सीएम की धाकड़ राजनीति में नहीं चल पा रही दलाली
विकास के पथ पर बढ़ती धामी की किचन टीम
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के दिल अजीज मुख्यमंत्री के कार्यकाल में मीडिया को कुछ भी लिखने की आजादी है और उन्होंने कभी भी किसी मीडियाकर्मी के खिलाफ अपने अब तक के शासनकाल में द्वेष भावना से कोई काम नहीं किया लेकिन इसके बावजूद भी कुछ राजनेता, अफसर और कुछ कलमवीर मुख्यमंत्री की धाकड़ राजनीति को पचा नहीं पा रहे हैं और वह एक साजिश के तहत मुख्यमंत्री को अस्थिर करने के लिए कोई न कोई ऐसा अफवाहों का बाजार सजा रहे हैं जिससे कि राज्य के अन्दर अस्थिरता का भोपू बजाया जा सके। सीएम की पारदर्शी शैली से दलाली का खेल वर्षों तक खेलने वाले काफी कलमवीरों की जब दुकान बंद होने लगी तो उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ एक बडी साजिश रचने का चक्रव्यूह रचना शुरू कर रखा है और वह राज्य से लेकर दिल्ली तक सरकार को अस्थिर करने के लिए जो साजिश का चक्रव्यूह रच रहे हैं वह अब कहीं न कहीं खुफिया एजेंसियों को भी दिखाई देने लगा है? मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम विकास के पथ पर आगे बढ रही है और वह उत्तराखण्ड को एक नई उडान पर ले जाने के लिए सीएम के साथ बेहतर काम कर रहे हैं लेकिन कुछ साजिशकर्ताओं की आंखों में मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम इन दिनों इस कदर खटक रही है कि उनके खिलाफ एक ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है जो राज्यहित के लिए शुभ नहीं है और उसी को लेकर सवाल खडे हो रहे हैं कि अगर मुख्यमंत्री ने कुछ कलमवीरों की दलाली पर अपना हंटर चलाया है तो क्या उन्हें अस्थिर करने के लिए वह अब कुछ राजनेताओं और चंद अफसरों के साथ मिलकर उन्हें एक एजेंडे के तहत बदनाम करने का ठेका लेंगे?
मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी शुरूआती दौर से ही फायर और फलावर के रूप में एक अपनी बडी पहचान बना चुके हैं और उन्होंने अपने शासनकाल में भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के खिलाफ जो खुली जंग का ऐलान कर रखा है उससे भ्रष्टाचारियों और माफियाओं के अन्दर एक बडा खौफ देखने को मिलता आ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में हर उस दलाल की दलाली पर बडी चोट की है जो कुछ पूर्व सरकारों में खुलकर सरकारी कामकाजों में दलाली का खुला खेल खेलकर अपनी तिजोरियां भरा करते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने अपनी किचन टीम के साथ मिलकर उत्तराखण्ड को विकास के पथ पर आगे ले जाने का एक बडा जज्बा दिखा रखा है। मुख्यमंत्री के इस विजन से देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी खूब गदगद हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया जगत को विश्वास दिला रखा है कि वह हमेशा उनके साथ खडे हैं और उनके शासनकाल में उन्हें कभी ऐसा इल्म नहीं होगा कि उन्होंने कोई ऐसी खबर लिखी जिस पर सरकार ने अपनी नाराजगी दिखाने के लिए अपने आपको आगे रखा हो। मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम पारदर्शिता और स्वच्छता के साथ सरकार चलाने के लिए रात-दिन काम कर रहे हैं लेकिन कुछ राजनेता, अफसर और कुछ कलमवीरों ने साजिश के तहत सरकार को अपने निशाने पर लेने का जो ठेका लिया हुआ है वह उत्तराखण्ड के लिए घातक है क्योंकि आवाम यह जानता है कि मुख्यमंत्री और उनकी किचन टीम सिर्फ राज्य के विकास पर ही आगे बढ़ रही है।
उत्तराखण्ड का गठन हुये पच्चीस साल हो गये हैं लेकिन राज्य के काफी राजनेताओं ने अपनी राजनीति को सफल बनाने के लिए कुछ मीडियाकर्मियों के साथ बडा गठजोड किया और इस गठजोड में दर्जनों अफसरों को भी खामोशी के साथ अपने पाले में रखा जिससे कि तीनों का गठजोड़ किसी पर भी भारी पड सके। उत्तराखण्ड के अन्दर वर्षों से भ्रष्टाचार और घोटालों का जो खेल शुरू होता रहा है उस खेल में काफी भ्रष्ट राजनेता और भ्रष्ट अफसरों ने एक साथ आगे आकर दौलत कमाने का जो खुला खेल खेला उस खेल में कुछ मीडियाकर्मियों को भी शामिल किया गया जिससे कि उनके कृत्यों का ढोल मीडिया धरानों में न आ सके। उत्तराखण्ड में कुछ मीडियाकर्मी ऐसे थे जिनके पास राज्य बनने के बाद संदूक हुआ करती थी उन्होंने जब कुछ भ्रष्ट राजनेताओं और भ्रष्ट अफसरों का हमराज बनकर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का जो मिशन शुरू किया उसके चलते वह दिन-रात दौलतमंद होते चले गये और यह दौलत देखकर कोई भी इस बात का अंदाजा लगा सकता है कि यह दौलत मेहनत करके तो कमाई नहीं जा सकती। उत्तराखण्ड में भ्रष्ट राजनेताओं, अफसरों और मीडिया का गठजोड इतना विशाल हो रखा है कि वह किसी को भी अपने भौकाल में लाकर उन्हें यह आभास करा देते हेै कि वह राज्य के अन्दर कितने पॉवरफुल हैं। चंद भ्रष्ट अफसरों ने तो अपने पाले में रहने वाले काफी मीडियाकर्मियों को अपनी आंखों में खटकने वाले कुछ राजनेताओं और कुछ अफसरों को निशाने पर लेने का जो खेल खेला है वह किसी से छुपा नहीं है। इस खेल की गूंज आवाम को समझ न आ रही हो लेकिन राजनीति और अफसरशाही को नजदीक से पहचानने वाले लोग समझ रहे हैं कि राज्य के अन्दर एक कॉकस किस तरह से अपने आपको बलवान मानकर अपने विरोधियों को निशाने पर लेने से नहीं चूक रहा है। उत्तराखण्ड में बडे-बडे भ्रष्टाचार और घोटालों को दबाने के लिए काफी मीडियाकर्मी चंद राजनेताओं और अफसरों के इशारे पर खेल खेलते रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुखिया पुष्कर ंिसह धामी ने राज्य में भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रखी है लेकिन यह भी सच है कि कुछ भ्रष्ट राजनेता, अफसर और मीडियाकर्मी एक ऐसे मिशन पर हमेशा आगे बढे रहते हैं जिससे वह बडे-बडे खेल खेल सकें और अगर उनका कोई अपना भ्रष्टाचार या घोटालों में घिरता हुआ नजर आता है तो उसे बचाने के लिए वह कोई कसर नहीं छोडते जिससे राज्य में अभी भी आवाम के मन में एक शंका है कि कैसे राज्य आदर्श राज्य बन पायेगा जबकि भ्रष्टाचार करने वाले अभी भी किसी न किसी रूप में प्रदेश के अन्दर अपने बडे-बडे खेल खेलने में निपुण हो रखे हैं।

