कद्दावर विधायक चुफाल ने सिस्टम पर फिर दागे तीर
गजबः मुख्यमंत्री के आदेश को भी हवा में उड़ा रहे अफसर
देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में एक लम्बे अर्से से राज्य के भाजपा विधायकों को आस बंधी हुई है कि मुख्यमंत्री जल्द से जल्द मंत्रिमण्डल का गठन कर उन्हें मंत्री पद से नवाजे। मंत्री बनने की चाहत में अधिकांश विधायक मुख्यमंत्री आवास की परिक्रमा करते हुए लम्बे अर्से से देखे जा रहे हैं। वहीं दीपावली के चकाचौंध के बीच आतिशबाजी हो रही है, खुशियां मनाई जा रही है, हर तरफ उत्साह और उमंग है सत्ता के गलियारों में तो दिवाली की रौनक कुछ ज्यादा ही है। विधायकों के चेहरे पर मुस्कान है हर कोई इसी उम्मीद में मुख्यमंत्री के दरबार में जारी लगा रहा है कि शायद कैबिनेट विस्तार होगा तो जगह मिल जाए। दीपावली पर जहां हर तरफ भाजपा नेता एक दूसरे को बधाईयां दे रहे थे तो वहीं भाजपा के कद्दावर विधायक ने दीपावली पर ही ऐसा सनसनीखेज बम फोड दिया कि उससे सिस्टम कटघरे में आकर खडा हो गया? विधायक ने कुछ अर्से के भीतर सोशल मीडिया पर दूसरी बार सामने आकर जिस तरह से सरकार के अफसरों को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कटघरे में लाकर खडा किया है उससे बहस चल पडी है कि क्या राज्य के अन्दर काफी अफसर इतने बेलगाम हो चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री के विजन को भी तार-तार करने से नहीं चूक रहे हैं। सबसे अह्म बात यह है कि कद्दावर विधायक ने मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने का जरिया कोई खत नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर आकर उन्हें सच से रूबरू कराने का किया है। चंद दिन बाद सरकार उत्तराखण्ड पच्चीसवीं रजत जयंती मनाने की तैयारी कर रहा है तो वहीं दीपावली पर जिस तरह से भाजपा के कद्दावर नेता ने कुछ महीनों के भीतर दूसरी बार अफसरशाही को ललकारने का जो दबंगता के साथ साहस दिखाया है उससे साफ नजर आ रहा है कि उत्तराखण्ड के अन्दर आखिर चल क्या रहा है?
उल्लेखनीय है कि तमाम नेता मुख्यमंत्री के दरबार पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी हाजिरी लगाई, और स्पीकर रितु खंडूरी ने भी सीएम के आवास पर जाकर दीपावली की बधाई दी थी लेकिन इसी दीपावली पर भाजपा के कद्दावर विधायक बिशन सिंह चुफाल है ने ऐसा बम फोड़ा है कि भारतीय जनता पार्टी के पूरे सिस्टम की पोल खुल गई है बीजेपी के सीनियर विधायक बिशन सिंह चुफाल ने जो कहा है उसने धामी सरकार के दावो को हवा में उड़ा दिया है, दीपावली के बम जिस तरीके से फुट रहे है उससे कहीं ज्यादा गूंज बिशन सिंह चुफाल के बयान मे दिखाई दी है जिसे सुनकर सरकार और सिस्टम भी कटघरे में आकर खडा हो गया है कि आखिरकार बिशन सिंह चुफाल ने अपना दर्द बयां करने के लिए सोशल मीडिया को अपना माध्यम बनाया है और उसी पर उन्होंने अपनी बात रखते हुए जो वीडियो अपलोड किया है उसे देखने और सुनने के बाद ऐसा आभास हो रहा है मानो भाजपा के अन्दर भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है?
बिशन सिंह चुफाल ने जो कहा है उससे यह तो साफ हो रहा है की डीडीहाट में कैसे एक टैक्सी स्टैंड का काम 2021 में शुरू हो गया लेकिन अब तक काम पूरा नहीं हुआ, अब सवाल है कि चुफाल जैसे सीनियर लीडर जब इस तरीके की बातें करते हैं तो जाहिर है सरकार के सिस्टम पर सवाल उठते ही है? बिशन सिंह चुफाल ने ना ही सिर्फ बेलगाम नौकरशाही की पोल खोली है बल्कि यह भी बतला दिया है कि धामी के कहने के बावजूद भी बजट रिलीज नहीं हुआ मतलब मामला बेहद गंभीर है, सवाल यह है की जब चुफाल जैसे सीनियर ने जो दर्द सुनाया वह काफी गंभीर है क्योंकि विधायक सीधे साधे नेता भी माने जाते हैं इसके अलावा हाल फिलहाल रहे हैं वह जिस बेबाकी से बोल रहे हैं वो भी ऐसे वक्त पे बोल रहे है जबकि डबल इंजन की सरकार विकास की रफ्तार हर तरफ तेज होने का दावा कर रही है लेकिन सीनियर विधायक कह रहे हैं, की सरकार जो कह रही है वह तो धरातल पर दिख नहीं रहा तो फिर तो सवाल उठने लाजिमी है और यह मामला भी गंभीर है कि आखिर क्यों सत्ता पर या सरकार पर नौकरशाही इतनी हावी है कि मुख्यमंत्री के आदेश को भी वह हवा में उडा रही है?

