डीएम व एसएसपी के सामने लगे सीबीआई जांच के नारे

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हमारे भाई बहिन व परिवार के लोग भी कर रहे नौकरी के लिए संघर्षः सविन बंसल
जब हम भी युवा थे तो खूब करते थे नारेबाजीः अजय सिंह
नगर संवाददाता
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अधीन कराये गये पटवारी, वीडिओ, वीपीडीओ के पेपर लीक होने से गुस्साए बेरोजगारों ने पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच कराये जाने, आयोग के अध्यक्ष से इस्तीफा देने व परीक्षा रद्द किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर परेड ग्राउंड के बाहर सड़क पर पांचवें दिन प्रदेश सरकार व आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये और जिलाधिकारी सविन बंसल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह मौके पर पहंुचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बेरोजगार सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग पर अडिग रहे।
यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल व उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार के संयुक्त नेतृत्व में बेरोजगार परेड ग्राउंड के पास सड़क पर पांचवें दिन नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर धरने पर बैठे है वहीं प्रदेश सरकार की ओर से एसआईटी गठन का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि केवल सीबीआई जांच से पेपर लीक प्रकरण की जांच कराई जाए। इस दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युश सिंह मौके पर पहंुचे।
डीएम सविन बंसल ने प्रदर्शनकारी बेरोजगारों को संबोधित करते हुए कहा कि वह बेरोजगारों के शांतिपूर्ण आंदोलन व संयम के लिए आभार व्यक्त करते है और वह बेरोजगारों के संवेदनाओं से परिचित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार भी इस मामले मंे गंभीर है। उन्होंने कहा कि एक परीक्षा केन्द्र से पेपर बाहर आया और उसके आधार जो कार्रवाई हुई और जो ड्यूटी पर थे उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है और निलंबित किया गया है।
उन्होंने कहा कि पूरी चेन को न्यूटिलाइज कर लिया गया है और सरकार ने सभी बिन्दुओं को ध्यान में रखते एसआईटी का गठन रिटायर्ड जज वी के वर्मा की निगरानी में जांच की जाएगी और यह जांच एक सेंटर के लिए नहीं है बल्कि प्रदेश के सभी सेंटरों के लिए है जहां जहां परीक्षाएं संपन्न हुई है और सरकार ने पारदर्शी तरीके से 25 हजार नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की गई है और वह स्वयं भी स्नातक करने के बाद बेरोजगार रहे और फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत कर परीक्षाएं पास की और आज इस पद पर पहंुचे है।
उन्होंने कहा कि बाद में एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं होंगें तो आंदोलन करने के लिए स्वतंत्र है और लोकतंत्र में आंदोलन करना सभी का अधिकार है और उन्होंने कहा कि सरकार व प्रशासन जांच से पीछे नहीं हट रहे है और हमें डेमोग्राफी का पालन करना जरूरी है और युवाओं को अपना भविष्य खराब नहीं करना चाहिए और अपने लक्ष्य तक एक न एक दिन जरूर पहंुचेंगें। प्रदेश में नकल विरोधी कानून लागू है और उसमें कई सख्त प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी विश्वसनीयता से होगी।
उन्होंने कहा कि आयोग और अधिकारियों पर प्रश्नचिन्ह लग गया है और एसआईटी ने 2016 में दो भाईयों ने एक परीक्षा में टॉप किया और एसआईटी ने क्या किया। 2020 में फॉरेस्ट गार्ड का पेपर होता है और वह भी लीक हो जाता है इसके लिए वह बारह घंटे पानी की टंके पर चढ़े और जेल गए और हर बार एसआईटी गठित होती है लेकिन नतीजा शून्य ही निकलता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है उसे भी पुलिस पर विश्वास नहीं किया गया और सिस्टम के प्रति भी विश्वास नहीं था।
उन्होंने कहा कि फेस बुक पर पोस्ट डालने से पहले आयोग के अध्यक्ष जी एस मार्तोलिया को फोन किया गया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और जब पेपर को पोस्ट कर दिया गया तब उनका फोन आया। उन्होंने कहा कि आयोग के अधिकारियों पर शिकंजा कसने की जरूरत है और उन्होंने कहा कि अगर किसी और पर शिकंजा कसना है तो उसकी बॉबी पंवार से शुरूआत की जाए वह तैयार है और वह हर जांच के लिए तैयार है। मोर्चा के उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने कहा है कि कई परीक्षा केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरों को बंद रखा गया या कागज व पन्नी चिपका दी गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने स्कूल के प्रबंध तंत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की और पुलिस ने मुकदमा नहीं किया यह भी जांच का विषय है।
उन्हांेने कहा कि परीक्षा केन्द्रों पर आयोग के कैमरे ही काम करते है और यह देखा जा सकता है कि जो स्कूलों में कैमरे लगे थे वह ठीक थे या नहीं। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा है कि नकल कमरे में होती है और जो कैमरे लगाए गये थे वह मुख्य प्रवेश द्वार पर और जहां पर पेपर रखे गये थे वहां पर लगाए गये थे कमरों में तो कोई भी कैमरे नहीं लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा को रद्द कराकर नई तिथि घोषित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले से संबंधित दस से बारह बिन्दु गृह सचिव व एसएसपी को दिए गए है और इस परीक्षा में बड़ी अनियमितताए हुई है। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान धरने व प्रदर्शन करने वालों में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल, सुरेश सिंह, त्रिभुवन चौहान, संजेंद्र कठैत, जसपाल चौहान, विशाल चौहान, बिट्टू वर्मा, सुनील, अखिल तोमर, कपिल कुमार, पुष्पा रावत, सीमा, पूजा, आरती, खुशी, संजय कुमार, प्रेम सिंह, आदि बेरोजगार शामिल रहे।

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