पन्द्रह दिन से खामोश हो रखा पोर्टल
आखिर शादी रजिस्ट्रेशन से लेकर विल का कहां कराये रजिस्ट्रेशन?
रजिस्ट्रार कार्यालय में बंद हो चुका है रजिस्ट्रेशन
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सरकार ने उत्तराखण्ड में यूसीसी लागू करके राज्यवासियों को संदेश दिया था कि अब यूसीसी के पोर्टल पर वह विवाह के रजिस्ट्रेशन से लेकर लिव इन रिलेशन और विल के रजिस्ट्रेशन करायें। सरकार के इस फैसले के बाद रजिस्ट्रार कार्यालय में शादी के रजिस्ट्रेशन से लेकर विल के रजिस्ट्रेशन कराने पर बैन लगा दिया गया था और सिर्फ यूसीसी पोर्टल पर ही सबको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का हुक्म जारी हुआ था। सरकार के इस पोर्टल पर लम्बे समय से विवाह के रजिस्ट्रेशन से लेकर लगभग दस तरह के रजिस्ट्रेशन कराने का प्रावधान रखा हुआ है लेकिन हैरानी वाली बात है कि पिछले कई दिनों से सरकार का यूसीसी पोर्टल सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गया है और उसमें शादी का रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर अन्य रजिस्ट्रेशन कराने वालों को हर दिन पोर्टल पर बस एक ही संदेश लिखा हुआ दिखाई दे रहा है कि पोर्टल रखरखाव के अपग्रेट के लिए चौबीस घंटे के लिए बंद है लेकिन यह सिलसिला पिछले कई दिनों से चलता आ रहा है और पोर्टल पर महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन कराने वालों को यह समझ ही नहीं आ रहा कि जब सरकार ने मैनुअल रजिस्ट्रेशन बंद करा दिया है तो फिर इस पोर्टल के खामोश होने से वह अपने दस्तावेजों को आखिर कहां रजिस्टर्ड करायें?
हर जनपद की कचहरी के रजिस्ट्रार दफ्तर में शादियों के रजिस्ट्रेशन होने का दौर चलता था और वहां जाकर रजिस्ट्रेशन कराना और उसका प्रमाण पत्र लेने में कोई देर नहीं लगती थी। आम जनमानस को रजिस्ट्रार कार्यालय में यह सुविधा बहुत रास आती थी जिसके चलते उन्हें अगर जल्द अपना रजिस्ट्रेशन कराना था तो वह रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर चंद समय में ही अपना रजिस्ट्रेशन करा लेते थे और अगर किसी भी व्यक्ति ने अपने किसी परिवार के सदस्य या किसी के पक्ष में अपनी जमीन जायदाद की विल करानी होती थी तो भी वहां आसानी से यह काम हो जाता था और उसमें किसी को कभी कोई दिक्कत का सामना नहीं करना पडा था। अब उत्तराखण्ड के अन्दर सरकार ने यूसीसी लागू किया हुआ है और सरकार की ओर से यूसीसी पोर्टल बनाया गया है जिसमें शादी के रजिस्ट्रेशन से लेकर दस तरह के रजिस्ट्रेशन कराने का प्रावधान रखा हुआ है। हर तरह के रजिस्ट्रेशन के लिए क्या दस्तावेज पोर्टल में अपलोड करने हैं इसकी पूरी सूची जारी की हुई है।
उत्तराखण्ड के अन्दर यूसीसी लागू होने के बाद शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए अब किसी को भी कचहरी के चक्कर नहीं काटने पडते और वह आसानी से यूसीसी पोर्टल पर अपने रजिस्ट्रेशन कराकर उसके प्रमाण पत्र हासिल कर लेता है। हैरानी वाली बात है कि सरकार का यूसीसी पोर्टल पिछले काफी दिनों से खामोश हो रखा है और शादी के रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर अन्य रजिस्ट्रेशन कराने वालों को पोर्टल खोलने के बाद एक ही संदेश दिखाई दे रहा है कि सिस्टम रख रखाव के लिए पोर्टल को चौबीस घंटे के लिए बंद किया हुआ है। चंद अधिवक्ताओं ने बताया कि यूसीसी का पोर्टल लगभग पन्द्रह दिन से काम नहीं कर रहा और पिछले एक सप्ताह से तो पोर्टल पर उसके रख रखाव का संदेश लिखा हुआ ही नजर आ रहा है जिसके चलते काफी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन पोर्टल में अपलोड न होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। सवाल खडे हो रहे हैं कि जब सरकार ने रजिस्ट्रार कार्यालय में मैनुअल रजिस्ट्रेशन कराने पर रोक लगा रखी है और पिछले पन्द्रह दिनों से सरकार का यूसीसी पोर्टल चल नहीं रहा तो ऐसे में सिस्टम के अफसरों को कोई न कोई ऐसा विकल्प पास रखना चाहिए जिससे कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को ऐसी दशा में मैनुअल रजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा मिल सके जिससे कि उनके जो महत्वपूर्ण रजिस्ट्रेशन यूसीसी पोर्टल के खामोश होने पर नहीं हो पा रहे हैं वह तब तक मैनुअल होते रहें।

