भ्रष्टाचार के दाग से बचने को तांत्रिक की शरण में नेता
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि यहां काफी बडे-बडे राजनेताओं ने अपनी कुर्सी को सलामत रखने के लिए पूजा और तंत्र मंत्र का सहारा लिया और काफी अफसर ऐसे भी देखने को मिले जिन्होंने कुर्सी पाने और कुर्सी बचाने के लिए रात के अंधेरे में तांत्रिक विद्या और पूजा अर्चना कराकर अपने आपको अभेद रखने का चक्रव्यूह रचा था? अब उत्तराखण्ड में कुछ राजनेताओं ने मंत्री बनने से लेकर एक बडी कुर्सी पर आसीन होने के लिए तंत्र मंत्र का सहारा लिया है क्योंकि उसे अब यह आभास हो रहा है कि अगर वह तंत्र मंत्र करायेगा तो उसे राजयोग मिल जायेगा? हालांकि ऐसे तंत्र मंत्र हर सरकार में काफी अफसर और राजनेता कराते आये हैं और इस तंत्र मंत्र का काफी असर भी देखने को मिला है यह भी किसी से छिपा नहीं है? अब देखने वाली बात है कि कुछ राजनेताओं द्वारा कराया जा रहा तंत्र मंत्र उन्हें राजयोग का सुख दे पायेगा या नहीं?
उत्तराखण्ड का जब निर्माण हुआ तो राज्य के कुछ बडे-बडे राजनेताओं ने मुख्यमंत्री व मंत्री की कुर्सी पाने के लिए तांत्रिक विद्या और बडी पूजा का सहारा लिया था और इस विद्या को कराने के बाद कुछ राजनेता अपने मिशन में सम्भवतः कामयाब भी हुये थे? वहीं राज्य के काफी अफसरों ने भी महत्वपूर्ण कुर्सी पाने के लिए तांत्रिक और पूजा का सहारा लिया और उस विद्या के चलते काफी अफसर अपनी कुर्सी बचाने में लम्बे समय तक राज्य के अन्दर कामयाब भी हुये थे ऐसी हमेशा चर्चाएं और आशंकायें खूब पनपी थी? विश्वस्तसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड के कुछ राजनेताओं के मन मंे कुर्सी का बडा मोह है और वह कुर्सी पर बने रहने के लिए हमेशा कुछ भी कर गुजरने को तैयार दिखाई देते हैं? चर्चा यहां तक है कि कुछ राजनेताओं को राज्य के अन्दर अपना भौकाल बनाये रखने का बडा चस्का लगा हुआ है और उनके अन्दर कुर्सी का विशेष मोह हमेशा देखने मंे मिलता रहा कि कहीं उनकी कोई कुर्सी न छीन ले? अपनी कुर्सी को सलामत रखने के लिए इन नेताओं को अब पूजा अर्चना का सहारा लेना पड रहा है? चर्चा यहां तक है कि कुछ नेताओं की ओर से एक देवी मां की पूजा अर्चना कराई जा रही है और यह पूजा अर्चना पिछले काफी समय से चल रही है? यहां तक चर्चा है कि इस पूजा में पंडित से लेकर तांत्रिक शामिल होते हैं जो कि शराब और सिंदूर का हवन कर कुछ नेताओं की कुर्सी को सलामत रखने की पूजा कर रहे हैं? अब देखने वाली बात होगी कि इन नेताओं की शराब और सिंदूर के हवन की पूजा में कामयाब होंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही बतायेगा लेकिन यह भी माना जा रहा है कि कुछ राजनेताओं के स्टार अब कमजोर हो चुके हैं और उसी के चलते शायद यह अभेद पूजा उनकी कुर्सी पर छाये खतरे को बचा नहीं पायेगी?
उत्तराखण्ड के अन्दर आज भी कुछ बडे राजनेता और अफसर ऐसे हैं जो अपने पद पर बने रहने के लिए लगातार गोपनीय हवन-पूजा कराने के मिशन मंे आगे रहते हैं और उसी के बल पर वह अपने कमजोर स्टार को मजबूत करने के लिए आगे खडे रहते हैं ऐसे में देखने वाली बात है कि जो अफसर और राजनेता ऐसी विद्या और पूजा अर्चना का सहारा लेते आ रहे है वह कब तक अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब होते रहेंगे? उत्तराखण्ड की वादियों में यह बहस भी चल रही है कि कुछ राजनेताओं को बडे पद की कुर्सी चाहिए तो कुछ राजनेता अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भय मे हैं और इसी भय के चलते वह अपनी कुर्सी सलामत रखने के लिए तंत्र मंत्र के आसरे अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं?

