देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सैनिक पुत्र को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन करके यह संदेश दिया था कि भाजपा में कोई भी काबिल राजनेता किसी भी बडे पद पर आसीन हो सकता है। सैनिक पुत्र ने उत्तराखण्ड की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की दिशा में राजनीतिक पिच पर लगातार जिस तरह से विकास की नई उडान उडते हुए हर बॉल पर चौके-छक्के लगाने का जो जज्बा दिखा रखा है उसी के चलते देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी किचन टीम मुख्यमंत्री की साफ-सुथरी कार्यशैली को लेकर हमेशा उनकी पीठ थपथपाते आ रहे हैं। मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड की रक्षा उसी तरह से रात-दिन कर रहे हैं जैसे कोई सैनिक बॉडर पर देश की हिफाजत में हमेशा अलर्ट रहा करता है। सैनिक बहुल्य उत्तराखण्ड में सैनिकों को नाज है कि उनके एक साथी का पुत्र उत्तराखण्ड का सरताज है जो होली-दीवाली पर हमेशा सैनिकों के बीच जाकर अपनी खुशी बांटते हैं। उत्तराखण्ड के बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की दिशा में मुख्यमंत्री जिस तेजी के साथ देश के उद्यमियों को उत्तराखण्ड के अन्दर उद्योग लगाने के लिए उनसे हाथ मिला रहे हैं उसे देखकर युवाओं के मन में भी अब एक नया जोश उमडने लगा है कि उनका मुख्यमंत्री बेरोजगारों का दर्द समझकर उन्हें उद्योगों में नौकरियां दिलाने के लिए एक बडे विजन के साथ काम कर रहा है।
राजनीतिक हलकों में हमेशा यह बात उठती रही है कि राजनीति में वही आगे बढता है जिनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि होती है। खटीमा से राजनीति का सफर शुरू करने वाले सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी को जब विधायक बनाने के लिए वहां की जनता ने अपना साथ दिया था तो उसके बाद से ही पुष्कर सिंह धामी में राजनीतिक पायदान पर अफसरों से काम कराने का एक बडा अंदाज उनमें देखा जाता था और राजनीतिक पिच पर वह जिस तेजी के साथ आगे बढ रहे थे उसे देखकर भाजपा के ही काफी राजनेता उन्हें पार्टी के अन्दर आगे बढने से रोकने का खेल पर्दे के पीछे रहकर खूब खेला करते थे? पुष्कर सिंह धामी को मंत्री पद पर तैनात होने का उत्तराखण्ड भाजपा के किसी भी राजनेता ने मौका नहीं दिया था क्योंकि भाजपा के कुछ बडे नेताओं को हमेशा पुष्कर सिंह धामी से यही भय रहता था कि अगर उन्हें मंत्री पद पर आसीन कर दिया गया तो वह लम्बी छलांग लगाकर कभी भी मुख्यमंत्री कुर्सी तक पहुंच जायेंगे? उत्तराखण्ड की राजनीति को नजदीक से पहचानने वाले लोगों को इस बात का तिनकाभर भी इल्म नहीं था कि भाजपा हाईकमान खटीमा जैसे छोटे जनपद में सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री के पद पर आसीन कर देंगे? पुष्कर सिंह धामी को जब सत्ता मिली तो वह आश्चर्यचकित इसलिए थे कि उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं थी लेकिन इसके बावजूद देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा ने उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया। देश की सेवा करने वाले सैनिक के बेटे पुष्कर सिंह धामी ने आवाम के बीच अपने पद की शपथ लेते हुए राज्यवासियों को साफ संदेश दिया था कि वह भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस के तहत सरकार चलायेंगे और राज्य में पनपते आ रहे भ्रष्टाचार, घोटालों और माफियाराज का वह अंत करेंगे। शपथ ग्रहण के दौरान उनके द्वारा ली गई यह शपथ आवाम व काफी राजनेताओं को रास नहीं आ रही थी और उनका यही मानना था कि राजनीति में हमेशा बडे राजनेता शपथ लेने के दौरान ऐसे ही दावे करते हैं। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नरेन्द्र मोदी के गुरूमंत्र को धारण कर जब राज्य के अन्दर पारदर्शी रूप से सरकार चलाने के लिए अपने कदम आगे बढाये और अपनी किचन टीम में ईमानदार अफसरों को शामिल किया तो उसके बाद से ही सरकार और अफसर उत्तराखण्ड को एक नई दिशा में ले जाने के लिए आगे बढते जा रहे हैं। सैनिक पुत्र पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को नया उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में रात-दिन का काम कर रहे हैं और वह राज्य की जनता की रक्षा उसी तरह से कर रहे हैं जैसे कोई सैनिक बॉडर पर तैनात रहकर अपने देश की रक्षा करता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल से लेकर रेल को पहाड में चढाने का जो जज्बा दिखाया है वह किसी से छिपा नहीं है। उत्तराखण्ड के अन्दर तार-तार हो रखी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री ने जो विकास की पिच पर हर बॉल पर चौके-छक्के लगाने का जज्बा दिखा रखा है उससे उत्तराखण्ड एक नई उडान पर उडता हुआ नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री का एक मात्र विजन है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उत्तराखण्ड के विकास को नये आयाम देने के लिए जो बडी जिम्मेदारी सौंपी हुई है उसे वह धरातल पर उतारें क्योंकि राज्य को देश के अन्दर 2०25 तक सबसे बेहतर राज्य बनाने का संकल्प नरेन्द्र मोदी ने लिया हुआ है और उन्हीं के विजन को आगे बढाने के लिए सैनिक पुत्र हर मोर्चे पर खुद ही डटा हुआ दिखाई दे रहा है।

