प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड अपनी रजत जयंती मनाने के लिए आगे बढ़ चुका है और हर तरफ मुख्यमंत्री को अभेद आशीर्वाद और साथ देने के लिए साधु समाज से लेकर फिल्मी हस्तियां उनसे रूबरू हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री के विजन को धरातल पर उतारने के लिए जिस सोच के साथ सरकार चलाने का सिलसिला शुरू कर रखा है उसी का परिणाम है कि आज उत्तराखण्ड के अन्दर मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति का डंका बज रहा है। मुख्यमंत्री ने रजत जयंती को यादगार बनाने के लिए अपनी टीम को मैदान में उतार रखा है और रजत जयंती पर देश के प्रधानमंत्री का राज्यवासियों के बीच आना यह दिखा रहा है कि वह उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री की स्वच्छ राजनीति और उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर तेजी से आगे ले जाने को लेकर खूब प्रसन्न हैं। मुख्यमंत्री को संत समाज ने धर्म रक्षक की उपाधि देकर यह संदेश दे दिया है कि मुख्यमंत्री हिन्दुत्व के एजेंडे पर आगे बढ रहे हैं और उत्तराखण्ड में जो भी जिहाद करने का दुसाहस कर रहा है उसके खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाकर उन्हें यह अल्टीमेटम दिया जा रहा है कि अगर उन्होंने उत्तराखण्ड के अन्दर अपराध करने का दुसाहस किया तो उन्हें इसका बडा खामियाजा भुगतना पडेगा।
उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब राज्य के मुख्यमंत्री को उनकी पार्टी के देशभर के दिग्गज राजनेताओं का साथ मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिनका विश्वभर में डंका बज रहा है उन्होंने जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बार-बार स्वच्छ सरकार चलाने के लिए अपना बधाई संदेश दिया है तो उससे समझा जा सकता है कि प्रधानमंत्री भी उत्तराखण्ड में धामी राज में हो रहे विकास को लेकर गदगद हैं। प्रधानमंत्री का यह संदेश उन राजनेताओं के लिए एक बडा संदेश है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री के बढते वजूद से घबराये हुये हैं और वह साजिशें रचकर यही खेल खेल रहे हैं वह किसी तरह से पुष्कर सिंह धामी को कमजोर कर सकें। हालांकि इन भीतरघातियों को इस बात का इल्म नहीं है कि मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ जिस तरह से सरकार चला रही है उसे देखकर राज्य की जनता पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली से गद्गद् नजर आ रही है और वह यही दुआ कर रही है कि पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड की तस्वीर बदलने के लिए कम से कम पन्द्रह साल का समय देना पडेगा क्योंकि उन्होंने अपने अल्प कार्यकाल में ही जिस तरह से राज्य के अन्दर विकास की नई उडान शुरू की है वह राज्यवासियों को खूब रास आ रही है और देश के प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट टीम भी पुष्कर सिंह धामी को अपना खुला साथ और आशीर्वाद देने में लगी हुई है। पुष्कर सिंह धामी एक सरल स्वभाव के राजनेता हैं और उन्होंने सत्ता चलाने के लिए शुद्ध पारदर्शिता का जो पैमाना तय किया हुआ है उसी का परिणाम है कि राज्य के अन्दर किसी भी जिले में भ्रष्टाचार व घोटाले का शोर सुनने को नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री की किचन टीम भी बेहद ईमानदार मानी जाती है और उन्होंने राज्य के हर विभाग पर जिस तरह से अपनी पैनी निगाह बनाई हुई है उससे साफ नजर आ रहा है कि उत्तराखण्ड धामी युग का उत्तराखण्ड से लेकर देशभर में कितना बडा डंका बज रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड के अन्दर खुला संदेश दे रखा है कि वह राज्य में विकास की उस उडान पर उडने के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हैं जहां उन्हें सिर्फ राज्य में हर तरफ विकास का नया इतिहास लिखना है। अपराधियों को भी खुला इल्म हो रखा है कि अगर उन्होंने राज्य में पुलिस को चकमा देकर कोई अपराध कर भी दिया तो उन्हें चंद दिनों में इसका वो खामियाजा भुगतना पडेगा जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। पुष्कर राज में अपराधियों का संहार आवाम को सुकून दे रहा है और उन्हें यह इल्म हो चुका है कि डबल इंजन सरकार में विकास तो हो ही रहा है साथ में आम जनमानस को सरकार का अभेद सुरक्षा भी मिल रही है।

