लोहे को भस्म कर देते है गरीब आदमी के आंसू
अयोग्य दायित्वधारी को लेकर सरकार और संगठन को घेरा
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के बेलगाम अफसरों के खिलाफ डीडीहाट से भाजपा विधायक अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर आकर दिखा चुके हैं और उन्होंने जिस आक्रामकता से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रखी है उससे सरकार व सिस्टम के अफसरों को वह कहीं न कहीं कटघरे में खडा करते हुए नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व डीडीहाट विधायक की सोशल मीडिया पर दिखाई दे रही नाराजगी सरकार के लिए एक बडी चिंता का विषय बन सकती है क्योंकि वह मुखर होकर अपनी आवाज बुलंद करने में कोई संकोच नहीं कर रहे हैं। अब एक बार फिर सोशल मीडिया पर आकर विधायक ने आर्थिक सहायता की फाइलों पर कुंडली मारकर बैठे अफसरों को अपने निशाने पर लिया है और उन्होंने सरकार व संगठन को कटघरे में खडा करते हुए यहां तक कह दिया कि कुछ ऐसे लोगों को दायित्वधारी पद से नवाज दिया गया है जो अयोग्य हैं। विधायक में दायित्वधारी को लेकर इतनी नाराजगी दिखाई दी कि उन्होंने कहा कि गरीब आदमी के आंसू तो लोहे को भी भस्म कर देते हैं। विधायक की इस नाराजगी से समझा जा सकता है कि वह आम जनमानस के दर्द को महसूस करते हुए यह सोचने को विवश हैं कि आखिरकार एक गरीब इंसान को सहायता देने पर क्यों ग्रहण लगाया जा रहा है।
डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कहा है कि गरीब आदमी के आंसू तो लोहे को भी भस्म कर देते है। उन्होंने मुखर होते हुए सरकार व संगठन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अयोग्य दायित्वधारियों को पदों से तत्काल प्रभाव से हटाये जाने की सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के लिए 19 फाइले उनके पास थी और मार्च अप्रैल माह चला गया और मई माह में मुख्यमंत्री से मिले और कई विधायकों को 40 लाख रूपए दिए गये है और उन्होंने कहा कि 35 लाख रूपए का प्रस्ताव भेजे और तीन माह से पेंडिंग पड़े थे और उनमें 15 लाख उसी दिन कर दिए गये और गरीब लोग जो कर्ज व उधार लेकर अपना इलाज करा रहे है और जो बिल दिए है उनका भुगतान क्यों नहीं कर रहे है। उनका भुगतान नहीं मिल रहा है और जो गरीब थे सरकारी अस्पतालों के बजाए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे थे। उन्होंने कहा कि बिलों का भुगतान करें नहीं तो यहीं सीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ जाते है।
उन्होंने कहा कि सीएम आवास के कर्मचारियों ने बताया कि वह फाइलें दायित्वधारी हेमराज बिष्ट ले गए है और हमें पता नहीं उसके बाद दिए नहीं और लोगों के ऐसे आंसू आ रहे है और उनका सात आठ माह से इंतजार था कि हमारा पैसा आएगा और लोगों का कर्ज वापस देंगें लेकिन गरीबों की हाय लगेगी और आंसू लगेंगें और गरीब आदमी के आंसू तो लोहे को भी भस्म कर देते है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाना नहीं चाहिए और उन्होंने कहा कि अयोग्य लोगों को दायित्वधारियों का पद दिया गया है और उनका काम केन्द्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जन जन तक पहंुचाना है और संगठन के कार्यों को आगे बढाना होता है न की विधायकों के पीछे व विधायकों के कार्यों में बाधा डालना और ऐसे लोगों को तत्काल पद से हटाना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से डीडीहाट से भाजपा विधायक बिशन सिंह चुफाल अपनी ही सरकार को कटघरे में खडा करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। विधायक ने जहां भ्रष्टाचार को लेकर अपनी पूर्व में सोशल मीडिया पर आकर नाराजगी खुले रूप से दिखाई थी तो वहीं कुछ समय पूर्व उन्होंने वर्षों से टैक्सी स्टैंड के रूके निर्माण को लेकर अफसरों को अपनी रडार पर लिया और उन्होंने जिस आक्रामकता के साथ अपनी नाराजगी दिखाने का जो पैमाना अपनाया उसे देखकर साफ नजर आ रहा है कि वह अपनी ही सरकार में आयोग्य दायित्वधारी और अफसरों की कार्यशैली से बेहद नाराज हैं।

