आरोपः मंत्री की मिलीभगत से खरीदा गया नमक
खाद्य मंत्री बंद करे तुगलकी फरमान
विकासनगर(संवाददाता)। जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष ने एक बार फिर खाद्य मंत्री को अपने निशाने पर लेते हुए दो टूक संदेश दिया है कि घटिया नमक मामले में राशन विक्रेताओं को नहीं बल्कि खाद्य मंत्री को नोटिस जारी करना चाहिए। अध्यक्ष ने आरोप की झडी लगाते हुए कहा कि मंत्री की मिलीभगत से विभाग ने घटिया नमक खरीदा था और कमीशनखोरी के चलते जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना काफी खतरनाक है। मोर्चे के अध्यक्ष ने खाद्य मंत्री को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह तुगलकी फरमान देना बंद करें और इस मामले मे वह सीधे दोषी हैं क्योंकि कैसे और किसके इशारे पर यह नमक खरीदा गया यह किसी से छिपा नहीं है। मोर्चा के अध्यक्ष हैरान हैं कि घटिया और मिलावटी नमक मामले में राशन विक्रेताओं और अन्यों को नोटिस जारी किया गया है जो कि हिटलरशाही ही माना जा सकता है।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि कल ही खाद्य मंत्री के इशारे पर घटिया, मिलावटी नमक मामले में राशन विक्रेताओं व अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि घटिया नमक खरीद में मिलीभगत एवं कमीशन खोरी के मामले में खाद्य मंत्री को नोटिस जारी होना चाहिए था, जिनके इशारे पर पर यह घटिया नमक खरीदा गया। हैरान करने वाली बात यह है कि सील बंद नमक, जैसा कि सरकार द्वारा राशन विक्रेताओं को मुहैया कराया गया, उनके द्वारा उपभोक्ताओं को वितरित किया गया, इसमें विक्रेताओं से क्या लेना देना। दूसरी बात विक्रेताओं ने घर पर तो इस नमक को बनाया नहीं।
मोर्चा द्वारा कई माह पूर्व घटिया नमक (अघुलनशील) को लेकर सरकार एवं खास तौर पर खाद्य मंत्री को चेताने का काम किया गया था कि अपनी कमीशन खोरी के चक्कर में जनता के जीवन को संकट में न डालें। नमक आपूर्ति करने वाली कंपनी गंधार फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, गुजरात को तो नोटिस जारी हो गए लेकिन खाद्य मंत्री को कब नोटिस जारी होंगे। मोर्चा सरकार से मांग करता है कि खाद्य खाद्य मंत्री की मिलीभगत, कमीशनखोरी मामले में संज्ञान लें एवं राशन विक्रेताओं को जारी नोटिस वापस लेने हेतु निर्देशित करें। पत्रकार वार्ता में मोहम्मद असद एवं प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद थे।

