संकल्पः ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना, हमें चले नेक रस्ते पे हमसे भूलकर भी कोई भूल हो न’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। मुख्यमंत्री ने जब सरकार की कमान संभाली थी तो उन्होंने सत्य पर चलने की करोडो राज्यवासियों के सामने शपथ ली थी और यह भी शपथ ली थी कि वह कभी भी द्वेष भावना के साथ सरकार नहीं चलायेंगे। चार साल से मुख्यमंत्री सत्य पर चलने का जो जुनून पाले हुये हैं उससे राज्यवासियों को अपने मुख्यमंत्री में एक महापुरूष नजर आने लगा है और वह यह मानते हैं कि मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में जो भी कहा उसे वह पूरा करने में कभी पीछे नहीं हटे। चार साल से राज्य के अन्दर लोकतंत्र जिंदा है और किसी ने भी कभी यह शोर नहीं मचाया कि उत्तराखण्ड के अन्दर लोकतंत्र खतरे मे है। मुख्यमंत्री का सत्य पर चलने का जो विजन आवाम देख रहा है उसके चलते आज उत्तराखण्डवासी मुख्यमंत्री को एक दशक तक राज्य का मुख्यमंत्री बनने का अपना आशीर्वाद दे रहे हैं।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सदस्य के रूप में जब शपथ ली थी तो उन्होंने 1986 में फिल्मी पर्दे पर आई हिन्दी फिल्म ‘अंकुश’ का वह गीत जरूर अपने भीतर गुनगुनाया होगा कि ‘इतनी शक्ति हमें देना दाता, मन का विश्वास कमजोर हो ना, हमें चले नेक रस्ते पे हमसे भूलकर भी कोई भूल हो न’। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्य पर चलने की जिस तरह से शपथ ले रखी है वह शपथ राजनीति में एक बहुत बडी चुनौती माना जाता है क्योंकि उत्तराखण्ड के इतिहास में तेईस सालों से राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सत्य की राह पर चलने के लिए कभी अपने कदम आगे नहीं उठाये और चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों ने राज्यपाल के सामने ली उस शपथ को भी झूठ के द्वार पर लाकर खडा कर दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सत्ता चलाने के दौरान द्वेष भावना से काम नहीं करेंगे और जो काम उनके सामने आयेंगे उसे वह निष्ठा से पूरा करेंगे लेकिन आवाम के सामने ली गई यह शपथ अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने रौंद कर रख दी थी लेकिन अब उत्तराखण्ड में एक नई इबारत लिखने आये राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्य पर चलने की जिस तरह से शपथ ली है उससे राज्य की जनता के मन में एक आशा की किरण दिखाई दे रही है और उन्हें इस बात का भी इल्म है कि मुख्यमंत्री जब सत्य की राह पर आगे बढेंगे तो उनके कुछ अपने भी उन्हें अपने निशाने पर लेकर उन्हें सत्य के मार्ग में विधन डालने का खेल, खेल सकते हैं? मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्य की राह पर चलने के लिए अपना विजन साफ कर रखा है और यही कारण है कि उनकी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल किया हुआ है जिनकी छवि उत्तराखण्ड से लेकर देशभर मंे एक ईमानदार अफसरों के रूप में देखी जाती है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी पारदर्शी और स्वच्छ सत्ता चलाने की शैली से राज्य की जनता के दिलों में अपनी इतनी बडी जगह बना ली जितनी तेईस साल में कोई भी पूर्व मुख्यमंत्री नहीं बना पाया था यह छवि इसलिए भी एक बडे तेज के रूप में दिखाई दे रही है। चार साल के के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को एक बार भी अहंकार की राजनीति करते हुए नहीं देखा गया जबकि भाजपा के चंद पूर्व मुख्यमंत्री सत्ता को अपनी जायदाद समझने लगे थे और जब भी कोई उनकी सरकार में हो रहे भ्रष्टाचार व घोटालों पर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए आगे आता था तो एक दो पूर्व मुख्यमंत्री सत्ता के घमंड में उस व्यक्ति को डराने का हर प्रपंच रचने से पीछे नहीं हटते थे? मुख्यमंत्री चार साल से सत्य की राह पर चलकर सरकार चला रहे हैं और उनके सत्य के पथ पर चलने से विपक्ष और भाजपा के ही कुछ राजनेताओं के मन में बेचैनी का माहौल है क्योंकि उन्हें यह इल्म हो चुका है कि मुख्यमंत्री की स्वच्छ कार्यशैली उनके राजनीतिक भविष्य पर ग्रहण लगा रही है।
पहाड़ में चढ़ता विकास का पहिया
विकास का पहिया चढेने लगा पहाड़
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के पहाड़ी जनपदांे में रहने वाले लोगों के मन में इस बात को लेकर बडा दर्द राज्य बनने के बाद से ही दिखाई देता आ रहा है कि विकास का पहिया सिर्फ चंद मैदानी जिलों तक ही सिमट कर रह गया है और आज भी अधिकांश पहाडी जनपदांे में रहने वाले लोग इलाके के विकास की राह देख रहे हैं लेकिन अब चार साल से राज्य के मुख्यमंत्री ने अपना विजन साफ करते हुए विकास का पहिया अब इतनी तेजी से पहाड पर चढाना शुरू किया है कि उससे पलायन पर एक बडा ब्रेक लगता हुआ नजर आ रहा है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि अब यह दशक उत्तराखण्ड का है और इसी के चलते पुष्कर सिंह धामी मैदान व पहाड़ को एकसाथ विकास की राह पर आगे बढाने का बडा प्लान तैयार कर उसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्प लेकर उसे गुलजार कर रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी ने संदेश दिया था कि पहाडी राज्य होने के कारण रोप-वे सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, वर्तमान में सात रोप-वे परियोजनायें चल रही हैं और पैंतीस नई परियोजनाओ ंकी योजना बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म था कि पहाडी राज्यों में रोजगार न होने से युवा पीढी किस तरह से पलायन कर रहा है इसलिए पहाड की युवा पीढी को फिर उनके घरों तक वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाडी जनपदों में विकास के पहिये को आगे बढाने के लिए तेजी के साथ काम किया और उसके चलते आज पहाडों में विकास की एक नई छाया देखने को मिल रही है।

