मुस्कान ने किया खुलासा कि राजीव को मिल रही थी मौत की धमकियां

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पत्रकार को था भयः मुझे उठाकर ले जायेंगे
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। पत्रकारिता करने के अंदाज से पत्रकार राजीव से काफी लोग खफा थे और उसे लगातार मौत की धमकियां मिल रही थी तो वहीं उसे यह भी आतंकित किया जा रहा था कि वह उसे उठाकर ले जायेंगे। यह सनसनीखेज खुलासा मौत की नींद सो चुके पत्रकार की पत्नी ने किया है और कहा है कि उन्होंने कुछ समय पूर्व कुछ वीडियो बनाई थी जिसको लेकर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थी लेकिन यह धमकियां कौन दे रहा था इसके बारे में उसके पति ने उन्हें कभी नहीं बताया और इतना जरूर कहते रहे कि उसे मौत की धमकियां मिल रही हैं और यह भी कहकर आतंकित किया जा रहा है कि वह उसे उठाकर ले जायेंगे इसी के चलते पत्रकार पिछले काफी समय से परेशान था और अब जब झील में उसकी रहस्यमय लाश मिली है तो उससे सवाल खडे हो गये हैं कि आखिरकार राजीव ने किन महकमों की ऐसी वीडियो अपने कैमरे में कैद कर ली थी जिसके चलते कुछ लोग उसकी जान के प्यासे हो रखे थे और यही कारण है कि अब मृतक की पत्नी को पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है और वह इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करके अपने पति की मौत के राज को बेनकाब करने के लिए अपनी मांग उठा रही है।
देहरादून में रहने वाले पत्रकार राजीव प्रताप उत्तरकाशी में पत्रकारिता कर रहे थे और उनके बारे में जो बातें सामने आ रही हैं वह दबंगता के साथ पत्रकारिता करने के लिए हमेशा आगे रहते थे और उसी के चलते वह कई बार कुछ लोगों की आंखों में खटकते थे? 18 सितम्बर की रात राजीव के लिए भयावह रात थी और उस रात उनके साथ आखिरकार किसने ऐसा साजिश का खेल खेला कि उनकी जीवनलीला का द एंड हो गया। दस दिन तक लापता राजीव प्रताप का कुछ पता नहीं चला लेकिन अचानक जब उसकी लाश झील से मिली तो उस लाश को देखकर उसी दिन कई सवाल लोगों के जहन में उठने शुरू हो गये थे। पुलिस इस मौत को एक्सीडेंटल बता रही है तो वहीं उसकी पत्नी और भाई इस मौत को हत्या की आशंका से देख रहे हैं और उनका साफ कहना है कि उन्हें पुलिस की जांच पर कोई भरोसा नहीं है इसलिए मामले की जांच सीबीआई से कराई जाये। पत्रकार के साथ आखिरकार पुलिसकर्मी सोबन की कबसे यारी थी और वह कब-कब एक दूसरे के साथ धूमने के लिए निकलते थे यह एक बडा सवाल अब तेजी के साथ पनप रहा है तो वहीं पत्रकार की पत्नी कहती हैं कि पुलिसकर्मी सोबन के साथ उनके पति की ऐसी कोई यारी नहीं थी कि वह एक दूूसरे के साथ कहीं धूमने जाते हों। पत्रकार की पत्नी ने जिस अंदाज में पुलिसकर्मी की भूमिका को लेकर सवाल दागे हैं वह कई शंकाओं को जन्म दे रहा है और इस मामले में पुलिसकर्मी की एंट्री को लेकर एक बडा सवालांे का पुलिंदा आवाम की जहन में गूंज रहा है?
पत्रकार की पत्नी के गर्भ में सात माह का बच्चा है और अब वह बच्चा जन्म लेने के बाद अपने पिता का चेहरा कभी नहीं देख पायेगा यह भी एक कडवा सच है। उत्तराखण्ड के अन्दर एक दशक के बाद पत्रकार की हुई संदिग्ध मौत ने कई सवालों को जन्म दे दिया है और उन पत्रकारों के मन में भी एक भय जरूर बन गया होगा जो निडरता के साथ पत्रकारिता करने के मिशन में आगे बढे हुये हैं?

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा खत
यशपाल ने कहा पत्रकार की मौत की हो सीबीआई जांच
देहरादून। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उत्तरकाशी के पत्रकार की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि उत्तरकाशी के युवा प्रतिभावान पत्रकार राजीव प्रताप की मृत्यु को उनके परिवार ने षडयंत्र मानते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। सरकार को परिवार की मांग मानते हुए जांच सीबीआई को सौपनी चाहिए। पत्र में लिखा है कि स्वर्गीय राजीव प्रताप 18 सितम्बर की रात में लापता हुये थे और 28 सितम्बर को उनका शव जोशियाडा बैराज के पास मिला। भारतीय जन संचार संस्थान जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के पूर्व छात्र राजीव प्रताप दुरस्त उत्तरकाशी में जन सरोकारों की निर्भीक पत्रकारिता करते थे। हाल ही में उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म दिल्ली उत्तराखण्ड लाइव पर भ्रष्टाचार और सरकारी बदइंतजामी की कुछ खोज परक खबरे की थी। उनके परिवार का आरोप है कि उन्हें कुछ लोगों से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि स्वर्गीय राजीव प्रताप की संदेहास्पद मृत्यु से सिद्ध होता है कि उत्तराखण्ड मे ईमानदार और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले पत्रकार सुरक्षित नहीं है। स्वर्गीय राजीव के साथ हुआ पूरा घटनाक्रम ऐसे ही षडयंत्र की ओर इशारा करता है। पत्र में कहा गया कि स्वर्गीय राजीव प्रताप की मृत्यु की अविलम्ब निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए और पीडित परिवार को बिना देरी न्याय मिलना चाहिए। यशपाल आर्य ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वह राजीव प्रताप के अग्रह को स्वीकार करते हुए उनकी मृत्यु की जांच सीबीआई से करायें।

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