भुल्लर द्वारा अपनी टीमों को मैदान में उतार रखा है और उन्हें वन्य जीवों की तस्करी में संलिप्त प्रत्येक तस्कर की कुंडली तैयार कर उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही करने का संदेश दिया हुआ है। इसी के चलते एसटीएफ को वन्य जीव तस्करी की सूचना मिलने पर आज जनपद देहरादून के विकासनगर क्षेत्र से दो वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक अदद भालू पित्त ( वजन 155 ग्राम) व पांच नाखून जंगली जानवर के बरामद किए गए।
पुलिस कप्तान एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि एसटीएफ को मैनुवली सूचना मिली थी कि विकासनगर देहरादून क्षेत्र में वन्य जीव जन्तुओं के अंगो तथा भालू पित्त की अवैध तस्करी हो रही है, जिसे एसटीएफ द्वारा अपने स्थानीय सूत्रों से मेैनुवली डेवलप किया गया जिस पर आज विकासनगर से यमुनोत्री जाने वाले रास्ते हतीयारी ग्राम से पहले मोटर साइकिल पर आते हुए दो वन तस्करों को गिरप्तार किया गया है जिन्होंने अपना नाम भगवान सिंह रावत व जितेन्द्र सिंह पुंडीर बताया और भगवान सिंह रावत के कब्जे से एक भालू पित्त व जितेन्द्र सिंह पुंडीर के कब्जे से पांच नाखून जंगली जानवर के बरामद हुए है। भालू पित्त एवं जंगली जानवरों के अंगों को वन्यजीव जन्तु संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में रखा गया है इसका शिकार करना एक गम्भीर अपराध है, पकड़े गये तस्कर के विरुद्ध थाना विकासनगर जनपद देहरादून में वन्यजीव अधिकारी (वाइल्ड लाइफ एक्ट) के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
पुलिस कप्तान द्वारा बताया गया कि वन तस्कर से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार एसटीएफ द्वारा इस मामले मेें गहनता से छानबीन की जा रही है और यदि इस मामले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता मिलती है तो उसके विरूद्ध कार्यवाही सुनिष्चित की जायेगी। वन विभाग से भी जानकारी की जा रही है। पुलिस कप्तान एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि वह वन्यजीवों की तस्करी करने वाले तस्करों के विरूद्व कार्यवाही हेतु तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एसटीएफ से सम्पर्क करें। पुलिस कप्तान ने साफ कहा कि एसटीएफ आगे भी वन्यजीव तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही करती रहेगी, ताकि सीधे-साधे व बेजुबान जानवरों के शिकार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

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