सरकार को बदनाम करने की साजिश
साजिशकर्ताओं की आंखो में खटकते धामी
महिला के कथन से साजिश से उठता पर्दा!
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्दर सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर नकल माफियाओं की नाक में जबसे नकेल डाल रखी है तबसे राज्य के अन्दर नकल का सारा खेल खत्म हो चुका है और लम्बे समय से कभी किसी भी परीक्षा में पेपर लीक का सवाल ही नहीं उठा लेकिन बीते रोज अचानक सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने का फर्जी भोपू बजाकर सरकार को बदनाम करने की साजिश करने का जो शोर मचाया गया उससे सवाल खडे हुये कि आखिरकार वो कौन चेहरे हैं जिनकी नजरों में मुख्यमंत्री तेजी के साथ खटक रहे हैं और उसी के चलते पेपर लीक का भोपू बजाकर यह दिखाने की साजिश रची गई कि उत्तराखण्ड में अभी भी पेपर लीक कराकर नकल माफिया अपना शातिराना खेल खेल रहे हैं। सरकार से लेकर सिस्टम के सभी अफसर इस फर्जी पेपर लीक को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं और मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर ने भी दो टूक संदेश दे दिया है कि जल्द ही इस मामले से पर्दा उठ जायेगा कि पेपर लीक हुआ था या फिर एक साजिश के तहत सरकार को बदनाम करने का तानाबाना बुना गया था।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नकल विरोधी कानून का डंका लम्बे समय से देश भर में बज रहा है और यही कारण है कि राज्य के युवाओं के मन में एक आशा की किरण जाग चुकी है कि अब उत्तराखण्ड के अन्दर नकल माफियाओं का खेल खत्म हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हमेशा सभी जनपदों के पुलिस कप्तानों को अलर्ट किया हुआ है कि जब भी राज्य के अन्दर कोई परीक्षा हो तो उस परीक्षा पर पैनी नजर रखी जाये और परीक्षा सेंटरों के आसपास एसओजी और साइबर की टीम वहां अलर्ट मोड में रहे जिससे कि कोई भी नकल माफिया नकल कराने का दुसाहस न कर पाये। बीते रोज उत्तराखण्ड के अन्दर राज्य स्तरीय परीक्षा का आयोजन हुआ और उसको देखते हुए सभी जनपदों की पुलिस कप्तान अलर्ट नजर आये और वह परीक्षा केन्द्रों पर खुद मोर्चा भी संभाले हुये थे लेकिन अचानक बॉबी पंवार ने सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने का अचानक भोपू बजा दिया जिससे उत्तराखण्ड के अन्दर एकाएक बडी हलचल मच गई कि आखिरकार नकल माफियाओं में इतना साहस कैसे हो गया कि वह पेपर लीक कराने के खेल में सफल हो गये?
पेपर लीक का शोर सोशल मीडिया पर जब मचने लगा तो आयोग के अध्यक्ष से लेकर जनपद के पुलिस कप्तान भी मैदान में कूद पडे और उन्होंने इस कथित पेपर लीक को लेकर दो टूक संदेश दिया कि कोई पेपर लीक नहीं हुआ है और यह एक बडी साजिश नजर आ रही है। पेपर लीक की आड में कहीं न कहीं सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को अपनी रडार पर लेने की साजिश रची गई जिसके चलते यह भोपू बजा दिया जाये कि उत्तराखण्ड के अन्दर आज भी पेपर लीक हो रहा है जबकि राज्य के अन्दर सख्त नकल विरोधी कानून बनाया गया है। मुख्यमंत्री के शासनकाल में एक बार भी पेपर लीक नहीं हुआ लेकिन पिछले कुछ समय से कुछ साजिशकर्ता मुख्यमंत्री के खिलाफ पर्दे के पीछे रहकर साजिशों का खेल खेल रहे हैं उसकी गूंज दिल्ली तक सुनाई दे रही है। अब एक महिला ने इस बात का खुलासा किया है कि जब उसके पास तीन पेज आये और उसे जब उसने जूम किया तो उसे यह फर्जी दिखाई दिये जिसके बाद उसने इसकी शिकायत थाने में जाकर करने को कहा तो उसे बॉबी पंवार ने थाने में जाने से मना किया और उससे पेपर के स्क्रीन शॉट लिये और चार बजे तक इंतजार करने को कहा। महिला का यह कथन बॉबी पंवार को अब कटघरे में लाकर खडा कर गया और उससे यह शंका उभर रही है कि कहीं बॉबी पंवार ने सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को बदनाम करने के लिए पेपर लीक होने की साजिश रचकर एक बडा बवंडर तो नहीं रचा था? महिला का कथन अब यह इशारा कर रहा है कि यह पेपर लीक नहीं बल्कि एक साजिश है जिसे बडे नाटकीय ढंग से रचा गया और अब पुलिस कभी भी इस साजिश के खिलाडियों के चेहरे को बेनकाब करने के लिए उन्हें अपने शिकंजे में ले सकती है।

