सीएम के खिलाफ साजिशें होंगी ‘तबाह’
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। सरकार के मुखिया को अभेद बनाये रखने के लिए खुफिया चीफ की सबसे बडी भूमिका होती है। खुफिया चीफ सरकार के आंख, नाक, कान होते हैं और राज्य में अगर कोई भी मुख्यमंत्री को अस्थिर करने की साजिशें रचने के लिए कोई चक्रव्यूह रचता है तो खुफिया चीफ उन सभी साजिशों को तबाह करने के लिए आगे खडे रहते हैं। हालांकि राज्य के कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में खुफिया चीफ के घृतराष्ट्र बने रहने के कारण चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों की साजिश करने वालों ने कुर्सी हमेशा के लिए छीन ली थी। उत्तराखण्ड में तेज तर्रार आईपीएस के हाथों में जब खुफिया चीफ की कमान थी तो कोई भी सफेदपोश या राजनेता मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के लिए साजिशों का खेल नहीं खेल पाया था लेकिन पिछले कुछ समय से जिस तरह राज्य के युवा मुख्यमंत्री को अस्थिर करने की साजिशें रची जा रही थी उसके चलते राज्य के अन्दर यह शोर खूब मच रहा था कि आखिर इन साजिशों को रचने का कहां से खेल खेला जा रहा है? देश के प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व खुफिया चीफ की कमान आईपीएस अभिनव कुमार को सौंपकर एक बार फिर मुख्यमंत्री ने एक बडा मास्टर स्ट्रोक खेला है। मुख्यमंत्री के इस मास्टर स्ट्रोक से उन साजिशकर्ताओं के पैरो तले जमीन खिसक गई है जो मुख्यमंत्री के खिलाफ पर्दे के पीछे रहकर सोशाल मीडिया पर भी साजिशों का एक बडा तांडव मचाने के एजेंडे पर आगे बढे हुये थे?
उत्तराखण्ड में तेज तर्रार आईपीएस अभिनव कुमार की पुलिसिंग से सरकार और राज्य की जनता भली भांति रूबरू है और जब अभिनव कुमार को पूर्व में खुफिया महकमे का चीफ बनाया गया था तो उसके बाद उन्होंने राज्य के चप्पे-चप्पे पर अपने खुफिया तंत्र को इतना अर्लट किया था कि कोई भी साजिशकर्ता अपनी किसी साजिश में सफल न हो पाये। खुफिया चीफ रहने के दौरान अभिनव कुमार ने जहां राज्य से लगते सभी बोर्डरों पर पैनी नजर रखी हुई थी तो वहीं उन्होंने ऐसा नेटवर्क तैयार किया हुआ था कि अगर कोई भी सरकार के मुखिया को अस्थिर करने की साजिश रचने का कोई प्लान तैयार करे तो उसके इस प्लान को वह पूरा होने से पहले ही तबाह कर दें। हालांकि जब उन्हें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में तैनात किया था तो उन्होंने राज्य के अन्दर हर तरफ अपनी पैनी नजर उन पर लगा रखी थी जो सरकार के मुखिया की स्वच्छ राजनीति से बौखलाकर उन्हें अपने निशाने पर लेने का खेल खेलने की कोशिश किया करते थे? अभिनव कुमार का डीजीपी का कार्यकाल साफ सुथरा तो था ही साथ में कोई भी अपराधी या साजिशकर्ता उत्तराखण्ड के अन्दर अपने नापाक इरादों में कभी सफल नहीं हो पाया था।
उत्तराखण्ड के अन्दर काफी समय से मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी को अस्थिर करने के लिए साजिशों का दौर चल रहा है और जिस तरह से उनके खिलाफ अफवाहें उडाने का पर्दे के पीछे से एक बडा तांडव किया जा रहा था उससे उत्तराखण्ड की जनता के मन में यही सवाल पनप रहे थे कि आखिरकार वो कौन शक्तियां हैं जो मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के एजंेडे पर काम कर रही हैं। ग्यारह नवम्बर को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड की पच्चीसवी रजत जयंती पर उत्तराखण्डवासियों को बधाई देने के लिए आ रहे हैं उससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के खुफिया तंत्र को अभेद बनाने के लिए एक बडा मास्टर स्ट्रोक चलते हुए तेज तर्रार आईपीएस अभिनव कुमार को राज्य का नया खुफिया चीफ बनाकर उन सब साजिशकर्ताओं को यह संदेश दे दिया है कि अब राज्य के अन्दर सरकार को अस्थिर करने की मंशा पालने वाले हर साजिशकर्ता का किला खुफिया चीफ तबाह कर देंगे। खुफिया चीफ की कमान संभालने वाले आईपीएस अभिनव कुमार को आगरा में भी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के आगमन पर उन्हें वहां सुरक्षा अफसर बनाया गया था और वह इस बात को भली भांति जानते हैं कि किस तरह से बडे-बडे विदेशी वीवीआईपी की सुरक्षा की जाती है। उत्तराखण्ड में अब एक बार फिर अभिनव कुमार को खुफिया चीफ बनाकर उन ताकतों में खलबली मचा दी गई है जो लम्बे समय से मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के एजेंडे पर काम कर रहे थे।

