बॉबी के साथ खड़ा बेरोजगारों का हुजूम

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देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अधीन कराये गये पटवारी, वीडिओ, वीपीडीओ के पेपर लीक होने से गुस्साये बेरोजगारों का हूजम उत्तराखंड बेरोजगार संघ के पूर्व अध्यक्ष व उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार के साथ खड़े होकर सड़कों पर उतर आया है और इस पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी के बीच प्रदर्शन कर धरना दिया और भारी पुलिस बल ने सभी प्रदर्शनकारियों को परेड ग्राउंड के बाहर घेरे रखा और सचिवालय कूच नहीं करने दिया। यहां उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल व उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार के संयुक्त नेतृत्व में बेरोजगार परेड ग्राउंड के पास इकटठा हुए और जोरदार नारेबाजी के बीच सचिवालय कूच करने को आगे बढ़े तो पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर घेराबंदी करते हुए सभी को रोक और इस बीच पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक, धक्का मुक्की व जमकर हंगामा हुआ और सभी वहीं परेड ग्राउंड के बाहर सड़क पर घंटों धरने पर बैठे रहे।
इस अवसर पर उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा के अध्यक्ष बॉबी पंवार ने सभा को संबोधित करते हुए यदि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच नहीं कराई तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीते रोज एसओजी ने उन्हें पूछताछ के लिए अकारण ही हिरासत में लिया। पंवार ने कहा कि जब पेपर शुरू होने के आधे घंटे बाद पेपर लीक हो जाता है और आज सोशल मीडिया का जमाना है तो अगर उन्होंने उन पेपरों को सोशल मीडिया में पोस्ट कर जनता व बेरोजगारों को जगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने नकल माफियाओं पर रोक लगाने के लिए नकल विरोधी कानून को लागू किया जो पूरी तरह से फेल हो गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक प्रकरण में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के अधिकारियों की संलिप्तता है और उनकी भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि पिछली बार तो आयोग के अधिकारी बच गये थे लेकिन इस बार सघनता से जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लगातार बेरोजगार युवाओं के साथ छल कर रहे है और सेंटरों से पेपर बाहर लाकर लीक कर रहे है और उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री युवाओं के हितैषी है तो तत्काल इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराएं और परीक्षाएं बीते दिन हुई उसे तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि बेरोजगारों, छात्रों की आवाज को दबाने के लिए धारा 163 को लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि अब उत्तराखंड में इस धारा की जरूरत नहीं है बल्कि अब जनता की धारा लागू होगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि पेपर लीक में सरकार, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और सुरक्षा में लगे हुए कर्मचारी मिले हुए है और आयोग के अध्यक्ष जी एस मार्तोलिया कह रहे है कि पेपर लीक नहीं हुआ है और उन्होंने आयोग अध्यक्ष से पूछा है कि आखिर पेपर लीक की परिभाषा क्या है, आयोग के अध्यक्ष बेरोजगारों को बताएं। इस दौरान बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा है कि जो दो नकल माफियाओं हाकम सिंह व पंकज गौड को गिरफ्तार कराने में एक माह से संघ की टीम काम कर रही थी और आयोग के सचिव को अवगत कराया गया था कि हरिद्वार में गैंग काम कर रहा है लेकिन आयोग के सचिव ने किसी भी प्रकार का कोई संज्ञान नहीं लिया। संघ के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि पूर्व में भी पेपर लीक के तमाम सबूत आयोग एवं एसटीएफ को दिए गए लेकिन कोई भी सक्रिय नहीं हुए और लगातार गलत चीजे सामने आ रही है और टीम के सदस्यों ने लक्सर में पूरी रात बिताई और रिक्शा में सोये।
उन्होंने कहा कि एसटीएफ के कार्यालय में दो तीन घंटे तक डटे रहे तब जाकर यह दो गिरफ्तारियां हुई और यह माफिया पन्द्रह लाख में नौकरियां बेच रहे है और पेपर पास करने की गारंटी दे रहे है, यह बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा नहीं तो और क्या है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में एसटीएफ ने पूरा साथ दिया लेकिन प्रदेश में पेपर लीक की इस घटना ने एक बार फिर से राज्यवासियों को हिलाकर रख दिया है। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त करते हुए पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है और कहा है कि जल्द ही सीबीआई जांच नहीं की गई तो बेरोजगार युवा चुप नहीं बैठेगा और अपने संघर्ष को जारी रखेगा। इस दौरान बेरोजगार संघ के सचिवालय कूच को उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति, गौरव सैनानी पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस अवसर पर सचिवालय कूच करने वालों में संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल, महासचिव कपिल, उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, संगठन सचिव जे पी ध्यानी, प्रदेश प्रवक्ता नितिन बुड़ाकोटी, प्रदेश सह संयोजक जसपाल चौहान, विशाल चौहान, बिट्टू वर्मा, अशोक कुमार, अमन दास, हिमांशु मेहरा, त्रिभुवन चौहान, शंकर सिंह रावत सहित अनेकों बेरोजगार युवा शामिल रहे।

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