अल्टीमेटमः भ्रष्टाचार में लिप्त हैं एमडी
कांग्रेस की सरकार आने पर कराऊंगा सीबीआई जांच
एमडी यूपीसीएल पर भ्रष्टाचार का दाग
रुद्रपुर/देहरादून। कांग्रेस विधायक ने दहाड़ लगाते हुए खुला आरोप लगाया है कि एमडी यूपीसीएल सिर्फ भ्रष्टाचार के लिए अपनी कुर्सी पर बैठे हैं। उनका काम सिर्फ पैसा वसूलना है, जनता के हितों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।” विधायक ने दो टूक कहा कि 2027 में कांग्रेस की सरकार आती है तो सबसे पहला काम वह यूपीसीएल एमडी की सम्पत्ति की सीबीआई से जांच कराकर सत्य सामने लाऊंगा। स्मार्ट मीटरों को लेकर किच्छा विधायक एक लम्बे समय से सरकार और सिस्टम के खिलाफ सडकों पर उतरे हुये हैं और उन्होंने इन मीटरों के खिलाफ जो बगावत का झंडा उठाया है उससे यह बहस छिडती रही कि आखिरकार कांग्रेस के किच्छा से विधायक तो स्मार्ट मीटरों को लगाये जाने को लेकर सरकार और यूपीसीएल को यह कहकर कटघरे में खडा करते आ रहे हैं कि एक गरीब आदमी तीन गुना बिल आखिर कहां से चुका पायेगा जिसे इन स्मार्ट मीटरों के लगाये जाने पर बडा झटका लगा हुआ है। विधायक ने दो टूक चेतावनी दी है कि स्मार्ट मीटरों को लेकर चला आ रहा उनका रूख हमेशा इसी तरह से रहेगा और वह किसी भी कीमत पर अपने जनपद में इन मीटरों को नहीं लगने देंगे चाहे उन्हें एक बार फिर आंदोलन की राह पर क्यों न आगे बढना पडे।
उत्तराखंड में इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों की स्थापना को लेकर लंबे समय से विरोध का नेतृत्व कर रहे किच्छा कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ ने अब एमडी यूपीसीएल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक बेहड़ ने पत्रकार वार्ता में कहा कि एमडी यूपीसीएल भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, और यदि वर्ष 2027 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है और उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान मिलता है, तो वे एमडी यूपीसीएल की संपत्ति की सीबीआई से जांच कराएंगे।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश भर में लगाए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के खिलाफ विधायक तिलकराज बेहड़ शुरू से ही मुखर रहे हैं। पिछले वर्ष किच्छा में जब बिजली विभाग की टीम स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी, तो बेहड़ ने मौके पर पहुंचकर मीटरों को सड़क पर फेंक-फेंककर तोड़ दिया था, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई थी। इसके बाद रुद्रपुर में अदाणी कंपनी की शव यात्रा निकालकर उन्होंने प्रदर्शन किया था। बेहड़ का आरोप है कि ये मीटर “खून चूसने वाले मीटर” हैं, जो आम जनता के बिजली बिल को कई गुना बढ़ा देंगे।
सरकार के निर्णय के बाद तिलकराज बेहड ने स्मार्ट मीटर को लेकर अपना हमला तेज कर दिया है और उन्होंने कहा है कि हाल ही में खुद बिजली विभाग ने फिलहाल स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय रोक दिया है। इस फैसले के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए तिलकराज बेहड़ ने कहा कि “मैंने तकनीकी तौर पर पहले ही चेतावनी दी थी कि ये मीटर अनाप-शनाप बिल भेजेंगे, जनता की जेब पर बड़ा बोझ बनाएंगे। परंतु सत्ता के अहंकार में सरकार ने मेरी एक न सुनी। विपक्ष के विधायक होने के चलते मेरा मजाक उड़ाया गया।” बेहड़ ने कहा कि आज जब सरकार खुद स्मार्ट मीटर रोकने का निर्णय ले चुकी है, तो यह साबित हो गया कि उनकी बात सही थी।
तिलकराज बेहड ने यूपीसीएल एमडी के खिलाफ दहाड लगाते हुए उन्होंने जिस तरह से उन पर खुले मंच से आरोपों की बारिश की है उससे उत्तराखण्ड के अन्दर अब स्मार्ट मीटर को लगाये जाने पर एक बार फिर बडा भूचाल मचने की आशंका प्रबल हो गई है? विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का प्रतिनिधि अगर किसी मुद्दे पर आवाज उठाता है, तो उसकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए। “लेकिन सरकार ने विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की। अब जब फैसला बदल दिया गया है, तो जनता समझ चुकी है कि सच्चाई क्या थी।” स्मार्ट मीटर विवाद और अब एमडी यूपीसीएल पर बेहड़ के आरोप के बाद ऊर्जा विभाग और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। देखना यह होगा कि सरकार विधायक बेहड़ के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आने वाले दिनों में यह मामला कितनी राजनीतिक गर्मी पैदा करता है।

