देहरादून(नगर संवाददाता)। नियमितीकरण मांग को लेकर प्रदेश भर के उपनल कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर चल गए है और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया है और कार्य बहिष्कार व हड़ताल से विभिन्न विभागों में कामकाज प्रभावित हो गया। यहां उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेश भर से आए हुए कर्मचारी परेड ग्राउंड के पास स्थित सड़क पर इकटठा हुए और जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन करते हुए वहीं पर धरने में बैठ गये और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस अवसर पर मोर्चा के संयोजक विनोद गोदियाल ने कहा है कि कर्मचारियों को लाभ देना तो दूर सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में आठ नवम्बर 24 को रिव्यू पिटिशन दायर की गई, यानी रोडा अटकने का काम किया गया।
उन्होंने कहा कि कई विभागों में सेवा विस्तार नहीं किया जा रहा है वहीं कई विभागों जैसे उद्योग विभाग, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी के कार्मिकों को मानदेय नहीं दिया जा रहा है जिससे कार्मिकों के सम्मुख रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त कई विभागों में कार्मिकों को उपनल से हटा कर निजी एजेसियों के माध्यम से सेवायोजित किया जा रहा है जोकि नीति विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि किन्तु महासंघ ने शासन स्तर पर पत्राचार कर कर्मचारियों की उक्त समस्याओं का निस्तारण करते हुये लगभग सात सौ कर्मचारियों की बहाली की गई। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को जल्द ही सभी कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोर्चा को आशंका है कि कहीं इस नियमावली व सूचना एकत्र करने के चक्कर में सरकार अपना कार्यकाल पूरा न कर दे। इस अवसर पर संयोजक हरीश कोठारी ने कहा कि उपनल कार्मिकों के वर्ष 2०18 से आतिथि तक कोर्ट से लेकर रोड़ तक का महत्वपूर्ण संघर्ष करते हुए आ रहे है लेकिन नियमितीकरण के लिए सरकार ने कोई पहल नहीं की गई। उपनल कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का भव्य सम्मान समारोह कार्यक्रम किया, जिसके दौरान मुख्यमंत्री ने पुन: शीघ्र ठोस नियमावली बना कर कर्मचारियों के नियमितीकरण का भरोसा दिया लेकिन आज तक पूरा नहीं किया गया। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया और इस दौरान प्रदेश भर से आए उपनल कर्मचारी धरने पर बैठे रहे।

