राजनीति के बादशाह दिखते धामी

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में राजनीति का आईना देश की जनता पच्चीस साल से देखती आ रही है और इस आईने में उसे राज्य के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री अपनी कार्यशैली से आवाम को धुंधले ही नजर आये जिससे उनके मन में यही नाराजगी पनपती थी कि आखिरकार उन्होंने जिस लडाई को लडकर उत्तराखण्ड को पाया था, उनका वो संग्राम तो हवा-हवाई हो रहा है क्योंकि शहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में कभी किसी पूर्व मुख्यमंत्री ने कोई काम नहीं किया था। वहीं उत्तराखण्ड के अन्दर भाजपा सरकारों में एक बार भी मंत्री न बनने वाले युवा विधायक को जब देश के प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री बनाया तो उन्हें राजनीति का एक ऐसा मंत्र बताया था जिस पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने दबंगता और शालीनता के साथ सियासत शुरू की और पिछले चार सालों में वह उत्तराखण्ड से लेकर देश के अन्दर आवाम को राजनीति के बादशाह बनते हुए दिखाई दे रहे हैं। उत्तराखण्ड की जनता मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति को खूब सैल्यूट कर रही है कि वह आवाम की उम्मीदों को हर दिन पंख लगाकर राज्य को विकास के पथ पर तेजी के साथ आगे ले जा रहे हैं।
उत्तराखण्ड की सियासत में पुष्कर सिंह धामी को पार्टी के ही बडे-बडे राजनेताओं ने हमेशा नजरअंदाज किया लेकिन जब भाजपा हाईकमान की नजरें युवा राजनेता पर पडी तो उन्हें सत्ता के उस सिहासन पर बिठा दिया जहां बैठने की उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की थी। उत्तराखण्ड के अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल से पुष्कर सिंह धामी परिचित थे इसलिए उन्हांेने सत्ता चलाने का जो पैरामीटर तैयार किया उससे वह मात्र चंद समय के भीतर ही सियासत के बादशाह बन गये। देश से लेकर विदेशों में मुख्यमंत्री की लोकप्रियता का डंका जिस अंदाज में बजा है उसने उत्तराखण्ड भाजपा के बडे-बडे राजनेताओं का बीपी बढा रखा है और उनका बीपी इसलिए भी बढा हुआ है क्योंकि देश के प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को अपना खुला आशीर्वाद और साथ दे रखा है जिसके चलते उत्तराखण्ड के अन्दर बडी-बडी विकास योजनायें धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री अपने कदम आगे बढाये हुये हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी एक सरल और हसमुख मुख्यमंत्री के रूप में देश-विदेश में अपनी बडी पहचान बना चुके हैं और उसी के चलते आवाम उनसे खुले दिल से मिलकर उनके साथ अपने मन की बात उत्तराखण्ड को लेकर साझा करता हुआ दिखाई दे रहा है। पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जो किसी भी राज्य में दौरे पर गये तो वह प्रातः काल सड़क पर मार्निंग वॉक करने के लिए एक आम आदमी की तरह निकलते हैं और उसके बाद वह चाय वाले से लेकर पान वाले तक से उत्तराखण्ड के बारे में दिल खोलकर बातचीत करते हैं और यही कारण है कि शुरूआती दौर में तो किसी को इस बात का इल्म ही नहीं हो पाता कि उनके सामने जो व्यक्ति हाथ जोडे खडा है वह उत्तराखण्ड का मुख्यमंत्री है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड का स्वरूप बदलने की दिशा में जिस रणनीति के तहत अपने कदम आगे बढा रखे हैं वह किसी से छिपे नहीं है और राज्यवासी मुख्यमंत्री की पारदर्शी और स्वच्छ राजनीति के खूब कायल हो रहे हैं। बच्चों से लेकर बडों तक का सम्मान करना कोई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीखे क्योंकि जब वह बच्चों के पास जाते हैं तो वह उन्हें गले से लगाकर खूब दुलार करते हैं और जब वह बुजुर्गों के पास जाते हैं तो दोनो हाथ जोडकर वह उनका अभिनंदन करके उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
उत्तराखण्ड की सियासत में पुष्कर सिंह धामी का इतना बडा डंका बजेगा इसकी उम्मीद न तो उत्तराखण्ड के अधिकांश भाजपा नेताओं को थी और न ही विपक्ष को? मुख्यमंत्री ने जबसे सत्ता संभाली है वह देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में तेजी के साथ आगे बढते जा रहे हैं और मुख्यमंत्री के इस विजन से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी कैबिनेट पुष्कर सिंह धामी को विकास की राह में खुलकर अपना साथ दे रहे हैं। उत्तराखण्ड के अप्रवासी देश से लेकर विदेश में मुख्यमंत्री के आगमन पर जिस तरह से झूम उठे उसे देखकर साफ दिखाई दे रहा है कि पुष्कर सिंह धामी सियासत के बादशाह बन गये हैं।

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