धामी राज में अब खतरनाक नहीं रहा डेंगू

0
143

स्वास्थ्य सचिव ने घातक बीमारी पर किया वार
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में एक दौर ऐसा था जब राज्य के अधिकांश जिलों में डेंगू का प्रकोप आवाम के मन में एक बडा डर पैदा करता था और इस बीमारी से दर्जनों लोगों की मौत के बाद यह सवाल पनपे थे कि आखिरकार उत्तराखण्ड स्वास्थ्य महकमा इस घातक बीमारी पर नकेल लगाने में आखिर क्यों कामयाब नहीं हो रहा था? उत्तराखण्ड की कमान जबसे युवा मुख्यमंत्री ने संभाली है तबसे उन्होंने स्वास्थ्य सचिव को मिशन सौंप रखा है कि राज्य के अन्दर डेंगू बीमारी पर ऐसी नकेल लगाई जाये जिससे कि आवाम के मन में यह डर न रहे कि इस बीमारी की जकड में आकर वह अपने जीवन को संकट में डाल देंगे। स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू जैसी घातक बीमारी पर काबू पाने के लिए एक बडा मंथन करने के बाद राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू के इलाज के लिए अलग से वार्डों की स्थापना कराई और जो भी डेंगू के मरीज वहां इलाज कराने के लिए आते तो उन्हें बेहतर इलाज देकर जल्द से जल्द ठीक करने के बाद उन्हें यह संदेश दिया जाता आ रहा है कि अब उत्तराखण्ड के अन्दर डेंगू जैसी घातक बीमारी से किसी को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। डेंगू जब भी अपना प्रकोप दिखाता है तो चंद दिन के इलाज में इस बीमारी की जकड में आने वाला व्यक्ति ठीक होकर अपने घर सही सलामत पहुंच रहा है जिससे यह बात अब साफ हो चुकी है कि उत्तराखण्ड के अन्दर डेंगू से किसी भी व्यक्ति के मन में कोई घबराहट नहीं दिखती।
उत्तराखंड के अंदर वर्षों से डेंगू का प्रकोप चला आ रहा है लेकिन किसी भी पूर्व सरकार ने इससे निपटने के लिए कोई खाका तैयार नहीं किया है जिसके चलते राज्य के अंदर डेंगू का डंक हमेशा उत्तराखंड के कई जिलों के लोगों को डराता आ रहा है। उत्तराखंड के अंदर पहली बार पुष्कर सरकार ने डेंगू के खिलाफ जंग लडने का जो खाका तैयार किया है उससे साफ नजर आ रहा है कि पुष्कर सरकार की डेंगू से जंग लडने को लेकर तैयारी कितनी बडी बन चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जबसे स्वास्थ्य महकमें की कमान डाक्टर आर राजेश कुमार को सौंपी है तब से उन्होंने राज्य के स्वास्थ्य महकमें को पटरी पर लाने के लिए जो बडी पहल कर रखी है वह किसी से छिपी नहीं है। स्वास्थ्य सचिव ने पहाडों में काबिल डाक्टरों की तैनाती कराकर पहाड के लोगों को जो सुखद आभास कराया है उससे पहाड में पुष्कर सरकार की जयजय कार हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शासनकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में जिस विजन के साथ काम किया है उसके चलते आज उत्तराखण्ड के सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था देखकर हर कोई मरीज यह सोचकर संतुष्ट दिखता है कि अब उसे अस्पताल में इलाज के दौरान हर वो बेहतर सुविधा मिलेगी जिसकी वह एक दशक तक कल्पना किया करते थे। उत्तराखण्ड में कुछ पूर्व सरकारों के कार्यकाल में राज्य के अन्दर डेंगू की बीमारी इतनी घातक दिखाई देती थी कि आम जनमानस के मन में उसको लेकर बडा डर रहता था कि अगर उसका सही इलाज न हुआ तो उसकी जीवनलीला कभी भी समाप्त हो सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आदेश पर स्वास्थ्य सचिव ने डेंगू जैसी घातक बीमारी पर विजय पाने के लिए जिस रणनीति के साथ काम किया है उसके चलते अब राज्य में जब भी डेंगू की बीमारी दस्तक देती है तो उसके बाद किसी भी मरीज को यह भय नहीं सताता कि वह इस बीमारी की जकड में आकर असुरक्षित हो गया है। अब डेंगू का प्रकोप आवाम को नहीं डरा पा रहा क्योंकि राज्य की स्वास्थ्य सेवायें इतनी बेहतर हो गई हैं कि सरकारी अस्पतालों में उसका इलाज हो रहा है और चंद दिन में वह डेंगू को बॉय-बॉय कह रहा है।
वहीं स्वास्थ्य सचिव डा0 आर राजेश कुमार ने उत्तराखण्ड के सभी सरकारी अस्पतालों में वहां का सिस्टम देखने की दिशा में जिस तरह से पहल शुरू की है वह यह बताने के लिए काफी है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवायें अब किस तेजी के साथ पटरी पर आने लगी है। स्वास्थ्य सचिव ने कोरोनेशन-गांधी जिला चिकित्सालय का सच जानने के लिए वहां पर अपने कदम रखे और जिला अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। वह यह बताने के लिए काफी है कि स्वास्थ्य सचिव हर व्यक्ति को बेहतर इलाज देने की दिशा में किस तरह से गंभीर हो रखे है। गांधी शताब्दी अस्पताल में जिस तरह से डेंगू के मरीजों के लिए 100 बैड की व्यवस्था की है वह यह बताने के लिए काफी है कि पुष्कर सरकार डेंगू से जंग लडने के लिए अब एक रणनीति के तहत आगे आ गई है। स्वास्थ्य सचिव का साफ कहना है कि सरकार उत्तराखण्ड वासियों को सरकार अस्पतालों में बेहतर इलाज देने के लिये संकल्पबद्ध है इसलिए किसी भी परिवार को मौजूदा समय में डेंगू से डरने के जरूरत नहीं है। क्योंकि सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है और हर व्यवस्था चाक चौबन्द है।

LEAVE A REPLY